Homeदेश-समाजअलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लड़की गई थी PhD करने… प्रोफेसर अफीफुल्लाह खान करते थे...

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में लड़की गई थी PhD करने… प्रोफेसर अफीफुल्लाह खान करते थे छूने की कोशिश, लिपस्टिक-कपड़ों-शरीर पर कॉमेंट

पीड़ित छात्रा जरीना खातून (बदला हुआ नाम), अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में करने आई थीं PhD... प्रोफेसर अफीफुल्लाह खान गंदी नीयत से छूने की कोशिश करता था। लिपस्टिक, कपड़ों और शरीर पर कॉमेंट किया करता था।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) की एक शोध छात्रा ने अपने प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आरोपित प्रोफेसर का नाम अफीफुल्लाह खान है। अफीफुल्लाह पर आरोप है कि उसने छात्रा जरीना खातून (बदला हुआ नाम) की थीसिस जमा करवाने के बदले अश्लील माँग की। माँग पूरी नहीं होने पर पीड़िता की थीसिस जमा नहीं की गई। अलीगढ़ पुलिस ने मामले में FIR दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। पीड़िता ने अफीफुल्लाह द्वारा अपने उत्पीड़न की शिकायत 2 मई 2023 को ई-मेल भेज कर की थी, जिस पर शनिवार (27 मई 2023) को FIR दर्ज हुई है।

मामले की FIR अलीगढ़ के महिला थाने में दर्ज हुई है। पीड़िता की शिकायत के मुताबिक वह वाइल्ड लाइफ विज्ञान विभाग में पीएचडी प्रोग्राम के लिए साल 2017 में चयनित हुई थी। यहाँ उसे पौधों पर ईएमएफ विकिरण के प्रभाव पर प्रोफेसर अफीफुल्ला खान की देखरेख में रिपोर्ट तैयार करनी थी। लगभग 5 साल तक पीड़िता ने मेहनत करके कई जरूरी आँकड़े जुटाए और एक थीसिस तैयार की। इन 5 वर्षों में छात्रा के पर्यवेक्षक अफीफुल्लाह ने तमाम रिपोर्ट्स को लगातार संतोषजनक बताया था।

छात्रा का कहना है कि जिन प्रोफेसर अफीफुल्लाह ने उनकी मेहनत को 6 माह पहले तक सही बताया था, वही अचानक ही बदल गए। पीड़िता द्वारा अंतिम रिपोर्ट बनाने के बाद उन्होंने इसे अप्रूव नहीं किया और खुद को कैम्पस में काफी ताकतवर बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की भी धमकी दी। इस दौरान अफीफुल्लाह ने छात्रा को चुनौती भी दी कि वो देखेंगे कि कैसे उसकी थीसिस जमा होती है। शिकायत में बताया गया है कि इस दौरान छात्रा ने प्रोफेसर से तमाम मिन्नतें की लेकिन वो किसी काम नहीं आईं।

छात्रा जरीना खातून का आरोप है कि बीते 5 वर्षों में आरोपित प्रोफेसर ने कई गंदे ऑफर दिए। शुरू में तो छात्रा ने इन हरकतों को अनदेखा किया और बाद में खुल कर प्रोफेसर की ऊल-जुलूल माँगों को अस्वीकार करना शुरू कर दिया। पीड़िता के मुताबिक अफीफुल्लाह लगातार पीड़िता को गंदी नीयत से छूने की कोशिश करता था। इस दौरान वह काम देखने के बहाने पीड़िता के पास आकर बैठ जाता था। प्रोफेसर अफीफुल्लाह खान छात्रा के लिपस्टिक, कपड़ों और शरीर पर कमेंट किया करता था।

अफीफुल्लाह पर यह भी आरोप है कि उसने छात्रा को हमेशा गलत समय पर अपने डिपार्टमेंट में बुलाने की कोशिश की। इस दौरान जब लड़की ने उसकी गंदी बातों का विरोध किया तो वो नाराज हो गया। छात्रा का कहना है कि वो लगातार इस कोशिश में जुटी रही कि कैसे भी वह अपनी रिसर्च जल्दी से पूरी करके प्रोफेसर अफीफुल्लाह के विभाग से निकल जाए। हालाँकि इस दौरान पीड़िता को यह जानकारी हो चुकी थी कि प्रोफेसर अपनी माँगों के न मानने पर उसके करियर के साथ खिलवाड़ कर सकता है।

पीड़िता जरीना खातून (बदला हुआ नाम) का आरोप है कि सोमवार (1 मई 2023) को वह प्रोफेसर अफीफुल्लाह के विभाग में थीसिस जमा करने गई। इस दौरान आरोपित प्रोफेसर ने बदतमीजी दिखाते हुए पीड़िता को अपनी शक्ल लेकर दफा हो जाने के लिए कहा। पीड़िता का दावा है कि इस घटना के अगले दिन मंगलवार (2 मई 2023) को उसने एक ई-मेल के जरिए रजिस्ट्रार को अपने साथ 5 साल तक हुए यौन शोषण की शिकायत भेजी थी। हालाँकि उस शिकायत पर तुरंत कोई कार्रवाई नहीं हुई।

बुधवार (24 मई 2023) की घटना का जिक्र करते हुए पीड़िता ने बताया कि वह एक और कोशिश के तहत अपनी थीसिस जमा करने प्रोफेसर अफीफुल्लाह के ऑफिस गई। इस दौरान एक बार फिर आरोपित प्रोफेसर ने चिल्ला कर साफ कह दिया कि वह थीसिस नहीं जमा करने वाला। साथ ही प्रोफेसर ने ललकारते हुए पीड़िता से अपनी शिकायत कुलपति और भारत के राष्ट्रपति से करने का चैलेन्ज दिया। आखिरकार रजिस्ट्रार द्वारा 2 मई की शिकायत पर कोई ध्यान नहीं देने के चलते अंतिम विकल्प के तौर पर छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज की।

अलीगढ़ पुलिस ने AMU वन्यजीव विज्ञान विभाग के प्रोफेसर अफीफुल्लाह पर IPC की धारा 354 के तहत FIR दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जाँच करवाई जा रही है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -