Homeदेश-समाजशूटिंग के बहाने आतंकियों ने घर पर दी दस्तक, फिर अभिनेत्री को मार दी...

शूटिंग के बहाने आतंकियों ने घर पर दी दस्तक, फिर अभिनेत्री को मार दी गोली: बोले विवेक अग्निहोत्री- कश्मीर में कला और कलाकारों के लिए जगह नहीं

अमरीना के साथ-साथ आतंकियों ने उनके 10 साल के भतीजे को भी गोली मारी। उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।

जम्मू-कश्मीर के बडगाम में बुधवार (25 मई 2022) को आतंकवादियों ने टीवी कलाकार अमरीना भट्ट की आतंकियों ने हत्या कर दी थी। अमरीना के बहनोई जुबैर अहमद ने बताया है कि उसे शूटिंग के लिए बुलाने दो लोग उसके घर आए थे। जब वह घर से बाहर निकली तो उसकी हत्या कर दी। जुबैर ने यह भी पूछा कि आखिर उसने किसी का क्या बिगाड़ा था? 

अमरीना भट्ट के पिता ने बताया, ”कल रात दो लोग उसे शूटिंग के लिए बुलाने हमारे घर आए। जब उसने उन्हें बताया कि वह शूटिंग के लिए नहीं जाएगी तो उसे गोली मार दी। वह मेरे लिए एक बेटे की तरह थी।”

गौरतलब है कि चाडूरा के साथ सटे हुशरू में बुधवार देर शाम करीब आठ बजे खजीर मोहम्मद भट्ट की बेटी अमरीना अपने घर में बैठी हुई थी। इसी दौरान उसके दरवाजे पर किसी ने दस्तक दी। जब उसने दरवाजा खोला तो तीन आतंकी जबरन भीतर दाखिल हो गए। उन्होंने अमरीना भट्ट को देखते ही उस पर गोलियों की बौछार कर दी। अमरीना भट्ट और उसका 10 वर्षीय भतीजा इस हमले में बुरी तरह जख्मी हो गया। दोनों को मरा समझकर आतंकी वहाँ से फरार हो गए।

इसके बाद परिजनों ने घायल अमरीना और उसके भतीजे को तुरंत अस्पताल पहुँचाया। जहाँ डाक्टरों ने अमरीना को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके भतीजे की हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है। 

कश्मीर में इस्लामी आतंकवाद पर चर्चित फिल्म कश्मीर फाइल्स बनाने वाले विवेक अग्निहोत्री ने इस घटना पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि कश्मीर में कला और कलाकारों के लिए कोई जगह नहीं है। अमरीना को ‘गैर-इस्लामी’ होने के कारण मारा गया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि बहुतेरे लिबरल इस घटना को अनदेखा कर देंगे।

बता दें कि आतंकियों ने इससे एक दिन पहले श्रीनगर में भी एक पुलिसकर्मी की उसके घर के बाहर हत्या कर उनकी बेटी को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।  पुलिसकर्मी की पहचान सैफुल्ला कादरी (अब्बा का नाम मोहम्मद सैयद कादरी) के रूप में हुई थी। आतंकियों ने इस गोलीबारी की घटना को पुलिसकर्मी के घर के बाहर अंजाम दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -