Homeदेश-समाजनरेंद्र मोदी को फँसाने की थी साजिश, अहमद पटेल ने तीस्ता सीतलवाड़ को दिए...

नरेंद्र मोदी को फँसाने की थी साजिश, अहमद पटेल ने तीस्ता सीतलवाड़ को दिए थे ₹30 लाख: हाई कोर्ट से गुजरात सरकार, कहा- जमानत मिली तो करेगी सबूतों से छेड़छाड़

गुजरात सरकार के वकील मितेश अमीन ने कोर्ट में कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ पर केस भी सबूतों से छेड़छाड़ करने और उसके आधार पर प्रोपेगेंडा चलाने का ही चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल, जिनका देहांत साल 2020 में हुआ था, उन्होंने तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपए दिए थे।

साल 2002 के गुजरात दंगों में निर्दोषों को फँसाने की साजिश रचने वाली तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका का गुजरात सरकार ने हाई कोर्ट में विरोध किया है। सरकार ने कोर्ट को बताया कि तीस्ता राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए एक नेता (अहमद पटेल) की ओर से टूल की तरह काम कर रही थीं। अगर उन्हें जमानत मिलती है तो वह अपने खिलाफ मिलने वाले सबूतों को नष्ट कर सकती हैं।

गुजरात सरकार के वकील मितेश अमीन ने कोर्ट में कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ पर केस भी सबूतों से छेड़छाड़ करने और उसके आधार पर प्रोपेगेंडा चलाने का ही चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस नेता अहमद पटेल, जिनका देहांत साल 2020 में हुआ था, उन्होंने तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपए दिए थे।

यह रकम तीस्ता को गोधरा दंगों के बाद प्रोपेगेंडा चलाने के लिए दी गई थी ताकि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य लोगों को फँसाया जा सके। सरकारी वकील ने कहा कि तीस्ता सीतलवाड़ ने पुलिस अधिकारियों आरबी श्रीकुमार और संजीव भट्ट के साथ मिलकर गुजरात सरकार को अस्थिर करने की साजिश रची थी।

कोर्ट में तीस्ता की बेल याचिका का विरोध करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के दावे का हवाला भी दिया गया। जिसमें तीस्ता के खिलाफ सबूत मिलने की बात थी। इसमें कहा गया था कि कैसे तीस्ता ने एक राजनीतिक पार्टी के नेता से रुपयों की मदद लीं।

इसके अलावा इस दौरान रईस खान के बयान का भी जिक्र किया। जिन्होंने तीस्ता-अहमद पटेल के बीच हुई डील के बारे में सामने आकर जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि जब सीतलवाड़ की मुलाकात अहमद से हुई उसकी जानकारी उन्हें थी। तीस्ता को काम दिया गया था कि नरेंद्र मोदी व अन्य लोगों को गोधरा कांड में कैसे भी सजा मिले और वो जेल जाएँ।

बता दें कि, गुजरात दंगा मामले में निर्दोष लोगों को फँसाने के लिए फर्जी सबूत गढ़ने के आरोप में तीस्ता सीतलवाड़ समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के बाद गुजरात पुलिस के विशेष जाँच दल की ओर से कोर्ट में पेश किए गए एक हलफनामे में भी कहा गया था कि तीस्ता का उद्देश्य बड़े षड़यंत्र को अंजाम देते हुए गुजरात सरकार को गिराना या अस्थिर करना था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

मैन्युफैक्चरिंग से सॉफ्ट पावर तक… क्या है ‘शक्ति की सप्तधारा’? PM मोदी ने लाल किले से दिया विकसित भारत का नया विजन, जानें- 7...

‘शक्ति की सप्तधारा’ क्या है? PM मोदी के इस विजन में भारत की मैन्युफैक्चरिंग, खेती, AI, 6G, रक्षा, ग्रीन इकॉनमी और सॉफ्ट पावर को लेकर क्या लक्ष्य हैं, समझिए।

भारत में नदी जोड़ो परियोजना का भविष्य Part III: दुनिया में किन देशों ने सफलतापूर्वक किया रिवर लिंक प्रोजेक्ट का इस्तेमाल

भारत की नदी जोड़ो महा-योजना के तहत पूरे देश में कुल 30 अंतर-बेसिन जल स्थानांतरण (Inter-basin Water Transfer) लिंक प्रस्तावित किए गए हैं।
- विज्ञापन -