Sunday, April 5, 2020
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रवि अग्रहरि

तबियत से मस्त-मौला, तरबियत से बनारसी हूँ, बस यूँ समझिए कि ज़िन्दगी के नाटक का अहम किरदार हूँ मैं.... राजनीति, कला, इतिहास, संस्कृति, फ़िल्म, मनोविज्ञान से लेकर ज्ञान-विज्ञान की किसी भी परम्परा का विशेषज्ञ नहीं....

भारत की विविधता, संस्कृति, लोक कला, साहित्य को समेटती होली, हर राज्य में अलग रंग

जहाँ ब्रजधाम में राधा और कृष्ण के होली खेलने के वर्णन मिलते हैं वहीं अवध में राम और सीता के जैसे होली खेलें रघुवीरा अवध में। राजस्थान के अजमेर शहर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गाई जाने वाली होली का विशेष रंग है।

वह दौर जब होली ईद-ए-गुलाबी या आब-ए-पाशी हो गई थी

मध्यकालीन भारतीय मंदिरों के भित्तिचित्रों और आकृतियों में होली के सजीव चित्र देखे जा सकते हैं। उदाहरण के लिए इसमें 17वीं शताब्दी की मेवाड़ की एक कलाकृति में महाराणा को अपने दरबारियों के साथ चित्रित किया गया है।

राग-विराग-वैराग की नगरी काशी: क्यों खेली जाती है महाश्मशान के चिता भस्म से होली, जोगीरा-बुढ़वा मंगल की परंपरा

सनातन में ऐसी कहानियों का बहुत गूढ़ अर्थ था। प्रतीक रूप से ऐसा माना जाता है कि प्रह्लाद का अर्थ आनन्द होता है। वैर और उत्पीड़न की प्रतीक होलिका (जलाने की लकड़ी) जलती है और प्रेम तथा उल्लास का प्रतीक प्रह्लाद (आनंद) अक्षुण्ण रहता है।

उड़त गुलाल लाल भए अम्बर: माँ गौरा का गौना कराने निकले महादेव, काशी में जीवन के उत्सव का आगाज

रंगभरी एकादशी वैसे तो पूरे देश में मनाई जाती है, पर काशी जैसा उत्साह शायद ही कहीं दिखता है। रंग-गुलाल से सराबोर काशी की यह परंपरा 356 साल पुरानी है। आज से बुढ़वा मंगल तक अब हर तरफ बनारस में एक ही रंग दिखेगा और वह रंग है होली का।

चूल्हे और समान लूट कर दंगाइयों ने चाय की दुकान फूँक डाली: न्याय के लिए दर-दर भटक रहे सूरज

वहाँ टी स्टॉल के बगल में स्थित रजाई-गद्दों की एक दुकान को भी जला डाला गया। वहाँ स्थित एक ग़रीब की ठेले को भी आग के हवाले कर दिया गया। सूरज जी अपनी चाय की दुकान जलाए जाने के बाद से लगातार भटक रहे हैं और उन्हें अब न्याय की उम्मीद है।

गिड़गिड़ाते रहे पुजारी, दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ मचाते रहे दंगाई: खजुरी खास से ग्राउंड रिपोर्ट

"चाँदबाग चौराहे के पास ही दुर्गा फकीरी मंदिर है। पेट्रोल पंप फूँकने के बाद दंगाई तेजी से चारो तरफ आग लगा रहे थे। शाम का समय था। दहशत और शोर बढ़ता जा रहा था। जैसे ही भारी संख्या में दंगाइयों की नजर मंदिर की तरफ पड़ी तो सबसे पहले मंदिर बचाने के लिए मंदिर के पुजारी प्रार्थना करने लगे। दंगाइयों ने मंदिर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी थी।"

‘बता…तुझ पर पेट्रोल डालें या गाड़ियों पर’ जब दंगाइयों ने रखी हिन्दू दुकानदार की जान बख्शने की शर्त: ग्राउंड रिपोर्ट

दंगाइयों ने उनसे पूछा, बता...ये पेट्रोल तुझपर छिड़कें या फिर गाड़ियों पर। दंगाइयों की बात सुनकर वर्कशॉप के मालिक ने उनके आगे बड़ी मिन्नतें की और अपनी जान को किसी तरह उनसे छुड़वाया। मगर, अपनी दुकान और वहाँ रखे सामान को वह उनसे न बचा सके। उनके सामने उपद्रवियों ने सर्विसिंग के लिए आई 15 गाड़ियो पर पेट्रोल डाला और सबको आग के हवाले कर दिया।

ताहिर हुसैन के गुंडे आए, लूटी अमन ई-रिक्शा वर्कशॉप, कर दिया पूरी दुकान खाक, 30 लाख का नुकसान: ग्राउंड रिपोर्ट

चाँद बाग़ में फूँक दी गई अमन ई-रिक्शा कम्पनी, आम आदमी पार्टी के पार्षद ताहिर हुसैन की बिल्डिंग के ठीक 3-4 मकान बाद मौजूद थी। हिन्दुओं की इस दुकान, अमन रिक्शा कम्पनी को पहले ताहिर हुसैन के लोगों ने लूटा और फिर उसमें आग लगा दी।

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