Homeदेश-समाजआतंकियों ने हिंदू होने के कारण की जिस शिक्षिका की हत्या, उनके नाम पर...

आतंकियों ने हिंदू होने के कारण की जिस शिक्षिका की हत्या, उनके नाम पर होगा सरकारी हाई स्कूल: पीड़ित परिवार से मिलने के बाद LG का ऐलान

“जम्मू-कश्मीर प्रशासन परिवार को हरसंभव सहयोग और सहायता प्रदान करेगा। कुलगाम जिले के गोपालपारा स्थित सरकारी हाई स्कूल का नाम शिक्षिका रजनी बाला के नाम पर रखा जाएगा।"

जम्मू-कश्मीर के गोपालपोरा सरकारी हाई स्कूल का नाम हिंदू शिक्षिका रजनी बाला के नाम पर होगा। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार (8 जून 2022) को शिक्षिका के परिजनों से मुलाकात के बाद इसकी घोषणा की। इस दौरान उन्होंने परिवार को सांत्वना देते हुए रजनी बाला के हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

उन्होंने परिवार को हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वासन दिया। बता दें कि 31 मई को आतंकियों ने स्कूल के बाहर रजनी बाला की गोली मार कर हत्या कर दी थी। उपराज्यपाल से मुलाकात के दौरान रजनी बाला के पति राजकुमार ने अपनी पत्नी के सभी पेंशन लाभ बेटी को देने की बात रखी। साथ ही सेवानिवृत्ति तिथि तक पेंशन के तौर पर पूरा वेतन, बेटी की पढ़ाई का खर्च और वयस्क होने पर उसकी नौकरी की माँग रखी। इसके अलावा उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों के चलते अपना तबादला भी गृह क्षेत्र सांबा में करने का आग्रह एलजी से किया।

सिन्हा ने ट्वीट करते हुए कहा, “जम्मू-कश्मीर प्रशासन परिवार को हरसंभव सहयोग और सहायता प्रदान करेगा। कुलगाम जिले के गोपालपारा स्थित सरकारी हाई स्कूल का नाम शिक्षिका रजनी बाला के नाम पर रखा जाएगा। मैंने उनके परिवार से मुलाकात की। उनकी माँगों और परेशानियों को प्राथमिक आधार पर सुलझाया जाएगा।”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “रजनी बाला के परिवार के सदस्यों से सांबा में उनके घर पर मुलाकात की। वह घाटी में सबसे पसंदीदा और प्रशंसित शिक्षकों में से एक थीं।”

इधर दिवंगत स्कूल शिक्षिका रजनी बाला की याद में गुरुवार (9 जून 2022) को राजकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बनिहाल के सभी छात्र-छात्राओं और स्टाफ सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए दो मिनट का मौन रखा।

उल्लेखनीय है कि 31 मई को कुलगाम में आतंकियों ने शिक्षिका रजनी बाला को गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के समय स्कूल में कई अन्य टीचर भी थे, लेकिन आतंकियों ने उन्हें अलग से चुन कर मारा। वह सांबा जिले की मूल निवासी थीं। लेकिन कुलगाम के गोपालपोरा के सरकारी स्कूल में तैनात थीं। घटना के बाद रजनी बाला को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘प्रतिरोध की राजनीति’ से ‘सड़क की लोकतांत्रिक राजनीति’ तक: योगेंद्र यादव, ये भीड़-तंत्र को सामान्यीकृत करने की खतरनाक कोशिश

क्या योगेंद्र यादव की 'प्रतिरोध की राजनीति' लोकतांत्रिक विरोध है या भीड़तंत्र को वैधता देने की कोशिश?क्या सड़क को संसद से ऊपर रखने की तैयारी?

राहुल गाँधी का ‘पुलिस भी सरकार हटाना चाहती है’ दावा: क्या संस्थानों में अविश्वास फैलाकर रची जा रही है ‘सत्ता परिवर्तन’ की साजिश?

राहुल गाँधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने उनसे कहा, "इनको हटाइए।" जानिए इस दावे, तथ्य और संस्थानों में अविश्वास फैलाने के आरोपों की पूरी कहानी।
- विज्ञापन -