सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स से पहचान बनाने वाला तथाकथित फैक्टचेकर मोहम्मद जुबैर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 20 जुलाई 2026 के ‘संसद मार्च’ में भी जमकर भ्रम फैलाया। जुबैर ने प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों के घायल होने के खबरों को खारिज किया। जुबैर ने दावा किया कि इसके कोई सबूत नहीं हैं कि प्रदर्शनकारियों ने जवानों पर पत्थरबाजी की है।
ऐसा दावा करते हुए एक्स पर जुबैर ने लिखा, “@AmanChopra_ जैसे चाटुकार यह झूठी खबर फैला रहे हैं कि प्रदर्शनकारियों की पत्थरबाज़ी में @DelhiPolice के कई जवान घायल हो गए। इसका कोई सबूत नहीं है!”
These Chatukaar reports like @AmanChopra_ are spreading fake News that seveal @DelhiPolice personnels were injured by stone pelting by the Protestors.
— Mohammed Zubair (@zoo_bear) July 20, 2026
Zero Proof! https://t.co/R8MqTHdrEF
हालाँकि, जुबैर का यह दावा न्यूज एजेंसियों द्वारा प्रदर्शन से ली गई तस्वीरों से उलट है। प्रदर्शन से सामने आईं फोटो और वीडियो में दिल्ली पुलिस के जवानों को घायल और इळाज करवाते हुए देखा जा सकता है। एक मामले में तो एक घायल अधिकारी कैमरे पर साफ तौर पर यह कहते हुए भी दिख रहा है कि उसे भीड़ द्वारा फेंके गए पत्थर लगे थे। इन घायल जवानों से मिलने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार भी अस्पताल पहुँचे थे। दिल्ली पुलिस ने जवानों के घायल होने का आँकड़ा 118 बताया है।
मोहम्मद जुबैर के दावों को खारिज करने वाली पुलिस पर हिंसा की 4 तस्वीरें
मोहम्मद जुबैर के दावे को खारिज करते हुए वैसे तो सोशल मीडिया पर ऐसे कई तस्वीरों की भरमार है, जिनमें सुरक्षाकर्मियों पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ हमला कर रही है या किसी तस्वीर में कोई जवान घायल दिख रहा, किसी के सिर से खून बह रहा है, लेकिन हम केवल 4 ऐसी तस्वीरों से जुबैर के ‘फैक्टचेक’ का भाँडा फोड़ेंगे।

शायद जुबैर के दावों को सबसे साफ तरीके से खारिज करने के लिए ANI की इन वीडियो से मिलता है। इसमें दिल्ली पुलिस का एक सब-इंस्पेक्टर CATS एम्बुलेंस के पास खड़ा दिखाई दे रहा है और अपनी घायल आँख पर कपड़ा दबाए हुए है।
Delhi Police force soldiers injured in stone pelting
— Lala (@FabulasGuy) July 20, 2026
They said, We were standing near barricades, stone was pelted by protesters
And shameless AAP leaders are lying that no stone was hurled. pic.twitter.com/h2W9uN8BxZ
दिल्ली पुलिस द्वारा शेयर की गई इन तस्वीरों से पता चलता है कि प्रदर्शनों के दौरान हुई पत्थरबाजी में बड़े रैंक के अधिकारियों समेत 118 सुरक्षाकर्मियों से अधिक घायल हुए हैं। इन घायलों से मिलने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार खुद अस्पताल पहुँचे थे।
🚨आज हुए उग्र प्रदर्शन के दौरान ड्यूटी पर तैनात दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त, संयुक्त आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त और उपायुक्त रैंक के अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस और केन्द्रीय पुलिस बलों के कुल 118 पुलिसकर्मियों से अधिक को चोटें आई, @CPDelhi श्री अनुराग कुमार ने अस्पताल जाकर घायल… pic.twitter.com/SGpiONjbd7
— Delhi Police (@DelhiPolice) July 20, 2026
जब पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उन्हें चोट कैसी लगी, तो अधिकारी ने जवाब दिया, “पत्थर लगा, पत्थर-पत्थर (मुझे पत्थर लगे)” और बताया कि वह और उनके साथी बैरिकेड के पास तैनात थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने सामने से पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।
IANS की एक और तस्वीर में सुरक्षाकर्मी और मेडिकल स्टाफ़ दिल्ली पुलिस के एक घायल अधिकारी को इलाज के लिए गाड़ी में ले जाते हुए दिख रहे हैं, जिससे झड़प के दौरान लगी चोटों की गंभीरता का पता चलता है।
Delhi: A police officer injured during the CJP protest has been admitted to RML Hospital. More details are awaited. pic.twitter.com/Nx4IMpwZkm
— IANS (@ians_india) July 20, 2026
ANI की एक और तस्वीर में दिल्ली पुलिस का एक अधिकारी विरोध-प्रदर्शन वाली जगह पर चलता हुआ दिख रहा है, जिसकी यूनिफॉर्म की शर्ट के सामने वाले हिस्से पर खून के साफ़ धब्बे लगे हैं। यह उन दावों को और गलत साबित करता है कि कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ था।

