हेड कान्स्टेबल आशिक के बलिदान के बाद कश्मीर में बड़ा ऑपरेशन, OGW नेटवर्क की कमर तोड़ने निकली सुरक्षा एजेंसियाँ: 2500+ संदिग्ध हिरासत में

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी पर तैनात पुलिस हेड कान्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी के बलिदान के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है। आतंकियों ने लाल चौक पर आशिक कुरैशी को बेहद करीब से गोली मार दी थी और फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। इस घटना के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू करते हुए 2500 से अधिक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और अन्य संदिग्धों को पूछताछ व सत्यापन के लिए हिरासत में लिया है। साथ ही 2 सक्रिय स्थानीय आतंकियों के घर भी ध्वस्त किए गए हैं।

अनंतनाग हमले के बाद घाटी में हाई अलर्ट

बुधवार (22 जुलाई 2026 ) की दोपहर अनंतनाग के लाल चौक इलाके में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा ड्यूटी पर तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल अशिक हुसैन कुरैशी को बेहद करीब से गोली मार दी।

CCTV फुटेज में एक आतंकी को उन पर नजदीक से फायरिंग करते देखा गया। घटना के तुरंत बाद पूरी घाटी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया। श्रीनगर, अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, शोपियाँ, गांदरबल, कुलगाम और पुलवामा समेत कई जिलों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया।

2500 से ज्यादा संदिग्ध हिरासत में, कई जिलों में छापेमारी

खुफिया एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। अधिकारियों के अनुसार श्रीनगर से 700 से अधिक, बडगाम से 200 से ज्यादा, बारामुला से 178 और गांदरबल से 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया।

दक्षिण कश्मीर के अन्य जिलों में भी कार्रवाई की गई, जिससे हिरासत में लिए गए कुल OWG की संख्या 2500 के पार पहुँच गई। पुलिस का कहना है कि सभी लोगों से कानून के तहत पूछताछ की जा रही है ताकि आतंकियों को रसद, ठिकाना, वित्तीय या अन्य सहायता देने वालों की पहचान की जा सके।

हमले के अगले दिन गुरुवार तड़के दक्षिण कश्मीर के हसनपोरा और बिजबेहड़ा क्षेत्रों में सक्रिय बताए जा रहे दो स्थानीय आतंकियों हारून गनी और आदिल अहमद ठोकर के घरों को ध्वस्त कर दिया गया। इससे पहले अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी कई संदिग्ध आतंकियों के मकान गिराए गए थे।

सुरक्षा समीक्षा और राजनीतिक प्रतिक्रिया

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्रीनगर में उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था और अमरनाथ यात्रा की स्थिति की समीक्षा की। वहीं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का भी पालन होना चाहिए।

उन्होंने बिना न्यायिक प्रक्रिया के मकान गिराने और बड़ी संख्या में हिरासतों पर चिंता जताई। PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने भी निर्दोष लोगों की सामूहिक कार्रवाई से बचने की अपील की।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

पुलिस का कहना है कि आतंकवाद समर्थक नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ मिलकर ऐसे खुफिया-आधारित अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

अधिकारियों के अनुसार घाटी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आतंकियों के सहयोगी तंत्र को ध्वस्त करने के लिए निगरानी, चेकिंग और तलाशी अभियान लगातार जारी रहेंगे।