गाजियाबाद में 7 साल की बच्ची के हत्यारे शाहबुद्दीन ने 3 घंटे की थी दरिंदगी, मासूम चीखी तो लोहे की रॉड से वार कर ली जान: साथी विनय भी गिरफ्तार, स्पीडी ट्रायल की तैयारी

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सात साल की बच्ची के साथ हुए रेप और हत्या के मामले में पुलिस ने शाहबुद्दीन और विनय को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि जब बच्ची ने खुद को बचाने के लिए शोर मचाया, तो मुख्य आरोपित शाहबुद्दीन ने लोहे की रॉड से उसके सिर पर जोरदार वार करके उसकी जान ले ली थी।

इस जघन्य वारदात को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की तैयारी में जुट गई है।

शोर मचाने पर सिर पर किया रॉड से हमला

पुलिस जाँच और पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपित बच्ची को फुसलाकर निर्माणाधीन मॉल की तीसरी मंजिल पर ले गए थे। वहाँ पहले बिहार के खगड़िया के रहने वाले 25 वर्षीय आरोपित शाहबुद्दीन ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद बिहार के ही बेतिया के रहने वाले दूसरे आरोपित 18 वर्षीय विनय कुमार ने भी बच्ची के साथ हैवानियत की।

इस दौरान जब मासूम ने खुद को उनके चंगुल से छुड़ाने के लिए शोर मचाया और चीखने-चिल्लाने लगी, तो विनय ने उसका मुंह दबा दिया। इसी बीच शाहबुद्दीन ने पास में पड़ी लोहे की एक भारी रॉड उठाई और पूरी ताकत से बच्ची के सिर पर दे मारी। वार इतना जोरदार था कि बच्ची का सिर फट गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गैंगरेप की पुष्टी हुई है और सामने आया है कि आरोपितों ने करीब तीन घंटे तक मासूम से साथ दरिंदगी की। इसके बाद आरोपितों ने उसके अचेत शरीर को सीढ़ियों के पास खाली जगह से नीचे फेंक दिया। छत से फेंकने की वजह से उसके सिर की 17 हड्डियाँ टूट गई थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपित रात करीब पौने आठ बजे मासूम को लेकर निर्माणाधीन मॉल परिसर में ले जाते हुए नजर आए। इसके बाद रात में करीब 11 बजे एक मॉल से बाहर निकलता दिखाई दिए। शाहबुद्दीन बिहार के खगड़िया जिला अंतर्गत गोगरी थाना क्षेत्र के रामपुर गाँव का रहने वाला है और इससे पहले भी वह मोबाइल चोरी के एक मामले में जेल जा चुका है।

गंभीर धाराओं मे दर्ज हुआ मुकदमा, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा केस

पुलिस के मुताबिक, मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फोरेंसिक और तकनीकी साक्ष्य सुरक्षित कर लिए गए हैं। जाँच टीम ने आरोपितों के साथ बच्ची के जाने की सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले रक्त के नमूने, पीड़िता और आरोपितों के कपड़े, कपड़ों पर पाए गए जैविक साक्ष्य, वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड को अहम सबूत के तौर पर जब्त किया है।

इन सभी साक्ष्यों की वैज्ञानिक जाँच कराई जा रही है और उनकी रिपोर्ट चार्जशीट का महत्वपूर्ण हिस्सा होगी। पुलिस का कहना है कि जाँच तय समयसीमा के भीतर पूरी कर लगभग 20 दिनों में चार्जशीट अदालत में पेश करने का लक्ष्य रखा गया है। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का प्रयास किया जाएगा, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके।

पुलिस ने शाहबुद्दीन विनय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा आरोपितों पर पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(जी), 5(ई), 5(आर) तथा धारा 6 के तहत भी केस दर्ज किया गया है। इनमें से कई धाराओं में दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास से लेकर मृत्युदंड तक का प्रावधान है।