उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 35 वर्षीय हनीफ मंसूरी को अपनी आठ महीने की गर्भवती बीवी मनीषा मंसूरी की हंसिए से हत्या करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
घटना के बाद आरोपित ने पुलिस को फोन कर दावा किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी बीवी की हत्या कर दी है, लेकिन उसी घर में मौजूद उसके पाँच वर्षीय बेटे ने पुलिस के सामने पूरी घटना बता दी, जिसके बाद मामले का खुलासा हो गया। यह घटना महोबा जिले के पनवाड़ी थाना क्षेत्र के बिजरारी गाँव की है।
पुलिस के अनुसार, हनीफ मंसूरी अपनी बीवी मनीषा, पाँच वर्षीय बेटे फैजान और दो वर्षीय बेटी मुस्कान के साथ गाँव में रहता था। शनिवार (25 जुलाई 2026) की देर रात वह शराब के नशे में घर पहुँचा और किसी बात को लेकर बीवी से बहस करने लगा। जब मनीषा ने विरोध किया तो उसने पास में रखा हंसिया उठाकर बीवी के सिर और गर्दन पर कई वार कर दिए।
गंभीर चोटों के कारण मनीषा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान घर में मौजूद दोनों छोटे बच्चों ने अपनी अम्मी पर हो रहे हमले को अपनी आँखों से देखा।
112 पर फोन कर गुमराह करने की कोशिश, बेटे की गवाही से खुला सच
वारदात के बाद हनीफ ने खुद डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी कि उसकी बीवी की हत्या किसी अज्ञात व्यक्ति ने कर दी है। सूचना मिलने पर पनवाड़ी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुँचे और जाँच शुरू की। शुरुआती पूछताछ में आरोपित लगातार खुद को बेगुनाह बताता रहा, लेकिन उसके बयान बार-बार बदलते रहे।
इसी बीच पाँच वर्षीय बेटे फैजान ने पुलिस को ताया कि उसकी अम्मी पर हमला उसके अब्बू ने ही किया था। बच्चे के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने हनीफ को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसका झूठ सामने आ गया। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दहेज प्रताड़ना और शराब की लत को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
मृतका के भाई रफीक मंसूरी ने आरोप लगाया कि मनीषा का निकाह वर्ष 2021 में हनीफ से हुआ था। निकाह के बाद से ही दहेज की माँग और शराब की लत को लेकर वह लगातार मनीषा के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। उनका कहना है कि शराब की लत पूरी करने के लिए हनीफ ने अपनी चार बीघा जमीन में से करीब ढाई बीघा जमीन भी बेच दी थी।
लगातार उत्पीड़न से परेशान होकर वर्ष 2024 में परिवार ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कराया था, जिसके बाद मनीषा करीब नौ महीने तक मायके में रही। बाद में हनीफ ने सुधार का भरोसा दिया और दोनों परिवारों के बीच समझौता होने पर वह दोबारा ससुराल लौट आई, लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
ग्रामीणों ने भी हनीफ को झगड़ालू व्यक्ति बताया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। कुलपहाड़ के क्षेत्राधिकारी अनुरुद्ध सिंह ने बताया कि फोरेंसिक साक्ष्यों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

