कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की तल्ख टिप्पणी के बाद कॉकरोच बिलबिला उठे हैं। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने CJI सूर्यकांत पर विवादित टिप्पणी की है। इससे पहले CJP के प्रदर्शन पर कथित पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से साफ इनकार कर दिया था और CJI सूर्यकांत ने कहा था, “हमारा समय बर्बाद मत करिए, अपना समय भी बर्बाद मत करिए।”
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव दास ने X पर टिप्पणी की है। सौरव ने लिखा, “इतनी बड़ी ताकत वाले पद पर बैठे ऐसे लोग हमारे लोकतंत्र पर धब्बा हैं। हमारा सुप्रीम कोर्ट इससे बेहतर का हकदार है। सूर्यकांत जी को समझना चाहिए कि इतना अहंकार ठीक नहीं है। भारत सरकार को उन्हें सलाह देनी चाहिए।”
Such people in positions of so much power are a blot on our democracy. Our Supreme Court deserves better. Surya Kant ji must realise that so much arrogance is not good. Government of India must counsel him. https://t.co/APlRoPPzpN
— Saurav Das (@SauravDassss) July 22, 2026
सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं और दिल्ली पुलिस उनके खिलाफ बर्बर कार्रवाई कर रही है। CJI ने वकील से कहा, “थैंक यू वेरी मच।” जब वकील ने पुलिस की कथित ज्यादती के वीडियो दिखाने की बात कही तो CJI ने दो टूक जवाब दिया, “हमें वीडियो में कोई रुचि नहीं है। हमारे पास उन्हें देखने का समय नहीं है।”
ऐसा पहली बार नहीं है जब सौरव दास ने अदालत पर इस तरह की टिप्पणी की हो। इससे एक दिन पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने भी इसी मुद्दे पर तत्काल सुनवाई की माँग ठुकरा दी थी। हाई कोर्ट ने कहा था, “कोर्ट को इसमें मत घसीटिए।” तब सौरव दास ने कोर्ट में प्रदर्शन करने की धमकी दी थी।
सौरव दास दिल्ली हाई कोर्ट से जुड़ी इस खबर पर जवाब देते हुए X पर इसे ‘शर्म की बात’ बताते हुए लिखा था, “क्या हमें चीफ जस्टिस की अदालत में भी प्रदर्शन करना पड़ेगा?”
SHAME! SHAME! SHAME!
— Saurav Das (@SauravDassss) July 21, 2026
Will we need to protest at Chief Justice’s Court too!? https://t.co/OK447wZatI
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी का अस्तित्व में आना भी CJI सूर्यकांत की एक टिप्पणी से जुड़ा हुआ है। 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में CJI सूर्यकांत ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि कुछ बेरोजगार युवा सोशल मीडिया और RTI एक्टिविज्म की ओर भटक रहे हैं और ‘कॉकरोच की तरह’ समाज पर बोझ बनते जा रहे हैं। बाद में उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका इशारा फर्जी डिग्री लेकर इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों की ओर था। इसके बाद ही CJP की नींव पड़ी।

