तुम्हारे (मुस्लिम) 'मर्द' 'हैंडसम' और 'खूबसूरती' नहीं है आरफा और निवेदिता, वे महिलाओं को सुरमा लगाकर नहीं फँसाते बल्कि माथे पर टीका और हाथ में कलावा पहनकर आते हैं।
जाँच से पता चला कि नोएडा हिंसा स्पॉन्टेनियस नहीं थी। मुख्य आरोपित अदित्य आनंद ने 5 साल से तैयारी कर रखी थी। श्रमिकों को भड़काने के लिए 17+ व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए।
गाजियाबाद में पाकिस्तानी ISI के मुस्लिम आकाओं के हुकुम पर हिंदू पहचान में तिलक लगाकर जासूसी करते पकड़े गए। लेकिन वामपंथी सिर्फ हिंदुओं को बदनाम करने में लगे हैं।