Wednesday, August 12, 2020
319 कुल लेख

अजीत भारती

सम्पादक (ऑपइंडिया) | लेखक (बकर पुराण, घर वापसी, There Will Be No Love)

सफूरा जरगर को मिली बेल: आखिर मोदी सरकार ने ‘शैतान’ के साथ ‘मानवीयता’ क्यों दिखाई?

वामपंथियों और उनके गिरोह को ये बात नहीं भूलना चाहिए कि जिस कानून-व्यवस्था में उन्हें यकीन नहीं है, आज उसी ने उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दी। ये चीज वामपंथियों को याद रखना चाहिए।
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रथ यात्रा रोकने की साजिश किसने की: अजीत भारती का सवाल | Ajeet Bharti on who wanted to stop Puri Rath Yatra

यात्रा पर रोक लगाए जाने के बाद कई याचिकाएँ दाखिल कर शीर्ष अदालत से पुनर्विचार का आग्रह किया गया था। इन याचिकाओं में कहा गया कि...

दिसंबर से शुरू हो गई थी प्लानिंग, 4 स्टेज में अंजाम दिए गए दिल्ली के दंगे: SC वकील मोनिका अरोड़ा की ऑपइंडिया से बातचीत

दिल्ली दंगों में चार्जशीट दाखिल होने का सिलसिला शुरू होते ही 'मासूम' नैरेटिव गढ़ने की कोशिशें भी शुरू हो गई है। जानिए, मोनिका अरोड़ा से कैसे रची गई थी पूरी साजिश।

लॉकडाउन में मुस्लिमों पर ही ज्यादा मुकदमे क्यों, जज साहब पूछ रहे… हम पूछते हैं इसमें समस्या क्या है, मुकदमे झूठे हैं?

तेलंगाना हाईकोर्ट ने पूछा है कि लॉकडाउन में मुस्लिमों पर ही ज्यादा मुकदमे क्यों? यह भी तो हो सकता है कि कोई समुदाय शांतिप्रिय हो, और कोई सिर्फ शांतिप्रिय कहलाता हो, लेकिन उपद्रव करने में अग्रणी हो?
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चीन के लिए भारत में बल्लेबाजी करने वाले कौन: अजीत भारती का सवाल | Ajeet Bharti on China backers in India

चीन ने कितनी जमीन पर, कॉन्ग्रेस के किस और यूपीए के किस प्रधानमंत्री के काल में कब्जा किया है, इसका राहुल गाँधी को तनिक भी ज्ञान नहीं है।

विषम परिस्थितियों में भी चीन के लिए भारत में बल्लेबाजी करने वाले कौन हैं?

इस एक ट्वीट में इतना खोखलापन और इतनी धूर्तता है कि फिर से आदमी सोचने लगता है, क्या राहुल गाँधी ये लिख सकता है? सतही तौर पर यह ट्वीट तो एक चिंतित व्यक्ति का दिखता है, लेकिन ऐसा है नहीं.......

लद्दाख में चीन की कहानी और वो लोग जो हँसते हुए सवाल पूछ रहे हैं

युद्ध न तो संभव है, न करना चाहिए क्योंकि वहाँ लाशें हर दिन गिरेंगी, आर्थिक नुकसान इतना होगा कि हम पाँच साल पीछे चले जाएँगे। चीनी सेना...

मुरारी बापू जी, अली-मौला इतना ही पसंद है तो टोपी लगा कर नमाज पढ़ लीजिए, सत्संग-प्रवचन का नाम क्यों ले रहे?

एक तरफ एक मजहब है, जो कि अपने मूल रूप में प्रसारवादी, राजनैतिक और ऐतिहासिक तौर पर हिंसक और लूट-पाट से ले कर आतंक का शासन स्थापित करने पर तुला हुआ है, और दूसरी तरफ उसी की प्रसारवादी नीतियों को झेल कर हर बार खड़ा होने वाला धर्म! दोनों एक हैं ही नहीं, आप क्यों मिलाना चाह रहे हो?

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