जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणियों पर पीएम ने शुक्रवार (31 जुलाई 2026) की देर रात इंस्टाग्राम लाइव के जरिए Gen-Z को संबोधित किया। रात करीब 11 बजे प्रसारित वीडियो में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा पर दुख जताया और कहा कि बच्चों को माफ किया जाए, क्योंकि वे भटके हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि समाज में इस घटना को लेकर स्वाभाविक आक्रोश है, लेकिन ऐसे युवाओं को दंडित करने के बजाय सही दिशा दिखाना अधिक आवश्यक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “फ्रेंड्स आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूँ। जंतर मंतर पर जो कुछ भी हुआ देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी भद्दी गालियाँ बोलीं, जो किसी भी सभ्य समाज को शोभा ना दे, ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, मुझे तो गालियाँ दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियाँ दी गईं।”
उन्होने कहा, “न जाने कितना भद्दा स्वरूप था लेकिन, मैं आज बात करना चाहता हूँ कि बचपन में गलतियाँ होती हैं और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है और यही तो बचपना है। इसलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है उसको भली भाँति समझ सकता हूँ। एक कल्चरल शॉक है की हमारी बेटियाँ इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं?”
‘मैं उन्हें माफ करना चाहता हूँ’, समाज से भी की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “उन्हें राह दिखाना हमारा काम है। उनको सजा देना अदालतों के चक्कर कटवाना समाज में उनको प्रताड़ित करना इससे हम परिस्थितियाँ नहीं बदल पाएँगे मैं उन्हें माफ करना चाहता हूँ। समाज भी मेरी इस बात को स्वीकार करें, क्योंकि, मेरे मन में एक ही भाव है कभी कभी दाँतों तले हमारी जीभ आ जाती है खून निकल आता है लेकिन हम दाँत तोड़ते नहीं है क्योंकि दाँत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है।”
उन्होंने अपने संदेश को आगे बढ़ाते हुए कहा, “ये बच्चे भी हमारे है, उन्हें राह दिखाना हमारा काम है, गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है लेकिन कठिन कामों को करना है। इसलिए आओ मैं इन बच्चों को कहता हूँ कि बच्चों आओ हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़े। कुछ नया सीखें। गलतियों से भी सीखें। अपने सपनों को लेकर के चल पड़ें। देश बहुत आगे बढ़ रहा है, आगे बढ़ने वाला है और आपका भी आगे बढ़ना निश्चित हो। यही मेरा सपना है, मैं आपके लिए जीता हूँ, आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूँ। आओ हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाए। बहुत बहुत धन्यवाद दोस्तों। बस आओ गलतियों से सीखो और आगे बढ़ो।”
CJP के प्रदर्शन में पीएम मोदी के खिलाफ किया गया था आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल
यह संदेश ऐसे समय आया है जब 23 जुलाई 2026 को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले नीट पेपर लीक के विरोध में हुए प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में रुचिका सिंह नाम की एक युवती प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ भद्दी गालियों का इस्तेमाल करती दिखाई दी थी।
🚨Zero FIR lodged against girl named Ruchika Singh for abusing PM Modi during CJP protest pic.twitter.com/sE5Q69OvsN
— The Tatva (@thetatvaindia) July 30, 2026
वीडियो वायरल होने के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई की माँग उठी और नोएडा में युवती के खिलाफ जीरो FIR दर्ज की गई। गाजियाबाद की रहने वाली स्मृति सिंह ने रुचिका के खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने रुचिका पर जानबूझकर अपमान करने, सार्वजनिक उपद्रव फैलाने और मानहानि के आरोप में केस दर्ज किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि इस तरह की भाषा प्रधानमंत्री के संवैधानिक पद की गरिमा के विपरीत है और इससे सार्वजनिक शांति तथा सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है।

