Homeबड़ी ख़बरCBI और ED का जालः मेहुल चोकसी को वेस्ट इंडीज से लाने के लिए...

CBI और ED का जालः मेहुल चोकसी को वेस्ट इंडीज से लाने के लिए जहाज तैयार!

मेहुल चोकसी और जतिन मेहता जैसे भगोड़े आर्थिक अपराधी कैरेबियाई देशों की पेड नागरिकता का फायदा लेकर वहाँ के नागरिक बन गए हैं।

पंजाब नैशनल बैंक में करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने वाले भगोड़े आर्थिक अपराधी मेहुल चोकसी की देश वापसी के लिए सीबीआई और ईडी के अधिकारी वेस्टइंडीज जा सकते हैं। रिपोर्ट की मानें तो इस मिशन को पूरा करने के लिए एयर इंडिया के एक लॉन्ग-रेंज बोईंग विमान की मदद ली जा रही है। मेहुल चोकसी और जतिन मेहता जैसे भगोड़े आर्थिक अपराधी कैरेबियाई देशों की पेड नागरिकता का फायदा लेकर वहाँ के नागरिक बन गए हैं।

मेहता के पास सेंट किट्स ऐंड नेविस की नागरिकता है, जबकि चोकसी ने हाल ही में एंटीगुआ ऐंड बारबुडा की नागरिकता ली है। बता दें कि ये द्वीप 132 देशों में वीजा फ्री यात्रा की सुविधा प्रदान करते हैं। यहाँ भारत के आर्थिक अपराधियों द्वारा पैसे देकर नागरिकता लेने का चलन काफी पुराना है।

कैरेबियाई देश से उठाया जा सकता है चोकसी को

रिपोर्ट की मानें तो इन दोनों भगोड़े अपराधियों के किसी निश्चित ठिकाने का पता नहीं चल पाया है लेकिन चोकसी को कैरेबियाई देश जबकि नीरव मोदी को यूरोप से उठाया जा सकता है। इन द्वीपों के साथ भारत का प्रत्यर्पण समझौता नहीं है, जिसके चलते ये देश भगोड़े आर्थिक अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगार बन गया है। बता दें कि चोकसी पीएनबी में 13,700 करोड़ रुपए के घोटाले में आरोपित है।

चोकसी ने अपनी भारतीय कंपनियों – ‘गीतांजलि जेम्स’, ‘गिल इंडिया’ और ‘नक्षत्र’ के बढ़े हुए आयात संबंधी दस्तावेज़ प्रस्तुत करके पीएनबी बैंक को धोखा दिया है। जबकि विनसम डायमंड कंपनी के मालिक जतिन मेहता पर 3,969 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड करने का आरोप है।

आसानी से मिल जाती है पेड नागरिकता

डोमिनिसिया और सेंट लुसिया में महज 1 लाख डॉलर में ही नागरिकता और पासपोर्ट दे दिया जाता है। जबकि अगर पत्नी की भी नागरिकता चाहिए हो तो इसके लिए 1.65 लाख डॉलर का भुगतान करना होता है। वहीं, ग्रेनाडा इसी तरह का पासपोर्ट दो लाख डॉलर में देता है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।

59 करोड़ अकाउंट्स, लाखों करोड़ की कैपिटल और आखिरी व्यक्ति तक पहुँचता बैंकिंग सिस्टम… फिर क्यों जनधन योजना से सुभाष गर्ग को लगी मिर्ची?

सुभाष गर्ग ने जनधन योजना के 59 करोड़ खातों पर सवाल उठाए, जानिए जीरो बैलेंस, इनएक्टिव अकाउंट्स और DBT से जुड़ी पूरी कहानी।
- विज्ञापन -