‘माफियाओं की कब्र पर फातिहा पढ़ने वालों ने जातियों में बाँटा’: CM योगी ने सपा-कॉन्ग्रेस पर जमकर साधा निशाना, गाजीपुर को दी ₹692 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार (30 जुलाई 2026) को गाजीपुर जिले के दौरे पर पहुँचे। यहाँ उन्होंने ₹692 करोड़ की लागत वाली 268 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी की पूर्व सरकार और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर अब आध्यात्मिक पर्यटन का क्षेत्र बना है।

सीएम योगी ने कहा कि हर नागरिक को सिर्फ चार जाति को माननी चाहिए। उन्होंने कहा, “सिर्फ चार जाति हैं- गरीब, अन्नदाता किसान, महिलाएँ और युवा, चार जाति के अलावा और कोई जाति नहीं। याद रखना कि जो बाँटने वाले लोग हैं, ये वो हैं जो सालार मसूद गाजी को सम्मानित करते हैं, जो असलाह लहराते हुए दुर्दांत माफियाओं के लिए उनके सामने नाक रगड़ते हुए दिखाई देते थे… ये वही लोग हैं जो माफियाओं की कब्र में जाकर फातिहा पढ़ते हैं…।”

सीएम योगी ने गाजीपुर की पहचान पर बात करते हुए कहा, “याद करिए 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध में अपना शौर्य का परिचय देने वाले | शहीद राम उग्र पांडे भी इसी पावन धरा से थे जिनके शौर्य को देखते हुए मरणोपरांत उन्हें भारतीय सेना के एक महत्त्वपूर्ण सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। श्री कुबेरनाथ राय हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित ललित निबंधकार और विद्वान थे। गोपाल राय, गोपालराम गहमरी, यानी गहमरी बाबू के नाम पर कहते है 200 से अधिक उपन्यास उन्होंने लिखे थे। और अनेक ऐसे विभूतियों को जन्म देने वाला हमारा गाजीपुर जनपद और भाइयों क्यों गुमनाम होता गया?”

उन्होंने आगे कहा, “क्यों इसका नाम डूब गया? क्यों जनपद का नाम लेने से लोग कांपते थे? क्यों आने से डरते थे? पहचान का संकट किसने खड़ा किया? पहचान का संकट खड़ा करने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने किया तो कुछ नहीं लेकिन आपके सामने पहचान का संकट जरूर खड़ा कर दिया।”

मुख्यमंत्री ने सपा कॉन्ग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, ” कॉन्ग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राष्ट्र नायकों का अपमान किया। ये लोग आक्रांता सालार मसूद गाजी का मेला लगवाते थे, हमारी सरकार आई हमने कहा नहीं। सालार मसूद का मेला नहीं लगेगा, मेला लगेगा तो महाराज सुहेलदेव की स्मृति में लगेगा। और आज मुझे प्रसन्नता है बताते हुए बहराइच के उस स्थान पर हम लोगों ने महाराज… सुहेलदेव की भव्य प्रतिमा की स्थापना की है, भव्य प्रतिमा। भव्य स्मारक बनाया है। अब मेला लगता है, नौजवान जाते हैं।”