‘घोर पाप, दोषियों को मिलेगी कड़ी सजा’: NEET मामले पर NDA की संसदीय दल की बैठक में बोले PM मोदी, बताया- पेपर लीक के बाद तुरंत हुई थी कार्रवाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में नीट पेपर लीक को ‘घोर पाप’ और राष्ट्रीय चिंता का विषय बताया। मंगलवार (21 जुलाई 2026) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

परीक्षाओं की निष्पक्षता पर जोर देते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराया गया। जरूरी कदम उठाए गए और जरूरत महसूस हुई तो दोबारा परीक्षा कराया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकारों को मिलकर काम करना होगा ताकि कोई भी पेपर लीक न हो। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने NDA संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक के बाद प्रधानमंत्री के इन बयानों की जानकारी दी

रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक साफ-सुथरी परीक्षा प्रणाली की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि छात्र देश की प्रतियोगी परीक्षाओं पर भरोसा कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि पेपर लीक की खबरें सामने आने के बाद सरकार ने तुरंत कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप 13 दोषियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कार्रवाई हुई। पीएम मोदी ने आगे कहा कि छात्रों के भविष्य पर कोई असर न पड़े, इसलिए NEET की फिर से परीक्षा जल्दी से जल्दी आयोजित की गई।

प्रधानमंत्री ने सभी दलों से छात्रों के हित में मिलकर काम करने का आह्वान किया। रिजिजू के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने एनडीए के सहयोगी दलों से मानसून सत्र के दौरान विधायी कामकाज में एकजुट रहने की अपील की। ​​उन्होंने विपक्षी दलों से संसद में सहयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि राजनीतिक मतभेद भले ही हों, लेकिन देश के भविष्य और युवाओं के कल्याण के लिए काम करने की जिम्मेदारी हर सांसद की है।

NEET पेपर लीक पर हुए विरोध प्रदर्शन

NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने के मामले ने देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। डॉक्टर बनने की इच्छा रखने वाले 20 लाख से ज्यादा बच्चों ने परीक्षा दी। परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक होने के बाद मई में रद्द कर दी गई। इसके बाद नीट की एक बार फिर पिछले महीने परीक्षा हुई और रिजल्ट आया।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उस व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है जिसे उसने लीक का ‘मास्टरमाइंड’ बताया। एजेंसी ने उसकी पहचान राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) की परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े रसायन विज्ञान के लेक्चरर के रूप में की है। शिक्षा मंत्रालय ने एक वेबसाइट भी शुरू की है जहाँ लोग NEET से संबंधित संदिग्ध दावों, अनधिकृत सामग्री और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की रिपोर्ट कर सकते हैं।

इस बीच मानसून सत्र के पहले दिन भी इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हुए। इससे संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बाधित हुई। संसद के बाहर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को उनकी 21 दिन की भूख हड़ताल के दौरान अस्पताल ले जाने के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गए। उन्होंने अस्पताल से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखी। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के दो नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस दौरान सरकार से अपनी माँगे रखी। पूरी वार्ता के बाद सीजेपी के नेता और सरकार के मंत्री जेपी नड्डा ने ‘सौहार्दपूर्ण’ बताया।