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जब कॉन्ग्रेस ने की शिवराज को ट्रोल करने की कोशिश और ख़ुद ही हो गए ट्रोल

दरअसल कॉन्ग्रेस का कहना है कि सदियों से गंदी, मैली पड़ी क्षिप्रा नदी को उन्होंने बस पाँच दिनों में साफ़ कर दिया।

मध्यप्रदेश में कॉन्ग्रेस की सरकार ने अपना काम करना शरू कर दिया है, और काम करने की एक ऐसी थ्योरी बनाई है, जिससे पाँच दिनों में ‘चमत्कार’ हो रहा है। दरअसल कॉन्ग्रेस का कहना है कि सदियों से गंदी, मैली, पड़ी क्षिप्रा नदी को उन्होंने बस पाँच दिनों में साफ़ कर दिया। सफ़ाई का श्रेय लेने के लिए, और अपने काम का ट्रेलर शिवराज सिंह (मामा) को भी दिखाने के लिए, कॉन्ग्रेस के ऑफ़िसियल ट्विटर एकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया गया, जिसमें उन्हें टैग करते हुए लिखा गयाः

“कमलनाथ जी ने उज्जैन में क्षिप्रा नदी को स्वच्छ करने और नियमित जलप्रवाह का वादा किया और महज़ 5 दिन में परिणाम आपके सामने है। गंगा सफ़ाई के नाम पर जनता का हज़ारों करोड़ बर्बाद करने वाले उज्जैन आएँ और देखें-सीखें।”

खै़र, शिवराज सिंह ने इनके वीडियो का लोड तो लिया ही नहीं और वीडियो बनाने एवं क्षिप्रा को साफ़ करने का श्रेय देने के बजाय, पूरी मेहनत पर बिना कुछ सोचे-समझे पानी फेरते हुए एक मुस्कुराहट वाली ईमोजी पोस्ट कर दी।

चलिए आपने ये कॉन्ग्रेस के ट्विटर हैडल का वीडियो तो देख ही लिया अब हम आपको दो साल पुरानी क्षिप्रा और उसके तट के घाटों को दिखाते हैं, जिसमें क्षिप्रा पूर तरह से निर्मल दिख रही है।

दो साल पहले इस तरह दिख रही थी क्षिप्रा नदी

अब इस वीडियो को देखकर आपको अंदाज़ा लग ही गया होगा कि आखिर कैसे इस नदी को पाँच दिनों में साफ़ कर दिया गया। वैस आपकी जानकारी के लिए बता दे कि नदी में पानी नहीं था और उसमें पानी छोड़कर क्षिप्रा को साफ़ करने का श्रेय ले लिया गया। इस ट्वीट पर लोगों की ख़ूब प्रतिक्रियाएँ आईं जिसमें से कुछ लोग ये पूछते दिखे कि अगर 5 दिन में साफ़ हो सकती थी नदी, तो इतने समय से कमलनाथ कहाँ थे, सफ़ाई तब ही करवा देते जब लोगों को पानी के न होने पर कीचड़ में नहाना पड़ा था। ज़ाहिर सी बात है कि नदियाँ 5 दिनों में साफ़ नहीं होती, बल्कि उसके लिए तमाम इंतज़ाम किए जाते हैं ताकि उसमें बाहर से गन्दगी ना आए, उसके तटों पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएँ आदि।

जाते-जाते आपको दिखाते हैं कि पाँच दिन में क्षिप्रा को साफ़ करने की बात पर लोगों ने क्या कहा:

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ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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