Wednesday, April 24, 2024
Homeदेश-समाजस्कूल में घुस कश्मीरी पंडित महिला शिक्षक को आतंकियों ने मारी गोली, हुई मौत:...

स्कूल में घुस कश्मीरी पंडित महिला शिक्षक को आतंकियों ने मारी गोली, हुई मौत: हिंदुओं की टार्गेटेड किलिंग पर लगाम कब?

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में इस्लामी आतंकियों ने एक महिला कश्मीरी हिंदू (पंडित) की हत्या कर दी है। हाई स्कूल गोपालपोरा की शिक्षिका रजनी को आतंकियों ने स्कूल में गोलियों से छलनी कर दिया।

जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में इस्लामी आतंकियों ने एक महिला कश्मीरी हिंदू (पंडित) की हत्या कर दी है। हाई स्कूल गोपालपोरा की शिक्षिका रजनी को आतंकियों ने स्कूल में गोलियों से छलनी कर दिया। घायल रजनी को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया।

महिला कश्मीरी पंडित और शिक्षिका की हत्या के बाद पूरे इलाके की घेराबंदी की गई है। 31 मई 2022 को अंजाम दी गई इस घटना के बाद आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

कश्मीर जोन की पुलिस का कहना है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार आतंकियों को खोज निकाला जाएगा और उन्हें ढेर कर दिया जाएगा।

कश्मीरी हिंदुओं पर टार्गेटेड अटैक

कश्मीर के ही बडगाम में दो-तीन हफ्ते पहले 12 मई 2022 को लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों ने एक सरकारी कार्यालय में घुस कर 35 वर्षीय राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी थी। राहुल भट प्रवासी कश्मीरी हिंदुओं के रोजगार के लिए दिए गए विशेष पैकेज के लिए काम कर रहे थे।

जिस समय दोनों आतंकियों ने कार्यालय में घुसकर भट की हत्या की थी, उस समय शाम के लगभग साढ़े चार बज रहे थे और तहसील कार्यालय कर्मचारियों से भरा हुआ था। आतंकी दुस्साहस दिखाते हुए भरी ऑफिस में घुस गए और राहुल भट को सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी।

टार्गेटेड अटैक खौफ की रणनीति

राहुल भट की हत्या से पहले पिछले साल 7 अक्‍टूबर को आतंकियों ने प्रिंसिपल सतिंदर कौर और अध्‍यापक दीपक चंद की हत्‍या कर दी थी। 5 अक्‍टूबर को माखनलाल बिंद्रू को मौत के घाट उतारा गया था। 17 सितंबर को कॉन्‍स्‍टेबल बंटू शर्मा को जान से हाथ धोना पड़ा था। 8 जून को सरपंच अजय पंडिता की जान गई थी। यह सिलसिला मानो थमने का नाम नहीं ले रहा है।

राहुल भट या महिला शिक्षक रजनी की हत्या आम आतंकी घटना नहीं। यह टार्गेटेड किलिंग है। टार्गेटेड किलिंग इसलिए क्योंकि जिस ऑफिस/स्कूल में घुस कर आतंकी ऐसी घटना को अंजाम देते हैं, अगर यह आम आतंकी घटना होती तो वहाँ काम करने वाले दूसरे भी मारे जा सकते थे या घायल होते। क्या ऐसा हुआ? नहीं। क्या कारण हो सकता है? सिर्फ और सिर्फ टार्गेटेड किलिंग। भीड़ भरे ऑफिस/स्कूल/जगह में घुसना और नाम पूछ कर गोली मारना टार्गेटेड किलिंग नहीं है तो और क्या है?

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

माली और नाई के बेटे जीत रहे पदक, दिहाड़ी मजदूर की बेटी कर रही ओलम्पिक की तैयारी: गोल्ड मेडल जीतने वाले UP के बच्चों...

10 साल से छोटी एक गोल्ड-मेडलिस्ट बच्ची के पिता परचून की दुकान चलाते हैं। वहीं एक अन्य जिम्नास्ट बच्ची के पिता प्राइवेट कम्पनी में काम करते हैं।

कॉन्ग्रेसी दानिश अली ने बुलाए AAP , सपा, कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता… सबकी आपसे में हो गई फैटम-फैट: लोग बोले- ये चलाएँगे सरकार!

इंडी गठबंधन द्वारा उतारे गए प्रत्याशी दानिश अली की जनसभा में कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe