विषय: Left

जेएनयू छात्र विरोध प्रदर्शन

जेएनयू: जहाँ 10 रूपए महीने पर कमरा उपलब्ध है, ‘अंकल-आंटियों’ को चट्टानों पर रात में भी जाना होता है

गरीबों के बच्चों की बात करने वाले ये भी बताएँ कि वहाँ दो बार MA, फिर एम फिल, फिर PhD के नाम पर बेकार के शोध करने वालों ने क्या दूसरे बच्चों का रास्ता नहीं रोक रखा है? हॉस्टल को ससुराल समझने वाले बताएँ कि JNU CD कांड के बाद भी एक-दूसरे के हॉस्टल में लड़के-लड़कियों को क्यों जाना है?
सूर्यवंशी फलाहारी दास

दलित हैं पटना हनुमान मंदिर के पुजारी, भूल गए अयोध्या राम मंदिर में जाति घुसेड़ने वाले RJD नेता

पटना के इस हनुमान मंदिर का संचालन महावीर ट्रस्ट करता है। पूर्व आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल इसके अध्यक्ष हैं। मंदिरों में दलित पुजारियों की नियुक्ति के सामाजिक परिवर्तन में उनका बड़ा योगदान है। अयोध्या मामले से भी वे जुड़े रहे हैं।
केरल, रेप

‘वामपंथी सरकार और उनकी पुलिस के कारण मेरी बेटियों के बलात्कारी और हत्यारे जेल से छूट गए’

"पुलिस ने मामले की जाँच ठीक से नहीं की और आरोपितों को वामपंथी सरकार का समर्थन प्राप्त है, क्योंकि वे स्थानीय स्तर पर वामपंथी दलों के लिए काम करते थे। और इसी वजह से वो छूट गए।"
भारत में वामपंथी हर आतंकी घटना पर चुप रहते हैं

वामपंथी और जिहादी एक दूसरे के पर्याय हैं, इसीलिए अभी इनकी साथ-साथ सुलग रही है, पहचानिए इन्हें

भारत में हर जिहादी वामपंथी हो गया है, और वामपंथियों में तो जिहादियों की रक्तधारा तो है ही। इसलिए दोनों सुर में सुर मिला कर चलते हैं। एक जिहादी, जो स्वयं को वामपंथी कहता है, वो अचानक से अपने कपड़े उतार कर मुसलमान हो जाता है क्योंकि उसके मजहब को कुछ लोग कोस रहे हैं।
दुर्गा पूजा, बंगाल, आजान

दुर्गा पूजा पंडाल में आरती के दौरान बजाई गई अजान: शिकायत दर्ज लेकिन चुप है कोलकाता पुलिस

TMC विधायक परेश पॉल इस दुर्गा पूजा पंडाल का मुख्य आयोजक है। इसी पंडाल से शांति-सद्भाव फैलाने के नाम पर अजान बजाने का मामला सामने आया है। कोलकाता हाईकोर्ट के वकील शांतनु के पास आरती के दौरान अजान बजाने वाला वीडियो...
तिरुपति बालाजी, केरल काजू उद्योग

तिरुपति मंदिर ने सुनी केरल सरकार की गुहार: काजू उद्योग के 3 लाख लोगों को राहत

केरल का कोल्लम कभी काजू उद्योग की वैश्विक राजधानी माना जाता था। यहाँ काजू उद्योग से आने वाले रुपयों से लाइब्रेरी से लेकर होटल तक बने। इतना ही नहीं, दादा साहब फाल्के अवॉर्ड जीतने वाले निर्देशक अडूर गोपालकृष्णन भी इसी उद्योग की वजह से फ़िल्में बना पाए।
लाल सलाम, वामपंथ

यूनिवर्सिटी कैम्पसों की वामपंथी हिंसा: लाल सलाम की बत्ती बनाने का समय आ चुका है, वरना ये आग लगा देंगे

तुमने सत्ता में रह कर ऐसा क्या किया कि तुम्हें हर जगह से नकार दिया गया? फिलहाल 2-3 यूनिवर्सिटी तक सिमट चुके हो। वहाँ भी जब तुम छात्रसंघ जैसी संस्था के अध्यक्ष बन जाते हो, तो अपने विरोधियों के द्वारा बुलाए लोगों को कैम्पस में घुसने तक नहीं देते, हिंसा पर उतर आते हो! आखिर तुम किस लोकतांत्रिक तरीके की बात करते हो?
बाबुल सुप्रियो

जाधवपुर के वामपंथी लम्पट: किस ऑफ लव चाहिए, देश विरोधी नारे लगाएँगे और विरोध के नाम पर हिंसा करेंगे

जाधवपुर यूनिवर्सिटी अक्सर वामपंथी छात्र संगठनों की करतूतों से चर्चा में रहता है। 2016 में जेएनयू की तरह यहॉं के भी छात्रों ने अफजल के समर्थन में नारे लगाए थे। 2014 में सरेआम एक-दूसरे को चुंबन लेकर अपनी अभिव्यक्ति का इजहार किया था। अब विरोध के नाम पर न केवल केंद्रीय मंत्री के साथ बदतमीजी की गई है, बल्कि राज्यपाल को भी परिसर में प्रवेश करने से रोकने की कोशिश की गई ।
बंगाल में हिंसा

वामपंथी प्रदर्शनकारियों ने मचाया उत्पात, ममता बनर्जी की पुलिस को मारे पत्थर

हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोले और वॉटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा। कई लोग जख्मी हो गए। पूरा इलाका घंटो तक हिंसक माहौल की चपेट में रहा। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया है।
सुप्रीम कोर्ट

‘न्यायपालिका बिकी हुई है’: वामपंथी गिरोह का अगला नैरेटिव क्योंकि इनके बाप-दादा फँस रहे हैं

यासीन मलिक पर मुकदमा खुल चुका है, 84 के दंगों पर दोबारा केस खुला है, नेशनल हेराल्ड केस है, चिदंबरम हैं, अगस्ता-वेस्टलैंड है, रामजन्मभूमि है, एनडीटीवी का प्रणय रॉय है, क्विंट का राघव बहल है, 370 का मामला सुप्रीम कोर्ट ने देखने का वादा किया है, अर्बन नक्सलियों पर मामले चल रहे हैं…
रोमिला थापर, जेएनयू

मैं अपना सीवी नहीं दूँगी: रोमिला थापर ने JNU के नियम-क़ायदों को मानने से किया इनकार

रोमिला थापर ने कहा कि उनको मिली मान्यता जीवन भर के लिए है और जेएनयू उनकी सीवी माँग कर मूल्यों का उल्लंघन कर रहा है। फिलहाल उनका जेएनयू के साथ अपना सीवी साझा करने का कोई इरादा नहीं है।
रोमिला थापर

प्रोफेसर बने रहना है तो योग्यता साबित करनी होगी, CV दिखाइए: JNU का रोमिला थापर को नोटिस

JNU प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद से कई प्रोफेसर झटके में हैं। उनका कहना है कि प्रोफेसर एमेरिटस को पहले कभी भी CV जमा कर अपनी योग्यता साबित नहीं करनी पड़ी है। एक बार जो इस पद पर काबिज़ हो गया, वह अमूमन जीवन-भर बना रहता है। खुद प्रोफेसर थापर 1993 से यानी 26 वर्षों से इस पद पर कायम हैं।

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