अभिषेक बनर्जी ने मुफ्त स्वास्थ्य सेवा के लिए लगाया था जो सेवाश्रय शिविर, वहाँ इलाज से काटना पड़ गया महिला का पैर: पीड़िता ने दर्ज कराई FIR, जानिए क्या है पूरा मामला

टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक और FIR दर्ज की गई है। अब एक महिला मालती बिस्वास ने रवींद्रनगर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया है कि ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर में इलाज के दौरान लापरवाही की गई, जिसकी वजह से उसका एक पैर काटना पड़ा। उसने यह भी हा कि उसने बार-बार शिकायत दर्ज करने की कोशिश की, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। महिला के मुताबिक, सेवा आश्रय में उसे दवा लेने को कहा गया। फरवरी 2025 से 2 महीने तक उसने दवा ली, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। जब दवा से दर्द कम नहीं हुआ, तो उन्हें सरकारी अस्पताल जाने की सलाह दी गई और सरकारी अस्पताल में सर्जरी के बाद उनका दाहिना पैर काट दिया गया।

मालती बिस्वास के परिवार को अब सारे दस्तावेज के साथ हेल्थ सेंटर बुलाया गया है। मालती बिस्वास के बेटे ने कहा, “ऑपरेशन वाले दिन, उनके पैर की नसें कट गईं। 9 दिन बाद पता चला, फिर वह सड़ने लगी। हालत ऐसी थी कि उसकी माँ का पैर जबरदस्ती काटना पड़ा। मेरी माँ एक हेल्दी इंसान थीं। उनके घुटने में दर्द था। उस दर्द से राहत पाने के लिए वह वेलफेयर सेंटर के गलत कैंप में चली गईं। नतीजा हुआ कि डॉक्टरों ने गलत इलाज कर दिया और गलत दवा दे दी। इसकी वजह से माँ को जिंदगी भर के लिए पैरालाइज्ड होना पड़ा।”

बेटे ने कहा कि सरकारी डॉक्टरों ने जाँच के बाद बताया कि उनके दाहिने पैर को इतना ज्यादा नुकसान हो चुका है कि उसे बचाया नहीं जा सकता। इसके बाद पैर काटने के अलावा कोई चारा नहीं रह गया

पुलिस के मुताबिक, सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर के मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ ये एफआईआर दर्ज हुआ है। दरअसल अभिषेक बनर्जी ने ही सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर के आयोजन की शुरुआत की थी। इसका मकसद आम लोगों को फ्री स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध करना था। लेकिन घोर लापरवाही का ये शिकार हो गई।

इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले में 300 करोड़ रुपये की अवैध मिट्टी कटाई और चक्रवात अम्फान के दौरान राहत सामग्री वितरण में 250 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोप में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज जा चुकी है।