मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में एक स्थानीय यूट्यूबर ने एक मानसिक रूप से अस्वस्थ और दृष्टिहीन ब्राह्मण व्यक्ति की बेबसी का फायदा उठाया। यूट्यूबर ने न सिर्फ व्यक्ति को चिकन खिलाया, बल्कि इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया।
वीडियो सामने आने के बाद व्यक्ति के परिवार और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर परिजनों ने थाने का घेराव किया और आरोपित यूट्यूबर के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ वीडियो को इंटरनेट से हटाने की माँग की है।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
मामला चंदला क्षेत्र के भवानीपुर का है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति मानसिक रूप से अस्वस्थ और दृष्टिहीन है। वह अपने माता-पिता के साथ रहता है। वह बिना बताए घर से निकल गया था और रास्ता भटकते हुए चंदला पहुँच गया।
वहाँ स्थानीय यूट्यूबर भगवानदास अहिरवार ने उसकी लाचारी और शारीरिक स्थिति का फायदा उठाया। आरोप है कि उसने व्यक्ति को चिकन खिलाया और पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जिसके बाद से ही पूरे इलाके का माहौल गरमा गया है और लोगों में नाराजगी है।
परिजनों का आरोप: बेबसी का मजाक बनाना निंदनीय
जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब जाकर पीड़ित के परिजनों को इस बात की भनक लगी। व्यक्ति के परिजनों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि एक असहाय, दृष्टिहीन और मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की लाचारी का इस तरह मजाक उड़ाना बेहद निंदनीय है।
किसी असहाय, पीड़ित, शोषित, मजबूर,की मजबूरी का फायदा उठाना दुनिया का सबसे बड़ा पाप है……
— Shubham Shukla (@Shubhamshuklamp) July 24, 2026
तुलसीदास दुबे दृष्टिहीन और मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं। वो चित्रकूट जा रहे थे प्रभु का आशीर्वाद लेने।भगवानदास अहिरवार ने उन्हें सब्जी बताकर चिकन खिला दिया। उसका वीडियो बनाया और यूट्यूब पर… pic.twitter.com/4XGSFzylsi
परिजनों ने बताया कि जब वे शिकायत लेकर चंदला थाने पहुँचे, तो वहाँ थाना प्रभारी मौजूद नहीं थे। इसके बाद उन्होंने फोन पर TI को पूरे मामले की जानकारी दी और आरोपित के खिलाफ सख्त कदम उठाने की माँग की।
पुलिस का क्या कहना है?
इस पूरे मामले पर छतरपुर के पुलिस ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि लिखित शिकायत के आधार पर तथ्यों की जाँच की जाएगी और जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसके मुताबिक कानून के तहत सख्त कार्रवाई किया जाएगा।

