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‘दिव्यांग को पीटा, ऊंगली तोड़ी’ : JNU में वामपंथियों ने फिर ABVP पर किया हमला, लगाए- RSS मुर्दाबाद के नारे

पूरी घटना में 10 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। संगठन की राष्ट्रीय सचिव निधि त्रिपाठी ने बताया कि ये हमला बैठक के दौरान हुआ। इसमें एक कार्यकर्ता की ऊंगली तोड़ी गई और एक दिव्यांग को भी मारा गया।

जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में वामपंथी छात्रों ने 14 नवंबर 2021 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों से बुरी तरह मारपीट की। इस घटना में ABVP के कई कार्यकर्ता घायल हो गए। उधर SFI की अध्यक्ष आइशी घोष ने हमले के लिए एबीवीपी को जिम्मेदार ठहराया। इस पूरी घटना में 10 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। संगठन की राष्ट्रीय सचिव निधि त्रिपाठी ने बताया कि ये हमला बैठक के दौरान हुआ। इसमें एक कार्यकर्ता की ऊंगली तोड़ी गई और एक दिव्यांग को भी मारा गया।

कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, एबीवीपी छात्रों पर 100-200 के करीब वामपंथियों ने हमला बोला। जिसके बाद 10 छात्र घायल हो गए। एबीवीपी की जेएनयू ईकाई के अध्यक्ष शिवम ने बताया कि वो लोग शेड्यूल मीटिंग के लिए इकट्ठा हुए थे। लेकिन वामपंथी वहाँ रात 9:45 पर घुसे और कहने लगे कि उनकी मीटिंग वहाँ होगी। इस पर एबीवीपी की ओर से कहा गया कि वो लोग मीटिंग खत्म करके चले जाएँगे लेकिन उसके बाद वामपंथी नहीं मानें और खुद को कमरे का मालिक बताने लगे। इसके बाद ‘ढपली वाले ग्रुप’ ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर हमला किया।

शिवम ने बताया कि जैसे 5 जनवरी को होस्टल कैंपस में घुस कर मारपीट की गई थी वैसे ही इस बार भी हुआ है। उनके मुताबिक ये लोग जहाँ भी बहुसंख्यक होते हैं वहाँ यही होता है। उनके ऊपर 5 जनवरी बाद बार-बार ऐसे अटैक हो रहे हैं। उनकी माँग है कि पुलिस प्रशासन इस पर संज्ञान ले और घायलों को न्याय दिलाए।

एबीवीपी के मुताबिक वामपंथियों ने महिलाओं और दिव्यांगों पर हमला किया। इस घटना में संगठन से जुड़ी श्रीदेवी और दिव्यांग अंकित पर अटैक हुआ। वहीं कन्हैया और अभिषेक नाम के छात्र गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

बता दें कि घटना की बाबत ऑपइंडिया ने शिवम चौरसिया से बात की। उन्होंने सारी घटना विस्तार से बताकर कहा कि वामपंथी उन लोगों के सामने आरएसएस मुर्दाबाद, एबीवीपी मुर्दाबाद, एबीवीपी कैंपस छोड़ो के नारे लगा रहे थे। वह लोग संगठन के नए सदस्यों को डरा धमका रहे थे।

इस पूरे हमले की घटना में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की नेता और जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने बयान जारी किया है। घोष के मुताबिक पूरी हिंसा एबीवीपी वालों ने की और कैंपस लोकतंत्र को बाधित किया। उन्होंने एबीवीपी कार्यकर्ता को गुंडा बताया और पूछा कि क्या जेएनयू प्रशासन अब भी कार्रवाई नहीं करेगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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