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400 जिलों में कोरोना की नो एंट्री, इस राज्य में अब केवल 1 संक्रमित, 3 अप्रैल से कोई नया केस भी नहीं

देश में अभी 170 हॉटस्पॉट जिले हैं। इनमें 123 ऐसे हैं जहाँ महामारी तेजी से फैली। 47 ऐसे हैं जिन्हें क्लस्टर की सूची में रखा गया है। इसके अलावा 207 जिलों को ऑरेंज यानी नॉन हॉटस्पॉट जोन चिह्नित किया गया है।

कोरोना के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत सरकार द्वारा लॉकडाउन के दूसरे चरण को 3 मई तक बढ़ाए जाने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का बयान आया है। मंत्रालय ने अपने बयान में अगले 2-3 हफ्तों को कोरोना से छिड़ी जंग के लिए बेहद महत्तवपूर्ण बताया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने भी मीडिया से बात करते हुए एक संतोषजनक जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि भारत में अब भी ऐसे करीब 400 जिले हैं, जहाँ पर कोरोना संक्रमण का एक भी केस नहीं आया।

स्वास्थ्य मंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में महाराष्ट्र और कर्नाटक के बिगड़ते हालातों पर भी चिंता व्यक्त की है। वहीं केरल और गोवा से अच्छी खबरें भी आई है। केरल के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पेश किए गए आँकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण का मात्र 1 नया मामला सामने आया है। गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने खुद ट्वीट कर बताया है की राज्य में अब सिर्फ़ संक्रमण का एक रोगी बचा है।

गोवा सीएम ने अपने ट्वीट में लिखा है, “मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि गोवा में कोविड-19 का 6ठा रोगी स्वस्थ हो चुका है। अब गोवा में कोरोना वायरस संक्रमण का सिर्फ 1 रोगी रह गया है और 3 अप्रैल, 2020 से राज्य में अब तक एक भी नया मामला नहीं आया है।”

गौरतलब है कि भारत में कोरोना संक्रमितों का आँकड़ा 12 हजार पार होने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना रोकने के लिए नई रणनीति बनाई है। अपनी नई रणनीति के तहत उन्होंने देश भर के सभी जिलों को 3 जोन में बाँटा है। पहला- हॉटस्पॉट, दूसरा- नॉन हॉटस्पॉट और तीसरा ग्रीन जोन- यानी वह जिले जहाँ अब तक कोई केस नहीं आए हैं।

साभार: इकोनॉमिक टाइम्स

मौजूदा जानकारी के अनुसार, देश में अभी 170 हॉटस्पॉट जिले हैं। इनमें 123 ऐसे हैं जहाँ महामारी तेजी से फैली। 47 ऐसे हैं जिन्हें क्लस्टर की सूची में रखा गया है। इसके अलावा 207 जिलों को ऑरेंज यानी नॉन हॉटस्पॉट जोन चिह्नित किया गया है।

नई रणनीति के मुताबिक रेड जोन में अब डोर टू डोर सर्वे किया जाएगा। इन जिलों में जो भी लोग किसी भी फ्लू या खाँसी-सर्दी से पीड़ित मिलेंगे, उनका कोरोना टेस्ट किया जाएगा। इधर, हॉटस्पॉट एरिया में लोगों की पहचान के लिए हर हफ्ते अभियान चलाया जाएगा। यह अभियान हर सोमवार को चलेगा। हॉटस्पॉट से सटे एरिया को बफर जोन घोषित किया गया है। जहाँ स्पेशल टीम की मदद से एक्टिव केसों की तलाश की जाएगी। लोगों का सैंपल लिया जाएगा। उनका टेस्ट किया जाएग। साथ ही यहाँ आवश्यक सेवाओं को जारी रखा जाएगा।

इसी प्रकार नॉनस्पॉट इलाकों में बुखार, सर्दी-खाँसी से पीड़ित लोगों का टेस्ट किए जाएगा। इन जिलों को कोविड-19 के लिए एक अलग से अस्पताल बनाने का निर्देश जारी किया गया है। साथ ही कोरोना से निपटने के लिए सभी जरूरी उपाय करने का भी निर्देश दिया गया है।

आखिर में ग्रीन जोन यानी जहाँ कोई केस नहीं है। वहाँ प्रशासन की ओर से नजर रखी जाएगी और ध्यान दिया जाएगा कि ये इलाके ग्रीन जोन की सूची में बने रहें। बता दें स्वास्थ्य विभाग ने राज्य सरकारों से कहा कि जिस भी इलाके में 28 दिनों से कोई केस नहीं आया है, उन इलाकों के हॉस्पॉट को ग्रीन और ऑरेंज जोन में तब्दील किया जाए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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