इवान तुर्गनेव का 'फादर्स एंड सन्स' उपन्यास केवल एक रूसी उपन्यास ना होकर पीढ़ियों के बीच चलने वाले शाश्वत संघर्ष का दस्तावेज़ है। बाज़ारोव का विद्रोह, निकोलई का प्रेम और पावेल का प्रतिरोध आज भी भारतीय परिवारों, विचारधाराओं और बदलते समाज में जीवित दिखाई देता है।
सुप्रीम कोर्ट द्वारा UGC के नए नियमों पर रोक लगाए जाने से तिलमिलाए JNU के वामपंथी छात्र संगठनों ने कैंपस में प्रदर्शन किया। इस दौरान ढपली की ताल पर 'ब्राह्मणवाद' और 'BJP-RSS' के खिलाफ नारे गूँजे।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि दिल्ली में रहने वाले 96.3% घुसपैठिए मुस्लिम हैं। इनके चलते दिल्ली के उन इलाकों की जनसांख्यिकी भी बदल गई है, जहाँ यह आकर बसे हैं।