अनुपम कुमार सिंह

चम्पारण से. हमेशा राईट. भारतीय इतिहास, राजनीति और संस्कृति की समझ. बीआईटी मेसरा से कंप्यूटर साइंस में स्नातक.

कैसे मंज़र सामने आने लगे हैं, गाते-गाते लोग चिल्लाने लगे हैं: BJP को ट्रोल करने वाले जावेद अख़्तर को समर्पित पंक्तियाँ

...वो अलग बात है कि कॉन्ग्रेस को अपदस्थ करने के लिए दुष्यंत द्वारा लिखी गई कविता का प्रयोग आज जावेद अख़्तर उसी कॉन्ग्रेस को (प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से) सत्ता दिलाने के लिए कर रहे हैं। विडम्बना इसे देख कर हज़ार मौतें मरेंगी।

‘तू भोजन कुत्ते की तरह चाट या मत खा’ – हल्दीघाटी की एक अनसुनी कहानी में गद्दारों के लिए संदेश

महाराणा प्रताप ने मानसिंह जैसे कुलघाती से क्या कहा? उसके साथ कैसा व्यवहार किया? उनके वो वाक्य आज भी प्रासंगिक हैं लेकिन महराणा की युद्धकला की चर्चाओं के बीच उनके विचार छिप जाते हैं। देश के गद्दारों को लेकर क्या सोचते थे प्रताप? चलिए क़रीब 450 वर्ष पीछे।

जय श्री राम, हुह… जिस पत्रकार ने ऐसा कहा, वो एक नंबर का धूर्त है, बंगालियों के नाम पर कलंक है

माँ दुर्गा और भगवान श्रीराम के भक्तों को अलग-अलग देखते हुए क्षेत्र और श्रद्धा के नाम पर उन्हें लड़ने की कोशिश में लगे नंदी क्या यह नहीं जानते कि बंगाली रामायण के लेखक ने दुर्गा पूजा को बंगाल के घर-घर तक पहुँचाया? कृत्तिवासी ओझा के बारे में नहीं पता?

CJI को फँसाने के पीछे नेताओं, उद्योगपतियों, आतंकियों व वकीलों का शक्तिशाली तंत्र?

जेट एयरवेज कंगाली की कगार पर है और इसके संस्थापक नरेश गोयल के दाऊद से संपर्क की बातें होती रही हैं। इसी तरह राफेल मामले में सुनवाई को प्रभावित करने की कोशिश की गई। प्रशांत भूषण ने मीडिया में झूठ क्यों बोला? कौन सा तंत्र काम कर रहा है CJI पर लगे आरोपों के पीछे?

बुर्क़े की तुलना घूँघट से करने से पहले जरा भारत का इतिहास भी देख लें जावेद ‘ट्रोल’ अख़्तर

घूँघट को नायिका की सुंदरता का पर्याय मानकर कई गीत लिखने वाले जावेद अख़्तर के लिए अब यह एक कुरीति हो गई है क्योंकि 'उनके' बुर्क़े पर आँच जो आ गई है। घूँघट को समझने के लिए जावेद अख़्तर को 'मृच्छकटिकम्' पढ़नी चाहिए, विजयनगर साम्राज्य पर इस्लामी आक्रांताओं की क्रूरता जाननी चाहिए।

मध्य प्रदेश के बाद अब कर्नाटक सरकार पर भी संकट के बादल, राहुल गाँधी ने की बैठक

एक वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि कर्नाटक गठबंधन का पहला लक्ष्य अधिकतम लोकसभा सीट जीतने का था लेकिन अब यह लक्ष्य फेल होता दिख रहा है, ऐसे में गठबंधन को जारी रखने में कोई भलाई नहीं है। एग्जिट पोल्स के अनुसार, 28 लोकसभा सीटों में से भाजपा 25 जीत सकती है।

देश की जनता पर है स्वरा भास्कर को शक, और बातें लोकतंत्र बचाने की करती हैं…

अगर पार्टी और व्यक्ति को विचारधारा से आँका और परखा जाता है तो कन्हैया तो कम्युनिस्ट हैं, हम कैसे मान लें कि कल को देश के उच्च पद पर आसीन होने के बाद कन्हैया इस बात पर जोर नहीं देंगे कि सबको कम्युनिस्ट होना पड़ेगा? कैसे मान लें कि वो 'भारत तेरे टुकड़े होंगे' जैसे नारे कथित तौर पर दोबारा नहीं लगाएँगे!

दब्बू होते हैं उत्तर भारत के वोटर, दक्षिण भारतीयों की तरह शिक्षित भी नहीं: कॉन्ग्रेसी शमा मोहम्मद ने उड़ाया मजाक

Exit Polls से बौखलाई शमा मोहम्मद ने कपिल सिब्बल समर्थित हार्वेस्ट टीवी चैनल पर बरखा दत्त द्वारा एंकर किए जा रहे डिबेट शो में कहा कि उत्तर भारतीय मतदाता दक्षिण भारतीयों की तरह शिक्षित नहीं हैं और वे व्हाट्सप्प मैसेज पर विश्वास करते हैं, मीडिया पर विश्वास करते हैं और जल्दी प्रभावित हो जाते हैं।

LS चुनाव में ‘हमारे पक्ष में’ परिणाम और मस्जिदों की सुरक्षा के लिए पढ़े जाएँ विशेष नमाज़: देवबंद

"हमारे देश को एक ऐसी सरकार की ज़रूरत है जो सबको साथ लेकर चले और भाईचारा, शांति और समरसता को बढ़ावा दे। दुर्भाग्यपूर्ण रूप से, कुछ राजनीतिक पार्टियाँ ऐसी हैं जो धर्म के आधार पर राजनीति करती हैं। ये सही नहीं है और ऐसी पार्टियों को जाना पड़ेगा।"

राजीव गाँधी: PM जो मर कर वापस हुआ ‘ज़िंदा’, जिसे कॉन्ग्रेस ही नहीं दिला सकी ‘न्याय’

इन चुनावों में राजीव गाँधी यकायक मुद्दा बन गए- चुनावी भी, चर्चा का भी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भ्रष्टाचारी कहा, शेखर गुप्ता ने ‘डैशिंग, बाल-बच्चों वाला, युवा प्रधानमंत्री’, और सैम पित्रोदा के अनुसार उनकी जिंदगी में अर्थ ही राजीव गाँधी के भारत में कंधे पर कम्प्यूटर ढो कर लाने से आया।