मौलाना जर्जिस अंसारी ने हिंदू देवी-देवताओं पर एक बार फिर अभद्र टिप्पणी की है। मौलाना जर्जिस वही है, जिन्होंने श्रीकृष्ण को 5 वक्त का नमाजी बताया था, अब वही मौलाना भगवान शंकर के खिलाफ अश्लील बयान देने पर उतर आया है। मौलाना का दावा है कि सबसे पहले ‘ भगवान शंकर ने खतना करवाया था, उनका खतना भगवान विष्णु ने किया था।’
किसी जनसभा को संबोधित करते हुए मौलाना जर्जिस ने यह आपत्तिजनक टिप्पणी की है। वायरल वीडियो में मौलाना ने कहा, “शंकर जी का खतना हुआ था। ब्रह्मा जी ने शंकर जी का खतना कराया। आपके यहाँ ब्रह्मा, विष्णु और शिव, तीन लोग हैं न। ब्रह्मा ब्रह्मांड बनाने वाला… विष्णु पालने वाला… शिव मारने वाला… आपके यहाँ खुदा ही अलग-अलग हैं… दुनिया बनाने वाला अलग है, उसको ब्रह्मा कहते हैं, पालने वाला अलग है, उसे विष्णु कहते हैं और मारने वाला अलग है, उसे शिव कहते हैं।”
मौलाना जार्जिस की बदजुबानी पर भड़की भाजपा, प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी बोले मौलाना पर लगे रासुका
— Rakesh Tripathi (@rakeshbjpup) July 31, 2026
"कुछ लोग दंगे भड़काने की नीयत से सावन के पवित्र महीने में ऐसी बदजुबानी कर रहे
सर तन से जुदा नारे लगाने वाले ऐसी भाषा बोल रहे अब इनके खिलाफ क्या कार्रवाई होनी चाहिए" pic.twitter.com/NAOHSkxwBF
वह अश्लील टिप्पणी को आगे जारी रखते हुए कहता है, “अगर ब्रह्मा जी ने शंकर का खतना नहीं किया तो शिवलिंग की पूजा कैसे होती है? शंकर जी का लिंग शंकर जी के साथ था, तो शंकर जी की लिंग की पूजा अलग क्यों करते हो? शिव-लिंग!”
फिर मौलाना ने अपनी बेहुदी कहानी सुनाई, “ब्रह्मा जी ने शंकर को पैदा किया। शंकर जी जब बड़े हुए तो शंकर जी ने ब्रह्मा जी को लिंग नापने की ड्यूटी पर लगा दिया और जब उन्होंने नापना शुरू किया तो 50 हजार साल तक नापते ही चले गए। और वो खत्म होने में ही नहीं आया। ब्रह्मा जी को गुस्सा आ गया।”
कहानी को आगे बढ़ाया, “तो 50 हजार साल तक जो नपा वो तो वहीं रह गया और 50 हजार साल के बाद जो बचा वो ब्रह्मा जी ने अपने दाँत से काटकर थूक दिया… थू… और ऊपर से जो थूका वो पंडित के ऊपर गिर पड़ा… पंडित ने उसे देखकर कहा- ओ जय! ओम नम: शिवाय! उस दिन से शंकर जी के लिंग की पूजा हो रही है।”
यह पहली बार नहीं है जब मौलाना जर्जिस अंसारी ने हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अश्लील टिप्पणी की है। हाल ही में मौलाना जर्जिस अंसारी ने श्रीकृष्ण को लेकर भी मनगढ़ंत कहानी सुनाते हुए कहा था कि ‘श्रीकृष्ण 5 वक्त के नमाजी थे।’

