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‘अपनी मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई, कोई जबरदस्ती नहीं’ – फजीलत खातून ने मधुबनी अपहरण मामले पर लगाया विराम

“मैं अपनी और अपने मम्मी-पापा की मर्जी से मंतोष सहनी के साथ भागी हूँ। मेरे साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई। मेरा किसी ने अपहरण नहीं किया है।"

बिहार के मधुबनी जिले के बिस्फी थाना क्षेत्र के बलहा घाट निवासी फजीलत खातून के कथित अपहरण मामले में नया मोड़ आया है। फजीलत खातून ने इस मामले में वीडियो जारी कर बताया कि वो अपनी मर्जी से दलित लड़के मंतोष सहनी के साथ भागी है।

वीडियो में फजीलत ने बयान देते हुए कहा, “मैं अपनी और अपनी मम्मी-पापा की मर्जी से मंतोष सहनी के साथ भागी हूँ। मेरे साथ कोई जोर-जबरदस्ती नहीं की गई। मुझे किसी ने अपहरण नहीं किया है। मेरे मम्मी-पापा हमेशा मुझे डाँटते रहते थे और कहते थे कि मंतोष सहनी के साथ भाग जा। वह बहुत पैसा वाला है, तुझे बहुत खुश रखेगा। मेरी मम्मी लोगों के बहकावे में आकर केस की है। वह मुझे फँसाना चाहती है, ताकि किसी भी तरह से मेरा घर बर्बाद हो और मैं उससे अलग हो जाऊँ।”

फजीलत ने आगे बताया, “मैं दो बार घर से भागी थी। पहली बार मंतोष मुझे वापस घर-परिवार के पास छोड़ गया। इसके बाद मम्मी मुझे टॉर्चर करने लगी कि क्यों आई घर पर। नहीं ले गया तुझे? फिर से भाग जा। इसके बाद वह मुझे मारने-पीटने लगी, गालियाँ देने लगी। बोलने लगी कि चली जा, क्यों आई है। फिर मैंने मंतोष सहनी को चलने के लिए बोला। वो नहीं आ रहे थे, फिर भी मैं उनको जबरदस्ती लेकर आई। पुलिस प्रशासन से निवेदन है कि वह मंतोष सहनी के घर-परिवार पर कोई कार्रवाई न करें। मैं अपनी म्ममी-पापा और चाचा-चाची के कहने पर आई हूँ। अब मैं वापस नहीं जाऊँगी, जाएगी तो लाश ही।”

उल्लेखनीय है कि आरोप लगाया जा रहा है कि मंतोष सहनी सहित कुल 4 लड़कों ने फजीलत खातून का अपहरण कर लिया। इस मामले में मजलिस मधुबनी बिस्फी की टीम  ने ‘पीड़ित’ परिवार से मिल कर परिवार को न्याय दिलाने और परिवार के साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया। इसके साथ ही AIMIM बिहार के स्थानीय नेता लड़की के परिवार से मिल कर सख्त कार्रवाई की माँग की।

AIMIM ने इस बाबत प्रेस कॉन्फ्रेंस भी किया। हालाँकि अब फजीलत के बयान से पूरा मामला साफ होता नजर आ रहा है कि उसके साथ साथ किसी तरह की जोर-जबरदस्ती नहीं की गई। वो अपने परिवार की मर्जी से मंतोष सहनी के साथ गई। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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