वह रायपुर के संजय नगर इलाके में रह रहा था, लेकिन पिछले साल घुसपैठियों पर सरकार की सख्ती के बाद वह बांग्लादेश लौट गया था। लेकिन कुछ दिन पहले फिर लौट आया। रायपुर पुलिस अब उसके परिजनों की तलाश कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, रेहान ने अपने माता पिता के साथ खुद का आधार कार्ड, राशन कार्ड बनवा लिया था और खुद का भारतीय पासपोर्ट बना रखा था। इसके जरिए वह वीजा लेकर बांग्लादेश में मौजूद अपने पैतृक गाँव पावर्तीपुर आता-जाता था।
पिछले साल जब पुलिस बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चला रही थी, तब रेहान अपने माता-पिता के साथ कोलकाता चला गया और फिर वहाँ से सड़क मार्ग से बांग्लादेश चला गया था। वहाँ कई महीने उसने बिताए और फिर वापस भारत आ गया। पुलिस उसके दस्तावेज जब्त कर चुकी है और उसके माता-पिता की तलाश कर रही है।
बांग्लादेशी घुसपैठिया जमाल करीम भी गिरफ्तार
इससे पहले जमाल करीम नाम के बांग्लादेशी घुसपैठिया को भी संजय नगर से पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि वह भी अपने माता-पिता के साथ 2013 में अवैध तरीके से भारत आया और रायपुर पहुँच कर कबाड़ का काम करने लगा। पिछले साल जब रायपुर पुलिस ने सख्ती बरती तो वह ओड़िशा चला गया था। वहाँ उसने निकाह कर ली जबकि उसकी पहली बीवी बांग्लादेश में मौजूद थी। ओड़िशा में भी उसका बच्चा भी है।
ताजा अभियान के दौरान पुलिस ने अब तक 30 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया है और उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा है। पूरी जानकारी गृहमंत्रालय को भेज दी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनलोगों को बांग्लादेश भेजा जाएगा।
2 लाख से ज्यादा किराएदार, सत्यापन सिर्फ 4300 लोगों का
दरअसल रायपुर में मकान मालिकों को अपने किराएदारों का सत्यापन कराने को लेकर पुलिस बाध्य कर रही है। लापरवाही बरतने पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही है। जानकारी के मुताबिक, शहर में 2 लाख से अधिक किराएदार हैं, जिनमें से मात्र 4300 का ही सत्यापन हो पाया है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस का मानना है कि मकान मालिक की लापरवाही की वजह से ही किराएदार अपना पहचान पत्र, आधार कार्ड तक बनवा लेते हैं। ये लोग पैसों की लालच में कमरा देते हैं। इसको लेकर पुलिस ने सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।

