विषय: JNU

जेएनयू, विदेशी छात्र

JNU में पढ़ने वाले 82 विदेशी छात्र किस देश के नागरिक हैं, खुद यूनिवर्सिटी को भी कुछ नहीं पता

अगर विदेशी छात्रों की बात करें तो उनमें सबसे ज़्यादा संख्या कोरियन छात्रों की है और उसके बाद नेपाली आते हैं। कैम्पस में कुल 35 कोरियन और 25 नेपाली छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। इसी तरह चीन से 24, अफ़ग़ानिस्तान से 21 और जापान से 16 और जर्मनी से 13 छात्र अध्ययन कर रहे हैं।
JNU हिंसा, जाँच समिति

JNU में 8500 में से 82% छात्रों ने बढ़ी हुई हॉस्टल फीस के साथ किया रजिस्ट्रेशन: VC जगदीश कुमार

वीसी जगदीश कुमार ने कहा था कि सभी स्कूलों और केंद्रों ने अपना टाइम टेबल घोषित कर दिया है और वे उन छात्रों के लिए परीक्षा आयोजित करने पर काम कर रहे हैं, जो पिछला सेमेस्टर पास नहीं कर पाए थे। उन्होंने बताया था कि विश्वविद्यालय छात्रों के शैक्षणिक हितों को देखते हुए वह सभी कोशिशें कर रहा है जिससे कि छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
दीपिका पादुकोण, सोशल मीडिया

एसिड अटैक सर्वाइवर का दीपिका ने TikTok पर उड़ाया मजाक… JNU कांड के बाद फिर पड़ रही गाली

इस वीडियो को देखकर शायद ही किसी के मन में यह सवाल नहीं उठेगा कि फ़िल्म ‘छपाक’ में एसिड हमले की शिकार हुई जिस लक्ष्मी अग्रवाल का किरदार दीपिका ने निभाया, उसे गंभीरता से लिया भी होगा या नहीं?
AMU में सीएए के ख़िलाफ विरोध मार्च निकालते शिक्षक (साभार-अमर उजाला)

AMU में छात्रों के ‘उपद्रव’ के बाद CAA विरोध के नाम पर शिक्षकों ने लगाए ‘आज़ादी के नारे’

यह उस आज़ादी की माँग है। जिसकी एक झलक पिछले दिनों जामिया और जेएनयू में प्रदर्शनकारियों के हाथों में पकड़े पोस्टरों में दिखाई दी थी। इस आज़ादी की माँग को उन शिक्षकों ने दोहराया है, जिनके ऊपर विश्वविद्यालय के छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की राह दिखाने की ज़िम्मेदारी है।
दीपिका पादुकोण और कंगना रनौत

दीपिका जानती हैं कि वो क्या कर रही हैं, लेकिन मैं टुकड़े-टुकड़े गैंग से साथ खड़ी नहीं होती: कंगना

"मैं कभी भी टुकड़े गैंग के साथ खड़ी नहीं होती। मैं ऐसे किसी भी शख्स का सपोर्ट नहीं कर सकती, जो देश को तोड़ने की बातें करता हो। मैं सिर्फ अपनी बात कर सकती हूँ, किसी और के बारे में बोलने का मुझे अधिकार नहीं है।"
बीएचयू के वीसी के ख़िलाफ वाराणसी में लगे होर्डिंग

छात्रों ने कुलपति राकेश भटनागर पर लगाए धाँधली के गंभीर आरोप: शहर में लगे ‘BHU वीसी हिंदी विरोधी’ के पोस्टर

BHU के कुलपति राकेश भटनागर JNU के पूर्व प्रोफ़ेसर हैं। छात्रों ने आरोप लगाया है कि वीसी हिन्दी भाषी छात्रों के साथ भेदभाव कर रहे हैं। यहाँ तक कि भर्ती प्रक्रिया में वह अपने JNU के छात्रों को वरीयता दे रहे हैं। उन पर BHU का कुलपति रहते हुए अधिकांश नियुक्तियों में JNU, वामपंथ और अँग्रेजी को वरीयता देने जैसे कई गंभीर आरोप छात्रों ने पहले भी लगाए हैं।
वामपंथी छात्र

JNU के 65% छात्रों ने भर भी दी नई हॉस्टल फीस, इस मुद्दे पर महीनों से बवाल काट रहे हैं वामपंथी

"कैंपस के हॉस्टल में रहने वाले 65% से अधिक छात्रों ने अपने बकाया शुल्क का भुगतान कर दिया है। कुछ छात्र जो इस बीच अपने घर चले गए थे वे भी वापस कैंपस में लौट रहे हैं।”
शाहीन बाग में हिन्दू स्त्री को हिजाब में दिखाना कोई आकस्मिक बात नहीं है, ये सोची-समझी चाल है

शाहीन बाग के मुसलमानों ने पोस्टर से मंशा बता दी: हिन्दू स्त्रियों पर है इनका ध्यान, पहले कन्वर्जन फिर…

पहले काली माँ के हिजाब से टेस्टिंग हुई। फिर देखा कि किसी हिन्दू को फर्क नहीं पड़ा, तो उन्होंने अब आम हिन्दू स्त्री को हिजाब में दिखाया, बिन्दी के साथ। संदेश साफ है कि हिन्दुओं के प्रतीकों को तोड़ा जाएगा, उनकी स्त्रियों को कन्वर्ट करा कर मुसलमान बनाया जाएगा, और फिर उन्हें इसी काले बोरे में निकलना होगा।
एएमयू बाबे सैयद गेट पर प्रदर्शन करते छात्र-फ़ाईल फ़ोटो

प्रदर्शनकारी छात्रों के दवाब में आया AMU इन्तजामियाँ: सभी परीक्षाएँ स्थगित, आम छात्र मायूस

एएमयू इंतजामियाँ ने आंदोलनकारी छात्रों के दवाब में आकर सभी कॉलेजों में होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है, जिससे उन छात्रों को ज़ोरदार धक्का लगा है, जो विश्वविद्यालय में कक्षाएँ संचालित होते और अपनी परीक्षाएँ समय पर देना चाहते थे।
हिंदूघृणा से लबरेज पोस्टर

Video: हिन्दूघृणा से सने वो 30 पोस्टर जो सामने ले आए इस वामपंथी-इस्लामी मानसिकता की असली तस्वीर

बीते दिनों हुए इन प्रदर्शनों में करीब 30 पोस्टर ऐसे दिखाई दिए, जो हिंदूघृणा की खुली किताब थे। जिन्हें देखते ही अंदाजा लग जाएगा कि सेकुलरिज्म बचाने के नाम पर ये हिंदुत्व पर हमला है।
आईशी घोष का फ़ाईल फ़ोटो

जामिया में CAA विरोध के बीच JNU छात्रसंघ अध्यक्ष आईशी घोष ने कहा- पीछे नहीं छोड़ सकते कश्मीर

हाल ही में मुंबई में हुए एक विरोध प्रदर्शन में एक लड़की द्वारा "फ्री कश्मीर" का पोस्टर लहराने पर उसके ख़िलाफ में केस दर्ज किया गया था। हालाँकि, बाद में जेएनयू छात्रों ने सफाई देते हुए कहा कि वो कश्मीर में फ्री इंटरनेट को लेकर लिखा गया था, लेकिन अब आइशी घोष खुद इसे लेकर खुलकर सामने आ गई हैं।
कोमल शर्मा

JNU हिंसा में नाम घसीटे जाने पर कोमल शर्मा ने की न्यूज़ चैनल के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत

कोमल शर्मा का आरोप है कि JNU में हुए हमले को लेकर चैनल ने उन्हें कथित तौर पर एक आरोपित के रूप में पेश करके बदनाम किया है। इसके साथ ही कोमल ने मीडिया संस्थानों और दिल्ली पुलिस को भी पत्र लिखकर इस मामले में ध्यान रखने को कहा है।

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