Thursday, July 16, 2020
13 कुल लेख

Editorial Desk

Editorial team of OpIndia.com

‘हथिनी ने गलती से विस्फोटक खा लिया’ – शुरुआती जाँच का यह एंगल खतरनाक और बहुत ही असंवेदनशील

जिस बयान में कहा गया कि हथिनी ने गलती से विस्फोटक खा लिया, उसका अनिवार्य मतलब है कि जानबूझकर खिलाने वाली अफवाह या खबर...

AltNews मतलब इस्लामी प्रोपेगेंडा: फैक्ट चेक की आड़ में इस फैक्ट्री में गढ़े जाते हैं झूठ

AltNews की रिपोर्ट आज देख लीजिए या कल... उनकी प्रतिबद्धता केवल इस्लामी कट्टरपंथियों के लिए ही देगी। फैक्ट चेक की फैक्ट्री के नाम पर यहाँ...

सबा नकवी! वो 8 चीजें जिनकी उम्मीद हर हिन्दू मुस्लिमों से करता है, 8वीं सबसे आसान है

इस वीडियो में सबा नकवी ने तमाम मुस्लिम समुदाय के लोगों के कुकृत्यों को छुपाने के लिए कुछ 'अच्छे मुस्लिमों' का जिक्र करते हुए सभी हिन्दुओं को असहिष्णु बताया है।

‘मुसलमानों में भारतीयता का बहुत अभाव, वो इसका महत्व नहीं समझते’ – शहीद दिवस पर भगत सिंह का ‘कम चर्चा’ वाला वो लेख

"मुसलमानों में भारतीयता का बहुत अभाव है। इसलिए वे सभी भारतीयता के महत्व को नहीं समझते हैं और अरबी एवं फारसी लिपि को पसंद करते हैं। पूरे भारत की एक भाषा होनी चाहिए और वह भी हिंदी। जिसे वे कभी नहीं समझते हैं, इसलिए वे अपनी उर्दू की प्रशंसा करते रहते हैं और एक तरफ बैठते हैं।"

AAP की जीत पर स्टूडियो में नाचता है राजदीप, मोदी की जीत पर लड्डू खिलाने वाले की छिनती है नौकरी

विचारधारा के आधार पर लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके कारण संपादकीय टीम में एक डर का माहौल है। जो लोग भी बीजेपी के समर्थक समझे जाते हैं उनमें से ज़्यादातर ने सोशल मीडिया पर कुछ भी लिखना बंद कर दिया है। जबकि वामपंथी, कॉन्ग्रेसी और आम आदमी पार्टी समर्थक माने जाने वालों पर ऐसी कोई पाबंदी लागू नहीं है।

‘फ्री कश्मीर’ की चाह लिए वामपंथी गुंडे हिंदू कॉलेज की दीपिका को दे रहे धमकी

अपनी प्रोफाइल में SFI से ताल्लुक बताने वाला हिमांशु सिंह और अभिराम, अगर कश्मीरी हिन्दुओं के साथ खड़े हैं तो वो फ्री कश्मीर के पोस्ट को ‘दिल’ क्यों दे रहे हैं? अगर वो दीपिका की श्रद्धांजलि सभा में शांति बना कर कुछ मिनट सुन लेते तो क्या वो खड़ा रहना नहीं कहलाता? दरअसल वामपंथी गुंडों का सारा अजेंडा बाहर आ चुका है और...

ऑपइंडिया टॉप 10: वो नेगेटिव चेहरे जिन्होंने 2019 में केवल ग़लत वजहों से बनाई सुर्खियाँ

इन 10 चेहरों को देख लीजिए। इन्होंने 2019 में नकारात्मकता, जातिवाद, डर और तानाशाही का कारोबार किया है। ऑपइंडिया लेकर आया है उन 10 लोगों के नाम, जिन्होंने पूरे 2019 में केवल बुरे कारणों से ही सुर्खियाँ बनाईं। कइयों को जनता ने इस साल करारा सबक सिखाया।

ऑपइंडिया टॉप 10: नृशंस अपराधों की दस खबरें जिसने पूरे देश को हिला दिया (वामपंथियों के फर्जी नैरेटिव शामिल नहीं)

ऑपइंडिया ले कर आया है इस वर्ष की नृशंस अपराधों की टॉप-10 ख़बरें, जिन्हें वामपंथी मीडिया ने छिपाने की भरसक कोशिश की। ये ऐसी ख़बरें हैं, जिन्हें मीडिया के एक वर्ग ने छिपाना चाहा। साल की ऐसी सभी 10 ख़बरों को आप एक साथ यहाँ पढ़ सकते हैं।

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