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‘सारे निप्पल मुक्त करो, फ्री द बूब्स’: टॉपलेस महिलाओं और बिकनी-ब्रा में पुरुषों का प्रदर्शन, बताया लैंगिक समानता का अभियान

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वो लैंगिक समानता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए निकले हैं, ताकि जेंडर के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाए।

पश्चिमी यूरोप में स्थित देश जर्मनी की राजधानी बर्लिन में हाल ही में एक अजीबोगरीब विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएँ आई थीं। साइकिल और बाइक पर आईं आई इन महिलाओं ने अपने शरीर के ऊपरी हिस्से पर कोई कपड़ा नहीं पहन रखा था। उन्होंने इसे ‘टॉपलेस विरोध प्रदर्शन’ बताया। साथ ही इन सब ने अपने शरीर पर ‘My Body, My Choice (मेरा शरीर, मेरी इच्छा)’ भी लिखवा रखा था।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वो लैंगिक समानता को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए निकले हैं, ताकि जेंडर के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाए। दरअसल, ये सब एक अन्य घटना के कारण हो रहा है। एक फ्रेंच महिला को शहर के ही एक पार्क से निकाल बाहर किया गया, क्योंकि वो बिना टॉप पहने ही सूर्य की किरणों का आनंद ले रही थीं। प्रशासन की ये हरकत लोगों को रास नहीं आई।

इस विरोध प्रदर्शन का नाम ‘No nipple is free until all nipples are free’ रखा गया था। इसका अर्थ हुआ, “कोई भी निप्पल (स्तनाग्रम्) तब तक मुक्त नहीं हो सकता, जब तक सारे के सारे निप्पल मुक्त न हो जाएँ।” बर्लिन के मरिअनंप्लैज (Mariannenplatz) इलाके में शनिवार (10 जुलाई, 2021) को ये विरोध प्रदर्शन हुआ। फ्रांस की महिला को वाटर पार्क से निकाल बाहर किए जाने की घटना पिछले महीने की है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने उक्त महिला को अपनी शर्ट पहन कर धूप सेंकने को कहा था, लेकिन उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया। इसके बाद कई महिलाओं ने ‘फ्री द बूब्स’ और ‘स्टॉप सेक्सिज्म’ लिख कर साइकिल से शहर का चक्कर लगाया। खास बात ये है कि इस विरोध प्रदर्शन में शामिल पुरुषों ने ब्रा पहन रखी थी। पुरुषों में से कई ने बिकनी भी पहन रखी थी। बता दें कि जर्मनी में अर्ध-नग्नता प्रतिबंधित है।

हालाँकि, विभिन्न संपत्तियों के मालिकों को ये अधिकार है कि वो खुद कोई प्रतिबंध अगर लगाना चाहते हैं तो लगाएँ। फ्रांस की उक्त महिला ने कहा कि वो इस विरोध प्रदर्शन से खुश हैं, क्योंकि ये लैंगिक समानता के प्रति लोगों का ध्यान आकर्षित करने का एक जरिया बना। उन्होंने ‘इक्वल ब्रेस्ट्स’ नामक बैठक का भी आयोजन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पार्क से हटाए जाने की घटना इस लक्ष्य में एक माध्यम बन कर सामने आई।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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