Homeराजनीति15 अप्रैल की सुबह तक सील रहेंगे UP के 15 जिले, घरों तक पहुँचाई...

15 अप्रैल की सुबह तक सील रहेंगे UP के 15 जिले, घरों तक पहुँचाई जाएगी ज़रूरी सामग्रियाँ

राज्य के मुख्य गृह सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इन जिलों में अन्य इलाकों से ज्यादा सख्ती रखी जाएगी। जिलों को सील करने के बाद किस प्रकार की रणनीति अपनाई जाएगी, इसका खाका वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में तैयार किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के लगातार बढ़ रहे मामलों के कारण योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के उन 15 जिलों को सील करने का फैसला किया है जहाँ संक्रमण का ख़तरा ज्यादा बढ़ गया है। ये जिले राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण का हॉटस्पॉट माने जा रहे हैं। यह आदेश बुधवार (अप्रैल 8, 2020) की रात 12 बजे से लागू हो जाएगा और 15 अप्रैल की सुबह तक जारी रहेगा। सील करने का अर्थ है कि ये जिले ‘कम्प्लीट शटडाउन’ में रहेंगे और किसी को भी बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी

जिन जिलों को सील किया जा रहा, वे हैं- वाराणसी, लखनऊ, महराजगंज, बस्ती, बुलंदशहर, नोएडा, गाज़ियाबाद, शामली, कानपुर, सीतापुर, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, फ़िरोज़ाबाद और बरेली। आगरा में आज ही कोरोना वायरस से पहली मौत होने की ख़बर है। इसके अलावा एक माँ-बेटी भी संक्रमित पाई गई है। राज्य में कोरोना के मामले बढ़ कर 332 तक पहुँच गए हैं। इनमें से 3 लोगों की मौत हो चुकी है और 21 लोग ठीक हुए हैं। ऐसे में सरकार सभी एहतियाती क़दम उठा रही है।

राज्य के मुख्य गृह सचिव अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इन जिलों में अन्य इलाकों से ज्यादा सख्ती रखी जाएगी। जिलों को सील करने के बाद किस प्रकार की रणनीति अपनाई जाएगी, इसका खाका वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की बैठक में तैयार किया जाएगा। जहाँ कोरोना के मरीज मिले हैं, वहाँ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ऐसा गृह सचिव ने बताया। आगरा का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों को सील कर ‘कम्प्लीट लॉकडाउन’ किया गया, वहाँ कोरोना के संक्रमण को रोकने में सफलता मिली। यही फॉर्मूला अब इन 15 राज्यों में आजमाया जाएगा।

इस दौरान सभी ज़रूरी सामान लोगों के घरों तक पहुँचाए जाएँगे, ताकि उन्हें किसी भी चीज की ख़रीददारी के लिए बाहर न निकलना पड़े। ज़रूरी सामग्रियों की ‘होम डिलीवरी’ की व्यवस्था की गई है। यहाँ तक कि अभी तक जो कर्फ्यू पास जारी किए गए हैं, उन सभी की समीक्षा की जाएगी। शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यूपी सरकार बताएगी कि शटडाउन के अंतर्गत कैसे काम होगा। बाकी डिटेल्स भी तभी दिए जाएँगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

भगवान राम का अपमान, आजादी के नारे और तिरंगे से बदसलूकी: कॉकरोचों को ये तक नहीं पता कि वे क्यों आए हैं, पढ़ें- CJP...

कॉकरोचों के प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दे नहीं बल्कि आजादी के नारे, डफली गैंग, तिरंगे से बदसलूकी और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान दिखा। पढ़ें रिपोर्ट।

तमिलनाडु में द्रविड़ राजनीति के ‘घृणा मॉडल’ को अन्नामलाई की चुनौती, पेरियार नहीं, कलाम हैं आदर्श: समझें- ‘We The Change’ से राष्ट्रवाद का शंखनाद...

अन्नामलाई ने कहा कि तमिल संस्कृति-भाषा पर गर्व और भारत माता के प्रति समर्पित रहना एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक ही सिक्के के दो पहलू हैं।
- विज्ञापन -