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रूस से लड़ने के लिए यूक्रेन की पैरामिलिट्री में शामिल हुआ इंजीनियरिंग का छात्र… अब पिता ने भारत सरकार से जताई सुरक्षित वापसी की उम्मीद

सैनिकेश रविचंद्रन ने 2 बार प्रयास किया था भारतीय सेना में शामिल होने के लिए। लंबाई कम होने के चलते मौका नहीं मिला था। अब यूक्रेन की पैरामिलिट्री में शामिल हो कर रूस के खिलाफ लड़ने निकले हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन की पैरामिलिट्री में शामिल हो कर रूस के खिलाफ लड़ने निकले भारतीय छात्र सैनिकेश रविचंद्रन (Sainikesh Ravichandran) अब भारत वापस लौटना चाहते हैं। इस बात की जानकारी सैनिकेश के पिता रविचंद्रन ने शनिवार (12 मार्च) को दी। उन्होंने भारत सरकार से आशा जताई है कि वो उनके बेटे को सुरक्षित वापस ले आएगी। सैनिकेश ने पिछ्ले माह फरवरी में यूक्रेन के सशत्र बल को ज्वाइन कर लिया था।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सैनिकेश के 52 वर्षीय पिता रविचंद्रन ने कहा, “मेरी 3 दिन पहले ही बेटे से बात हुई है। वो भारत वापस लौटने को राजी था। सरकार हमारे सम्पर्क में है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास से आशा करते हैं कि वो मेरे बेटे को जल्द ही खोज लेंगे और सरकार उसे सुरक्षित वापस ले आएगी। पिछले 3 दिन से मेरा सम्पर्क बेटे से नहीं हो पाया है। मीडिया में आने वाली रिपोर्ट उसकी वापसी में बाधा नहीं बन सकती।”

वहीं एक पुलिस अधिकारी का कहना है, ‘सैनिकेश के पिता ने अपने बेटे से वापस आने के लिए कहा था। लेकिन उसने ठीक से जवाब नहीं दिया। जब लड़ाई शुरू हुई थी तब उन्होंने यूक्रेन में भारत के दूतावास को सम्पर्क नहीं किया था। अब युद्ध चल रहा है। उनके बेटे को युद्ध क्षेत्र से खोज कर लाना आसान काम नहीं है।”

बताते चलें कि सैनिकेश फ़िलहाल यूक्रेन की पैरामिलिट्री वालेंटियर विंग जॉर्जियन नेशनल लीगियन में भर्ती हुए हैं। उनको लंबाई कम होने के चलते 2 बार प्रयासों के बाद भी भारतीय सेना में शामिल होने का मौका नहीं मिला था। सैनिकेश मूल रूप से इंजीनियरिंग के छात्र हैं। उनका परिवार तमिलनाडु के कोयंबटूर में रहता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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