ट्रंप के ‘सीजफायर’ दावे के बीच गाजा में फिर बरसे इजरायली बम: 4 की मौत, हमास बोला- पहले सेना हटाओ, तभी देंगे हथियार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा में पिछले वर्ष हुए संघर्षविराम समझौते को लागू करने की दिशा में बड़ी प्रगति का दावा किए जाने के बावजूद इजरायल ने रविवार (2 अगस्त 2026) को लगातार दूसरे दिन गाजा पट्टी पर हवाई हमले जारी रखे।

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन हमलों में कम से कम चार की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। इजरायली लड़ाकू विमानों ने गाजा सिटी और मध्य गाजा के दीर अल-बलाह में अलग-अलग स्थानों को निशाना बनाया।

स्वास्थ्य अधिकारियों और चिकित्सकों के मुताबिक, दीर अल-बलाह में एक अपार्टमेंट पर हुए हवाई हमले में एक दंपति की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। वहीं गाजा सिटी में एक अन्य अपार्टमेंट पर हुए हमले में एक बच्चे समेत दो लोगों की जान चली गई।

इन हमलों ने ऐसे समय में तनाव और बढ़ा दिया है, जब अमेरिका की मध्यस्थता में संघर्षविराम समझौते को लागू करने की कोशिशें तेज होने का दावा किया जा रहा है।

संघर्षविराम लागू करने की कोशिशें, लेकिन हथियारों और सैन्य वापसी पर बना गतिरोध

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि गाजा में संघर्षविराम समझौते को लागू करने के प्रयासों में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। उनका कहना था कि अमेरिकी समर्थन वाली पहल के तहत हमास ने अपने हथियार छोड़ने पर सहमति जताई है।

इसके बाद ट्रंप के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ ने संघर्षविराम समझौते को लागू करने के अंतिम चरणों का विवरण देते हुए 15 बिंदुओं वाला एक रोडमैप भी जारी किया। हालाँकि यह रोडमैप अभी तक लागू नहीं हो सका है।

हमास ने स्पष्ट किया है कि वह अपने हथियार केवल सुरक्षित भंडारण के लिए तभी सौंपेगा, जब इजरायल पिछले वर्ष हुए समझौते के अनुरूप अपने सैन्य अभियान बंद करेगा और गाजा से अपनी सेना वापस बुलाएगा।

दूसरी ओर एक इजरायली अधिकारी ने रॉयटर्स से कहा कि जब तक हमास का ‘वास्तविक निरस्त्रीकरण’ (Genuine disarmament) नहीं होता, तब तक इजरायल अपनी मौजूदा सैन्य तैनाती से पीछे नहीं हटेगा।

नेतन्याहू की चुप्पी, बेन-गवीर का विरोध और मोहम्मद दहलान का बड़ा दावा

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिकी पहल पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने इस पहल को अस्वीकार्य बताते हुए कहा है कि इजरायल को हमास के नेताओं के खिलाफ लक्षित हमले जारी रखने चाहिए।

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात में रह रहे फतह के पूर्व वरिष्ठ नेता मोहम्मद दहलान ने फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद और इस पहल से जुड़े वरिष्ठ सलाहकार जेरेड कुशनर ने उन्हें बताया है कि वह गाजा पर इजरायली हमले रुकवाने के लिए इजरायली पक्ष के साथ काम कर रहे हैं।

दहलान ने कहा कि अमेरिका के साथ संपर्क लगातार जारी है ताकि संघर्षविराम समझौते को पूरी तरह लागू कराया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल की सफलता अब इस बात पर निर्भर करेगी कि इजरायल गाजा पर अपने दैनिक हमले पूरी तरह बंद करता है या नहीं।