राम मंदिर के CEO की नियुक्ति टली, 9 संतों की धार्मिक समिति मिलकर संभालेगी काम: जानिए ट्रस्ट की बैठक में क्या-क्या हुआ

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर के कामकाज को लेकर दो बड़े फैसले किए हैं। इसमें एक धार्मिक समिति के गठन का फैसला लिया गया है, जिसके 9 सदस्य होंगे। इनमें 5 सदस्य अयोध्या के और 4 बाहर के रखे जाएँगे।

समिति के अध्यक्ष ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि होंगे। समिति के सदस्य के रूप में स्वामी रामानंद दास, महंत राजकुमार दास, स्वामी विश्वप्रसन्न तीर्थ, स्वामी कमलनयन दास, स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती और स्वामी दिनेंद्रदास शामिल हैं।

सीईओ के नाम पर अभी सहमति नहीं बनी है, इसलिए इस पर फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। चंद्रमोहन महाराज अभी कार्यवाहक महासचिव रहेंगे, वहीं प्रवक्ता के तौर पर ट्रस्ट जल्द ही नाम घोषित करेगा ताकि मीडिया से संवाद बना रहे।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट की बैठक 22 जुलाई 2026 को शाम 3 बजे से 5 बजे तक चली। बैठक की अध्यक्षता महंत नृत्य गोपाल दास ने किया। बैठक में चढ़ावे की गिनती और जमा रखने वाले एसबीआई से करार खत्म करने के संकेत भी दिए गए।

बैठक में एसआईटी जाँच, चढ़ावा चोरी, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर भी चर्चा हुई। ट्रस्ट की बैठक में चढ़ावा गिनने वाले कक्ष समेत पूरे मंदिर परिसर के CCTV की सुरक्षा अधिकारियों तक सीधी पहुँच पर संतोष जताया गया। चढ़ावे के सोने-चाँदी की मात्रा और शुद्धता जाँच के लिए RBI की टकसाल के साथ चली आ रही व्यवस्था जारी रखने का फैसला लिया गया।

अगली बैठक 2 सितंबर को होगी। उम्मीद की जा रही है कि इस बैठक में सीईओ के नाम का ऐलान होगा। तब तक समिति ही पूरे कामकाज की निगरानी करेगा। ट्रस्ट ने राम मंदिर चढ़ावा को लेकर दुष्प्रचार के बाद भी मंदिर दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं और साधु संतों के प्रति अपना आभार भी जताया।

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मुद्दे के बाद ट्रस्ट की ये दूसरी बैठक थी। पहली बैठक 6 जुलाई 2026 को हुई थी, जिसमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे को मंजूरी मिली थी। रिटायर इंडियन फॉरेस्ट सर्विस के अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था। ट्रस्ट ने उन सामानों को भी मीडिया के सामने दिखाया था जिसकी चोरी की बात कही जा रही थी। इसमें सोने का रामायण शामिल था।