देश की सुरक्षा एजेंसियाँ और पुलिस बल इस समय देशविरोधी ताकतों और आतंकवाद के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए महाअभियान चला रहे हैं। कहीं फंडिंग की जाँच हो रही है, कहीं ट्रेन उड़ाने की साजिशों का खुलासा हो रहा है, तो कहीं आतंकियों को पनाह देने वाले मददगारों को पकड़ा जा रहा है।
कर्नाटक के बेंगलुरु में ED ने आईएसआईएस (ISIS) फंडिंग और सीरिया में भर्ती नेटवर्क के खिलाफ 8 ठिकानों पर छापेमारी की है। उधर, पंजाब की मोगा पुलिस ने 17 आरोपितों को गिरफ्तार कर यात्री ट्रेन उड़ाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में लश्कर और जैश के आतंकियों को पनाह देने वाले मौलवी मोहम्मद रफीक नाइक को पुलिस ने धर दबोचा है।
बेंगलुरु: ED की रेड
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेंगलुरु में 8 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई ISIS मॉड्यूल को मिलने वाली फंडिंग और सीरिया स्थित आतंकी कैंपों में भर्ती से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। जाँच में खुलासा हुआ है कि भारत के अलग-अलग हिस्सों से युवाओं को बहला-फुसलाकर सीरिया भेजा जा रहा था।
इस पूरे नेटवर्क को दो बेंगलुरु बेस्ड संस्थाएँ- ‘इकरा वेलफेयर ट्रस्ट’ और ‘जीएफएम ट्रस्ट’ फंडिंग दे रही थीं। यह मामला साल 2021 में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा दर्ज की गई FIR से शुरू हुआ था। ये ट्रस्ट भर्ती हुए युवाओं के परिवारों को पैसे देते थे और सीरिया में ट्रेनिंग कैंप चलाने के लिए ISIS को फंडिंग भेजते थे। अब ED इन संस्थाओं के डोनर्स और 6 अन्य छोटे संगठनों की जाँच कर रही है।
पंजाब: ट्रेन उड़ाने की साजिश नाकाम
पंजाब में मोगा पुलिस ने आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने आतंकी साजिश का पर्दाफाश करते हुए 17 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से एक IED, विस्फोटक सामग्री, एक इलेक्ट्रॉनिक डिटोनेटर और मैगजीन के साथ 9mm की ग्लॉक पिस्टल बरामद की गई है।
शुरुआती जाँच से पता चला है कि इस पूरी साजिश का ताना-बाना विदेश में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर बुना गया था। गिरफ्तार आरोपितों ने हाल ही में थाना सदर मोगा पर ग्रेनेड से हमला किया था। इतना ही नहीं, वे फिरोजपुर से जम्मू जाने वाली यात्री ट्रेन में यह IED लगाने की खतरनाक योजना बना रहे थे। पुलिस ने बीएनएस (BNS), यूएपीए (UAPA) और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जाँच आगे बढ़ा दी है।
In a major breakthrough, Moga Police has busted a terror conspiracy, arrested 17 accused, and recovered one Improvised Explosive Device (IED), explosive material, an electronic detonator, and one 9mm Glock pistol with a magazine.
— MOGA Police (@MogaPolice) July 21, 2026
Preliminary investigation indicates that the… pic.twitter.com/kYQoEm5mL5
किश्तवाड़: मौलवी निकला आतंकियों का मददगार
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छात्रू इलाके से पुलिस ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ‘सैफुल्ला ग्रुप’ के मुख्य ग्राउंड हैंडलर मोहम्मद रफीक नाइक को गिरफ्तार किया है। डवाथर सिंहपुर का रहने वाला रफीक नाइक कलासोई इलाके की एक मस्जिद में मौलवी के रूप में काम कर रहा था। किश्तवाड़ के SSP नरेश सिंह ने बताया कि रफीक नाइक आतंकी समूह का मुख्य हैंडलर था।
मौलवी ने आतंकी कमांडर सैफुल्ला और उसके साथियों को 2 साल तक छात्रू के जंगलों में पनाह, खाना और जरूरी सामान मुहैया कराया। बाद में सुरक्षा बलों ने इस समूह के सभी सात आतंकियों को ढेर कर दिया था। इस मामले में पुलिस छात्रू थाने में दर्ज FIR नंबर 3 (2026) के तहत कार्रवाई कर रही है।

