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आतंकी अफजल के बेटे को भारतीय होने में शर्म, ‘आधार कार्ड सिर्फ फायदे के लिए करता हूँ यूज’

लुटियन मीडिया गिरोह आतंकी अफजल की छवि को उसके बेटे के माध्यम से बदलना चाहता है। यह आरोप नहीं है, बल्कि इसका पुख्ता सबूत भी है - सागरिका घोष का ट्वीट।

आतंकवादी अफजल गुरु के बेटे को टाइम्स ऑफ इंडिया ने ‘प्राउड इंडियन’ बताते हुए एक रिपोर्ट की थी। लेकिन वो कहीं से भी भारत पर गर्व करने लायक इंसान नहीं है – यह बात उसने खुद स्वीकारी है, पूरे होशो-हवास में, 2 मिनट 20 सेकंड के वीडियो में। 5 मार्च 2019 की शाम को सोशल मीडिया पर शेयर हुए इस वीडियो में आतंकी अफजल के बेटे गालिब गुरु ने इस रिपोर्ट पर आश्चर्य जताया। उसने कहा कि रिपोर्ट को न सिर्फ गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया बल्कि उसमें ‘अजीब बातें’ भी लिखीं गई हैं।

ऊपर के वीडियो में गालिब ने कहा, “ये इनका बेसिक इशू था कि मेरे पासपोर्ट के बारे में उन्होंने बोला था कि बाइट निकालेंगे आपके पासपोर्ट के बारे में। लेकिन जब उनका आर्टिकल सुबह में पढ़ा था तो उसमें क्लेअरली डिफरेंट चीजें थीं। मैंने सिम्पली… मेरा प्रोपेगेंडा एक ही था कि अगर मेरे पास आधार कार्ड है तो व्हाई कांट आई हैव अ पासपोर्ट? ये मेरे लिए प्रोपेगेंडा था। उनको मैंने इसलिए बोला था कि, फॉर एक्ज़ाम्पल, इस साल मेरा NEET का सेकंड ट्राय है, अगर नहीं होता तो टर्की मुझे स्कॉलरशिप देती है इसलिए मैंने उनको बोला था कि मेरा पासपोर्ट होना चाहिए। लेकिन उन्होंने क्लेअरली डिफरेंट लिखा है इसके बारे में। उन्होंने थोड़ी अजीब चीजें भी लिखी हैं इनके बारे में। मिक्स अप किया है कि मैं इंडियन सिटिज़न प्राउड हूँ। एक चीज मैं बोलना चाहता हूँ कि हाउ केन आई बी प्राउड इंडियन सिटिज़न? (मैं एक भारतीय नागरिक होने पर गर्व कैसे कर सकता हूँ?) उन्होंने मेरे पापा को मारा है। उन्होंने मेरे पूरे परिवार के साथ अन्याय किया है। तो मैं भारत पर गर्व कैसे कर सकता हूँ? मेरा यही प्रोपेगेंडा था कि जब मेरे पास आधार कार्ड है तो पासपोर्ट क्यों नहीं हो सकता?”

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की ओर से यह रिपोर्ट पत्रकार आरती सिंह टीकू और रोहन दुआ ने की थी। 5 मार्च को प्रकाशित हुए इस रिपोर्ट में गालिब को ऐसे पेश किया गया है, जिसे अपने आधार कार्ड पर गर्व है और वो अब इंडियन पासपोर्ट बनवाना चाहता है, जो उसकी भारतीय पहचान को और सशक्त बनाएगा। इस रिपोर्ट को जब गालिब ने पढ़ा तो उसे बहुत आश्चर्य हुआ और इसी के विरोध में उसने ऊपर के वीडियो में अपने ‘दिल की बात’ कही।

रिपोर्ट में गालिब के लिए लिखी गई बात और उसके वीडियो में आसमान-जमीन का अंतर है। गालिब ने वीडियो में कहा कि वह भारतीय होने में गर्व कैसे कर सकता है जबकि भारत की सरकार ने न केवल उसके पिता की हत्या की बल्कि कश्मीर के साथ भी अन्याय भी किया। गालिब ने स्पष्ट किया कि उसने एक प्रोपेगेंडा के तहत टाइम्स ऑफ इंडिया को बाइट दिया। इसके पीछे उसका एकमात्र मकसद भारतीय पासपोर्ट प्राप्त करना था।

इस बात की पूरी संभावना है कि गालिब बाद में अपने इस वीडियो वाले बयान से पलट जाए। लेकिन सच्चाई यही है कि लुटियन मीडिया गिरोह आतंकी अफजल की छवि को उसके बेटे के माध्यम से बदलना चाहता है। यह आरोप नहीं है, बल्कि इसका पुख्ता सबूत नीचे का ट्वीट है। पढ़िए सागरिका घोष को और समझिए ‘गैंग’ कैसे काम करता है।

आतंकी अफजल गुरु को दिसंबर 2001 में हुए संसद हमले का दोषी पाया गया था। इस अपराध के लिए उसे 9 फरवरी 2013 को फाँसी दी गई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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