Homeराजनीति'हमारे बाप-दादाओं की जेब में रहते थे राम': राकेश टिकैत के साथी नेता ने...

‘हमारे बाप-दादाओं की जेब में रहते थे राम’: राकेश टिकैत के साथी नेता ने ‘जाट महाकुंभ’ में उगला ज़हर, बोले – ‘मैंने पुजारी से कहा – तेरा बाप मरा तो…’

युद्धवीर कहते हैं हमारे बाप-दादाओं का राम उनके साथ रहता था, उनकी जेब में रहता था। निकाल कर अपने से मिल लेते थे। आज हम राम को ढूँढने के लिए मंदिर जाते हैं।

राजस्थान की राजधानी जयपुर में रविवार (05 मार्च, 2023) को आयोजित जाट महाकुंभ में ‘अखिल भारतीय जाट महासभा’ के महासचिव युद्धवीर सिंह ने विवादास्पद बयान दिया। भारतीय किसान युनियन नेता राकेश टिकैत के साथी युद्धवीर सिंह ने कहा कि जाट समुदाय के लोग कभी किसी मंदिर में पानी चढ़ाने नहीं जाते। उन्होंने कहा कि राम हमारे बाप-दादाओं की जेब में रहते थे। युद्धवीर ने मंदिर के पुजारियों पर भी विवादास्पद टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि 50 साल पहले तक जाट के गाँव में मंदिर नहीं हुआ करते थे।

जयपुर के विद्याधर नगर में भैरोंसिंह शेखावत स्टेडियम में आयोजित जाट महाकुंभ में को संबोधित करते हुए युद्धवीर सिंह ने मंदिरों में पूजा को पंडितों और पुजारियों का पाखंड करार दिया। उन्होंने कहा कि राम पर किसी का विशेषाधिकार नहीं है। किसान उठते-सोते सैकड़ों बार राम का नाम लेता है। लेकिन वह किसी मंदिर में पानी चढ़ाने नहीं जाता। भीड़ में उपस्थित जाटों से सवाल करते हुए युद्धवीर कहते हैं क्या आपने अपने बाप दादाओं को मंदिर जाते देखा है?

युद्धवीर कहते हैं हमारे बाप-दादाओं का राम उनके साथ रहता था, उनकी जेब में रहता था। निकाल कर अपने से मिल लेते थे। आज हम राम को ढूँढने के लिए मंदिर जाते हैं। इसके बाद युद्धवीर मंदिर के पुजारियों पर टिप्पणी करते हैं। युद्धवीर पुजारी के साथ हुआ अपना संवाद सुनाते हैं। युद्धवीर के अनुसार मंदिर के एक पुजारी ने उनसे मंदिर में जल चढ़ाने के लिए कहा। इस पर उन्होंने जवाब दिया यह तो पत्थर की मूर्ति, है बगल के कारीगर ने बनाई थी। तो पुजारी ने इसमें प्राण प्रतिष्ठा किए जाने की बात कही। इसपर युद्धवीर ने पुजारी से कहा, “जब तेरा बापू मरा उसमें प्राण प्रतिष्ठा क्यों नहीं की? अपनी माँ की क्यों नहीं करी? अपने रिश्तेदारों की क्यों नहीं की?

युद्धवीर आगे कहते हैं कि हमें बेवकूफ बनाया गया। आज से 50 साल पहले किसी भी जाट के गाँव में मंदिर नहीं हुआ करते थे। शिवालय होते थे जिसमें कोई पंडित नहीं होता था। महिलाएँ जल व दूध चढ़ा आया करती थीं। कोई पाखंड नहीं हुआ करता था। आज की युवा पीढ़ी को पता ही नहीं है। बता दें कि जिस समय युद्धवीर यह बातें कर रहे थे उस वक्त मंच पर बीजेपी-कॉन्ग्रेस के अलावा कई पार्टियों के नेता मंच पर मौजूद थे। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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