जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े प्रदर्शन के दौरान अपने साथ यौन उत्पीड़न होने का आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद यशस्विनी राजे सिंह ने कहा है कि वह अब भी इस आंदोलन का समर्थन करती हैं। उनका मानना है कि CJP नई पीढ़ी को राजनीति से जोड़ने में सफल रही है।
अल जजीरा से बातचीत में यशस्विनी राजे सिंह ने कहा कि पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को ‘ऐतिहासिक मोड़’ मानना ‘बहुत ही जल्दबाजी’ होगी। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा ‘जवाबदेही स्वीकार करने और माफी माँगने वाले व्यक्ति के पत्र से ज्यादा एक बलिदानी के पत्र जैसा लगता है’।
उन्होंने CJP के आंदोलन की तारीफ करते हुए कहा, “CJP ने अपने अलग तरह के संदेश, मीम्स और इंस्टाग्राम पर फोकस के जरिए ऐसे लोगों को भी आंदोलन से जोड़ा, जो आमतौर पर राजनीति और ऐसे मुद्दों से दूर रहते थे। यह बहुत अच्छा काम था क्योंकि इंस्टाग्राम पर ही हमें आम लोगों की ओर से प्रदर्शन की सबसे ज्यादा कवरेज देखने को मिली।”
यशस्विनी ने नए शिक्षा मंत्री की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “सच कहूँ तो यह एक बहुत ही खराब मजाक जैसा लगता है।”
अपने परिवार की राजनीतिक पृष्ठभूमि के बावजूद आंदोलन का समर्थन करने पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि वह खुद को पाखंडी नहीं मानतीं। उन्होंने कहा, “मैं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हूँ। मैं अपने हिसाब से जीती हूँ। पिछले साढ़े तीन साल से भारत में हूँ और अकेले ही रह रही हूँ। मैं उस तरह के माहौल का हिस्सा नहीं बनती। मैंने अपने और उस माहौल के बीच एक बहुत बड़ा फासला बना रखा है। इसलिए मैं आज जो कह रही हूँ, वह कह सकती हूँ।”
इससे पहले प्रदर्शन में यौन उत्पीड़न का लगाया था आरोप
इससे पहले पूर्व भाजपा विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्विनी राजे सिंह ने 26 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर बताया था कि 24 जुलाई को जंतर-मंतर पर CJP के प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान उनके साथ यौन उत्पीड़न हुआ था। उन्होंने कहा था कि उनका उद्देश्य आंदोलन को कमजोर करना नहीं बल्कि उसमें मौजूद उस पाखंड को सामने लाना है।
यशस्विनी के अनुसार, यह घटना रात करीब 12:15 बजे हुई जब वह और उनकी बहन मंच की ओर जाने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एक बैरिकेड गिर गया। सुरक्षा को देखते हुए उन्होंने वहाँ से निकलने का फैसला किया।
— Yashaswinee Raje Singh (@ywineethepooh) July 26, 2026
उन्होंने आरोप लगाया कि भीड़ के बीच एक व्यक्ति ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की और जबरन अपना हाथ उनके पैरों के बीच डालने की कोशिश की। इसके बाद उन्होंने उस व्यक्ति को तीन थप्पड़ मारे।
यशस्विनी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन में मौजूद वालंटियर्स ने उनकी कोई मदद नहीं की। उनका कहना था कि मदद करने के बजाय एक वालंटियर उन पर चिल्लाने लगा और पूछा, “आप यहाँ क्यों आ रहे हो?”
जब उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न हो रहा है, तब भी वालंटियर उन पर चिल्लाता रहा। यशस्विनी के अनुसार, एक दूसरे वालंटियर ने इस घटना को हल्के में लेते हुए कहा, “अब ये सब गलती तो होती रहती है। आप उधर चले जाओ।”

