Wednesday, August 12, 2020
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यशार्क पांडेय

IIT-M के वैज्ञानिकों ने बेहद कम तापमान और दबाव पर पता लगाया भविष्य के ईंधन का स्रोत

प्रोफेसर थलप्पिल प्रदीप और डॉ रजनीश कुमार के मार्गदर्शन में शोधकर्ताओं के समूह ने पता लगाया है कि मीथेन गैस क्लैथरेट हाइड्रेट के रूप में बेहद कम तापमान और दबाव की परिस्थिति में भी मौजूद हो सकती है। क्लैथरेट हाइड्रेट कार्बन डाइऑक्साइड या मीथेन जैसे तत्वों के अणु होते हैं जो कि जल के अणुओं के बीच क्रिस्टल के रूप में विद्यमान होते हैं।

रायसीना डायलॉग में थलसेनाध्यक्ष जनरल रावत के बयान के मायने

सुन त्ज़ू ने भी आर्ट ऑफ़ वॉर में कहा था कि शत्रु को तभी समाप्त किया जा सकता है जब उसकी पहचान निश्चित हो जाए। जब तक आतंकवाद की परिभाषा नहीं गढ़ी जाएगी उसे समाप्त करने की बात करना बेमानी है।

ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर होता भारत

ध्यान देने वाली बात यह है कि कक्षा बारह तक के विद्यालय ज्ञान के उत्पादक नहीं होते जबकि विश्वविद्यालय और उच्च शोध संस्थान मौलिक ज्ञान के उत्पादन हेतु ही बने हैं। भारत की ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था को पुष्ट करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय तक ऐसे अनेक प्रयास किये हैं जिन्हें परिवर्तित होते भारत अथवा ‘न्यू इंडिया’ की आधारशिला के रूप में देखा जा सकता है।

बेतुके बयानों से भारतीय विज्ञान कॉन्ग्रेस की धूमिल होती छवि

कृष्णन के अनुसार सौर मंडल में सारे ग्रह सूर्य की परिक्रमा गुरुत्वाकर्षण बल के कारण नहीं करते बल्कि इसलिए करते हैं क्योंकि अन्तरिक्ष (space) उन्हें संकुचित करता है।

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