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विनायक चतुर्थी पर विवादास्पद टिप्पणी, साम्प्रदायिक उन्माद भड़काने के मामले में तमिलनाडु से पादरी गिरफ्तार

तमिलनाडु के कोयंबटूर में सेंट पॉल कॉलेज ऑफ आर्ट्स के अध्यक्ष पादरी वी डेविड को सॉम्प्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

तमिलनाडु के कोयंबटूर में सेंट पॉल कॉलेज ऑफ आर्ट्स के अध्यक्ष पादरी वी डेविड को सॉम्प्रदायिक तनाव भड़काने के आरोप में गुरुवार (2 अगस्त 2021) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पादरी विनायक चतुर्थी के दिन लोगों को ‘प्रार्थना यात्रा’ या ईसाई तीर्थयात्रा करने के लिए कहते हुए पर्चे बाँटे थे।

कथित तौर पर पैम्फलेट में विभिन्न विवादास्पद टिप्पणियाँ भी थीं, जिस पर संज्ञान लेते हुए तमिलनाडु स्थित हिंदू संगठन हिंदू मुन्नानी ने पुलिस में आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

डेविड को भारतीय दंड संहिता की धारा 153 (ए) (1) (ए), 504 और 505 (2) के तहत गिरफ्तार किया गया है और उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वह फिलहाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।

डीएमके के खिलाफ हिंदू मुन्नानी का प्रदर्शन

इस बीच, हिंदू धर्म और हिंदू धार्मिक स्मारकों की रक्षा के लिए गठित उसी धार्मिक और सांस्कृतिक संगठन ने तमिलनाडु में मंदिरों के बाहर प्रार्थना विरोध प्रदर्शन किया। हिंदू मुन्नानी ने द्रमुक सरकार द्वारा इस गणेश चतुर्थी पर गणेश प्रतिमाओं को सार्वजनिक स्थानों पर रखने या जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ भी कड़ी आपत्ति जताई है।

संगठन के महासचिव मेघनाथन ने टिप्पणी इस मामले को लेकर कहा, “किसी को भी इस बात पर प्रतिबंध नहीं लगाना चाहिए कि कोई कैसे प्रार्थना करे। हम देवताओं से प्रार्थना करके विरोध कर रहे हैं कि सरकार और नौकरशाही को हमें गणेश चतुर्थी आयोजित करने की अनुमति के लिए सद्बुद्धि दें।”

मंदिर के बाहर प्रदर्शन करते हिंदू मुन्नानी संगठन के लोग

उन्होंने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि अगर भारी भीड़ को जुटाने के लिए शराब की दुकानें खुल सकती हैं, तो आगामी हिंदू त्योहार गणेश चतुर्थी क्यों नहीं मनाया जा सकता है। संगठन ने त्योहार की भावना को कम न होने देने के लिए इस सीजन में राज्य में 1 लाख गणेश प्रतिमाएँ स्थापित करने की भी घोषणा की है।

कोरोना महामारी को देखते हुए पिछले साल इस त्योहार को बंद रखा गया था। इससे मूर्तिकारों को काफी नुकसान हुआ था, लेकिन इस साल उन्हें अच्छा होने की उम्मीद है। हालाँकि, त्योहार पर सरकार के प्रतिबंध ने उन्हें एक बार फिर मुश्किल में डाल दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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