Homeदेश-समाजलखीमपुर खीरी हिंसा के संदिग्धों की SIT ने जारी की तस्वीरें, नाम-पता या सूचना...

लखीमपुर खीरी हिंसा के संदिग्धों की SIT ने जारी की तस्वीरें, नाम-पता या सूचना देने वाले को मिलेगा इनाम

"जाँच में साक्ष्य संकलन के दौरान टीम को कुछ वीडियो/फोटो प्राप्त हुए हैं, जिनमें घटना में शामिल सदिग्धों की उपस्थिति दिखाई दे रही है। पहचान के लिए उनकी तस्वीरें जारी की जा रही हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि तस्वीरें देखकर संदिग्धों को चिन्हित कर उनका नाम, पता उपलब्ध कराएँ।''

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के मामले की जाँच कर रही SIT ने घटना में शामिल कुछ संदिग्ध लोगों की तस्वीरें जारी की हैं। SIT ने लोगों से इन संदिग्धों के बारे में सूचना देने की अपील की है। सूचना देने वाले लोगों को उचित पुरस्कार दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा, ”लखीमपुर खीरी के तिकुनिया थाना क्षेत्र में दिनांक 03.10.2021 को हुई घटना की जाँच काइम ब्रान्च की SIT कर रही है। जाँच में साक्ष्य संकलन के दौरान टीम को कुछ वीडियो/फोटो प्राप्त हुए हैं, जिनमें घटना में शामिल सदिग्धों की उपस्थिति दिखाई दे रही है। पहचान के लिए उनकी तस्वीरें जारी की जा रही हैं। आम जनता से अपील की जाती है कि तस्वीरें देखकर संदिग्धों को चिन्हित कर उनका नाम, पता उपलब्ध कराएँ।”

इन संदिग्ध लोगों की सूचना देने के लिए एसआईटी के अध्यक्ष का मोबाइल नंबर 9454400454, वरिष्ठ सदस्य एसआईटी का मोबाइल नंबर 9454400394, खीरी एएसपी और एसआईटी के सदस्य का मोबाइल नंबर 9454401072, सीओ व एसआईटी के सदस्य का मोबाइल नंबर 9454401486 व विवेचनाधिकारी एसआईटी का मोबाइल नंबर 9450782977 भी जारी किए गए हैं।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रेस विज्ञप्ति जारी की

गौरतलब है कि ये सारे तस्वीरें तिकुनिया में बीती तीन अक्टूबर को हुई हिंसा के वक्त की हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस ने सोमवार (18 अक्टूबर 2021) को लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में चार और लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार लोगों की पहचान सुमित जायसवाल, शिशि पाल, सत्य प्रकाश त्रिपाठी उर्फ ​​सत्यम और नंदन सिंह बिष्ट के रूप में हुई है। अब मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों की कुल संख्या 10 हो गई है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -