आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से एक ऐसा मामला सामने आया, जिस पर शायद किसी को यकीन ना हो। यहाँ एक पूर्व महिला सरपंच को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया था। दुखी परिवार वाले जब उनके शव को एम्बुलेंस से घर ले जा रहे थे। तभी रास्ते में एम्बुलेंस एक गहरे गड्ढे से गुजरी। गड्ढे के जोरदार झटके से महिला की साँसें वापस लौट आईं और उनके शरीर में हलचल होने लगी।
यह पूरी घटना भुजबलपट्टनम गाँव (कैकालुरु मंडल) की है। यहाँ की 48 वर्षीय पूर्व सरपंच गुराजाला रामा तुलसी पिछले कुछ समय से गंभीर किडनी की बीमारी से जूझ रही थीं। तीन दिन पहले तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर परिवार वालों ने उन्हें एलुरु के एक बड़े प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था।
अस्पताल में उन्हें वेंटिलेटर और ICU सपोर्ट पर रखा गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की और CPR भी दिया। लेकिन गुरुवार (30 जुलाई 2026) की सुबह डॉक्टरों ने परिवार को बताया कि रामा तुलसी की धड़कन रुक चुकी है और उन्हें मृत घोषित कर दिया।
रास्ते में हुआ चमत्कार
डॉक्टरों की बात मानकर रोते-बिलखते परिवार वालों ने अंतिम संस्कार की तैयारियाँ शुरू कर दीं। सोशल मीडिया पर शोक संदेश भेजे जाने लगे। परिवार वाले एक प्राइवेट एम्बुलेंस से उनके शव को लेकर गाँव के लिए रवाना हुए।
जब एम्बुलेंस मंडावल्ली मंडल के चिंतापाडु (पुलापसरु) गाँव के पास पहुँची, तो सड़क पर एक बहुत बड़ा और गहरा गड्ढा आया। रफ्तार में होने के कारण एम्बुलेंस को जोरदार झटका लगा। इस झटके के तुरंत बाद, एम्बुलेंस में शव के पास बैठे रिश्तेदारों ने देखा कि रामा तुलसी के शरीर में अचानक हलचल हुई और वे साँस लेने के लिए हांफने लगीं।
गाँव में मातम बदला जश्न में, अस्पताल में इलाज जारी
यह देखते ही एम्बुलेंस में मौजूद लोग हैरान रह गए। उन्होंने तुरंत गाड़ी को पास के एक अस्पताल की तरफ मोड़ दिया। वहाँ डॉक्टरों ने जब जाँच की, तो पाया कि रामा तुलसी की साँसें चल रही थीं, हालाँकि उनकी पल्स बहुत कमजोर थी।
शुरुआती इलाज के बाद उन्हें पहले एलुरु के सरकारी अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए विजयवाड़ा के सरकारी जनरल हॉस्पिटल (GGH) रेफर कर दिया गया।
रामा तुलसी को फिलहाल विजयवाड़ा के अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम उनकी हालत पर नजर बनाए हुए है और उनकी स्थिति अब पहले से स्थिर बताई जा रही है।
दूसरी तरफ गाँव में जो रिश्तेदार और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए रोते हुए शव का इंतजार कर रहे थे, जैसे ही उन्हें इस चमत्कार की खबर मिली, पूरे गाँव में खुशी की लहर दौड़ गई।
इस पूरी घटना पर अभी तक अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति कैसे बनी, इसके लिए पूरी मेडिकल जाँच की जरूरत है। लेकिन इस समय पूरे जिले में यह अनोखी घटना चर्चा का विषय बनी हुई है, जहाँ एक खराब सड़क का गड्ढा किसी के लिए जीवनदान साबित हो गया।

