Homeदेश-समाजपंजाब पुलिस ने दी थी सुरक्षा, फिर भी डेरा सच्चा सौदा के प्रदीप सिंह...

पंजाब पुलिस ने दी थी सुरक्षा, फिर भी डेरा सच्चा सौदा के प्रदीप सिंह को गोलियों से भूना: 2 बाइक पर सवार होकर आए थे 5 हमलावर

प्रदीप सिंह 2015 के बेअदबी के एक मामले में आरोपित थे। हमले के समय अपनी दुकान खोल रहे थे। उन्हें पंजाब पुलिस ने 3 गनर दिए थे।

हिंदूवादी नेता सुधीर सूरी के बाद अब पंजाब में डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी प्रदीप सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। फरीदकोट में गुरुवार (11 नवम्बर 2022) को दो बाइक पर सवार होकर आए 5 बदमाशों ने उन पर हमला किया। हमले में सिंह के पड़ोसी और गनमैन घायल भी हुए हैं।

प्रदीप सिंह 2015 के बेअदबी के एक मामले में आरोपित थे। भाजपा ने इस घटना के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार को दोषी ठहराया है। वहीं मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि पंजाब में किसी को शांति भंग नहीं करने दिया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हमले के समय प्रदीप सिंह अपनी दुकान खोल रहे थे। उन्हें पंजाब पुलिस ने 3 गनर दिए थे। हमले के दौरान एक गनर शौच करने गया था। वहीं घायल गनर हाकम सिंह के मुताबिक उन्होंने गोली चलाते 2 लोगों को देखा था। प्रदीप का एक साथी मोहिंदर पाल बिट्टू पहले ही नाभा जेल में मारा जा चुका है। फ़िलहाल प्रदीप जमानत पर जेल से बाहर थे।

प्रदीप डेयरी और राशन की दुकान चलाते थे। इस हत्याकांड का CCTV फुटेज भी वायरल हो रहा है। फुटेज में 5 हमलावर दिख रहे हैं। हमले के लिए पिस्टल का प्रयोग किया जा रहा है। फुटेज में हमला होने के बाद आसपास अफरातफरी का माहौल दिखाई दे रहा है।

भाजपा ने इस हत्याकांड को बहुत दुखद बताते हुए भगवंत मान सरकार के लॉ एन्ड आर्डर पर सवाल खड़े किए हैं। भाजपा पंजाब प्रदेश अध्यक्ष तरुण चुघ ने कहा कि बेअदबी का केस कोर्ट में चल रहा था। ऐसे में किसी को भी कानून अपने हाथों में लेने की जरूरत नहीं थी। चुघ के मुताबिक पंजाब की निकम्मी सरकार के चलते अब यहाँ सुरक्षा प्राप्त नेताओं की हत्याएँ आए दिन हो रही हैं। भाजपा पंजाब प्रदेश अध्यक्ष ने वर्तमान पंजाब को अपराध का केंद्र बताया।

जानकारी के मुताबिक बेअदबी की यह घटना फरीदकोट में 2015 की है। इस घटना के विरोध में अक्टूबर 2015 में उग्र प्रदर्शन हुए थे। तब कोटकापुरा में पुलिस फायरिंग में 2 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। बेअदबी के आरोप में अब तक पंजाब में कुल 7 लोगों की हत्या हो चुकी है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -