UP में आस्था के साथ विकास: तामेश्वरनाथ-बैजूनाथ धाम में काशी-अयोध्या की तरह भव्य कॉरिडोर, CM योगी ने किया ₹475 करोड़ की परियोजनाओं का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश सरकार धार्मिक स्थलों के संरक्षण और उन्हें विकास के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने संत कबीर नगर दौरे के दौरान घोषणा की कि जिस तरह अयोध्या, काशी और विंध्याचल में धार्मिक परिसरों का पुनर्विकास किया गया, उसी तरह तामेश्वरनाथ धाम को भी भव्य स्वरूप दिया जाएगा।

तामेश्वरनाथ धाम और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा

सरकार यहाँ कॉरिडोर विकसित करने की योजना पर काम करेगी, जिससे क्षेत्र को नई पहचान मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

कुआनो नदी तट स्थित श्री बैजूनाथ धाम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि तामेश्वरनाथ धाम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण केवल आस्था से जुड़ा कदम नहीं है, बल्कि उन सांस्कृतिक विरासतों के प्रति सम्मान भी है जिन्हें पूर्वजों ने स्थापित किया।

प्रस्तावित कॉरिडोर के जरिए श्रद्धालुओं के लिए सड़क, पार्किंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और अन्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय व्यापार व रोजगार को नई गति मिलेगी।

475 करोड़ की परियोजनाएँ और पूर्वांचल में विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने संत कबीर नगर और गोरखपुर क्षेत्र में 475 करोड़ रुपए से अधिक की 139 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें धनघटा और खजनी क्षेत्रों के विकास कार्य प्रमुख रहे। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और सड़क संपर्क के विस्तार ने कभी पिछड़े माने जाने वाले इलाकों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा है।

औद्योगिक गतिविधियों और शिक्षा संस्थानों के विस्तार से युवाओं को नए अवसर मिल रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत प्रदेश के 6.18 लाख नए पात्र परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं।

साथ ही बखिरा झील को इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने और शिक्षा-स्वास्थ्य ढाँचे को मजबूत करने की योजनाओं का भी उल्लेख किया। अपने संबोधन में उन्होंने आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और प्रदेश की विकास यात्रा में जनता से सहयोग की अपील की।