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खादी से बनी डिजाइनर पोशाक भगवान राम को अर्पित: आत्मनिर्भरता के लिए प्रोजेक्ट रामलला, CM योगी ने किया अनावरण

"भगवान को पॉलीएस्टर के परिधान क्यों पहनाए जाएँ, जबकि हम खुद पहनना कभी पसंद नहीं करेंगे। खादी को हर घर तक पहुँचाने के लिए क्यों न शुरुआत रामलला से की जाए।"

बसंत पंचमी के मौके पर अयोध्या में श्रीरामजन्म भूमि में विराजमान रामलला के लिए खास पोशाक तैयार की गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बसंत पंचमी के मौके पर फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी द्वारा बनाए गए खास पोशाक को रामलला को भेंट किया।

बता दें कि यह ड्रेस उत्तर प्रदेश खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के सहयोग से फैशन डिजाइनर मनीष त्रिपाठी द्वारा “प्रोजेक्ट रामलला” के तहत बनाई गई है। प्रोजेक्ट रामलला लोगों के दैनिक जीवन में खादी सामग्रियों के उपयोग और खादी के कपड़ों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करती है।

गौरतलब है कि, ‘प्रोजेक्ट रामलला‘ मनीष त्रिपाठी की ‘शहर से गाँव तक’ की पहल का हिस्सा है, जिसे कोरोनोवायरस महामारी के समय प्रवासी श्रमिकों के अपने प्रदेश वापसी के दौरान शुरू किया गया था। परियोजना का उद्देश्य कुशल मजदूरों और कारीगरों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे अपनी आजीविका कमा सकें और सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर बन सकें।

उन्होंने कहा कि जब वह महामारी के बीच कारीगरों के साथ काम कर रहे थे, तब अयोध्या में राम मंदिर का भव्य आयोजन हुआ। तभी एक दिन यूँ ही खयाल आया कि भगवान को पॉलीएस्टर के परिधान क्यों पहनाए जाएँ, जबकि हम खुद पहनना कभी पसंद नहीं करेंगे। इसी उधेड़बुन में खादी मास्क के प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया, तब लगा कि खादी को हर घर तक पहुँचाने के लिए क्यों न शुरुआत रामलला से की जाए।

प्रोजेक्ट रामलला के तहत, जो महिला कारीगर पहल के तहत काम कर रही हैं, वे ही अयोध्या के भव्य राम मंदिर में विराजमान रामलला के लिए पोशाक बना रही हैं। यह पहल न केवल खादी के उपयोग को प्रोत्साहित और रोजगार के सृजन में मदद करेगी बल्कि यह कुशल मजदूरों की स्थिति में भी सुधार लाएगी।

उल्लेखनीय है कि बसंत पंचमी के मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा खादी से बने इन पोशाकों को रामलला को अर्पित किया गया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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