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मंदिर की ₹500 करोड़ की जमीन पर अवैध कब्जा, आंध्र प्रदेश में 60 साल की कानूनी लड़ाई के बाद 29.71 एकड़ जमीन कराया गया मुक्त: रिपोर्ट

इस जमीन को चेमुदु रियासत की महारानी विरिचेरला चद्रमणि पट्टा महादेवी ने जगदंबा जंक्शन के पास स्थित विजग के अम्बिका बाग रामालयम् मंदिर के रख-रखाव के लिए दान में दिया था। महारानी ने यह दान 20 जुलाई 1957 को पंजीकृत वसीयत द्वारा किया था।

आंध्र प्रदेश के विजग (Vizag, Andhra Pradesh) में लगभग 60 वर्षों की कानूनी लड़ाई लड़ने के बाद राज्य सरकार की बंदोबस्ती विभाग ने एक मंदिर की जमीन (Temple Land) को बरामद कर लिया गया है। इस जमीन की कीमत 500 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।

विजग के अनकापल्ली में अम्बिका बाग मंदिर स्थित है। इसे फूलबाग मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की 29.71 एकड़ जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया था। जब मंदिर प्रशासन ने इस जमीन से लोगों को हटाने की कोशिश की तो वे कोर्ट में चले गए। अब अतिक्रमण हटाकर यहाँ बोर्ड लगा दिया गया है।

यह जमीन अनकापल्ली में माँ नुकलम्मा मंदिर के पास स्थित है। इस जमीन को चेमुदु रियासत की महारानी विरिचेरला चद्रमणि पट्टा महादेवी ने जगदंबा जंक्शन के पास स्थित विजग के अम्बिका बाग रामालयम् मंदिर के रख-रखाव के लिए दान में दिया था। महारानी ने यह दान 20 जुलाई 1957 को पंजीकृत वसीयत द्वारा किया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, विजग के रामालयम् मंदिर का जमीन लंबे समय से कानूनी पचड़े में पड़ा था। हालाँकि, साल 2007 में बंदोबस्ती विभाग ने इस कानूनी लड़ाई को जीत लिया और मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।

वहीं, कुछ लोगों ने दावा किया कि अनकापल्ली स्थित रामालयम मंदिर की जमीन अपनी संपत्ति है। इसके बाद ईनम की ट्रिब्यूनल ने बंदोबस्ती विभाग के पक्ष में निर्णय दिया, लेकिन लोग बार-बार विभिन्न अदालतों में मुकदमा दायर करते रहे। हालाँकि, यहाँ भी लोगों को निराशा हाथ लगी।

मंदिर के कार्यकारी अधिकारी एवं सहायक आयुक्त ने राजस्व विभाग और पुलिस के सहयोग से जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करा लिया और वहाँ पर बोर्ड लगवा दिया कि यह जमीन मंदिर की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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