Sunday, April 14, 2024
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‘UCC बर्दाश्त नहीं करेगा मुल्क का मुस्लिम, CAA-NRC की तरह देंगे जवाब’: BJP के संकल्प-पत्र के बाद मौलाना की धमकी, कहा – लाल किले पर झंडा नहीं फहरा पाएँगे मोदी

भाजपा ने रविवार (14 अप्रैल, 2024) को लोकसभा चुनाव 2024 से पहले अपना संकल्प-पत्र जारी कर दिया, जिसे ‘मोदी की गारंटी’ नाम दिया गया है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने इस घोषणा-पत्र (Manifesto) को तैयार किया है। इसमें लगातार तीसरी बार मोदी सरकार बनने के बाद UCC (समान नागरिक संहिता) का वादा किया है। UCC भाजपा के लिए पुराना मुद्दा है। अब मौलाना मुस्ताक मलिक ने यूसीसी को लेकर धमकी दी है।

हैदराबाद स्थित ‘तहरीक मुस्लिम शब्बन’ के अध्यक्ष मौलाना मुस्ताक मलिक ने कहा है कि UCC के मसले पर हम इसके खिलाफ हैं और इसे लाने की कोशिश की जाएगी तो इसके विरोध में प्रतिक्रिया वैसी ही होगी जैसी CAA (नागरिकता संशोधन कानून) और NRC पर रिएक्शन आया था। उन्होंने कहा कि मुल्क के मुस्लिम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक हित के मुद्दों पर इनकी (भाजपा की) जबान बंद रहती है और मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बनाने की कोशिश की जा रही है।

मौलाना मुस्ताक मलिक ने कहा कि ये इस तरफ मुल्क को ले जा रहे हैं, जहाँ सांप्रदायिक ध्रुवीकरण पर चुनाव लड़ने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पहला चरण जब करीब आ गया है, भाजपा अपने इरादे में कामयाब नहीं हो पाएगी। इतना ही नहीं, ‘तहरीक मुस्लिम शब्बन’ के अध्यक्ष ने ये भविष्यवाणी भी कर डाली कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीसरे कार्यकाल में लाल किले से झंडा नहीं फहरा पाएँगे। बता दें कि हैदराबाद में AIMIM के असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा की माधवी लता के बीच है।

बता दें कि भाजपा ने अपने संकल्प-पत्र ‘मोदी की गारंटी’ में ‘सुशासन की मोदी की गारंटी’ हिस्से के अंतर्गत समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया है। पार्टी का कहना है कि भारत के अनुच्छेद-44 में समान नागरिक संहिता राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांतों के रूप में दर्ज की गई है और भाजपा का मानना है कि जब तक इसे नहीं अपनाया जाता, महिलाओं को समान अधिकार नहीं मिल सकता। पार्टी ने कहा कि भाजपा सर्वश्रेष्ठ परंपराओं से प्रेरित UCC के लिए प्रतिबद्ध है, जिनमें उन परंपराओं को आधुनिक हिसाब से ढाला जाएगा।

अपनी ही स्टूडेंट के साथ सेक्स करती थी टीचर, कार की पिछली सीट पर संबंध बनाती पकड़ी गई: हुई गिरफ्तार

अमेरिका में एक लेडी टीचर को गिरफ्तार किया गया है। उस पर अपने ही 16 साल के स्टूडेंट के साथ शारीरिक संबंध बनाने के आरोप हैं। वो कम से कम 5 मौकों पर छात्र के साथ संबंध बना चुकी थी। ताजे मामले में वो एक प्रोटेक्टेड वाइल्डलाइफ जोन में कार खड़ी कर पीछे की सीट पर स्टूडेंट के साथ सेक्स कर रही थी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

मामला अमेरिका के न्यू जर्सी शहर का है। 37 वर्षीय टीचर जेसिका सविकी को अरेस्ट कर लिया गया है। अमेरिका में सहमति से यौन संबंध बनाने की उम्र को लेकर अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग कानून है, लेकिन न्यू जर्सी में सहमति से सेक्स करने के लिए 18 वर्ष की उम्र होनी अनिवार्य है।

वाइल्डलाइफ एरिया के इंस्पेक्टर ने बताया कि जेसिका सविकी को गिरफ्तार किया गया, क्योंकि वो कार में अपने ही स्टूडेंट के साथ सेक्स कर रही थी। इस साल कई बार कार में दोनों को बिना कपड़ों के पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई है।

डेलीमेल की रिपोर्ट के मुताबिक, संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यू जर्सी में के हैमिल्टन हाई स्कूल वेस्ट में जेसिका सविकी ट्रेंटन टीचर है, जो अंग्रेजी विषय पढ़ाती थी। अधिकारियों के अनुसार, सॉविकी और स्कूली छात्र को न्यू जर्सी के अधिकारियं ने बिना पकड़ों के पाया। दस्तावेज़ों में कहा गया है कि दोनों ने कार की पिछली सीट पर सेक्स किया था।

अमेरिका के न्यू जर्सी में सहमति से संबंध बनाने की उम्र 18 वर्ष है। इस मामले में महिला को यौन उत्पीड़न का आरोपित बनाया गया है। उसके खिलाफ सेकंड डिग्री यौन उत्पीड़न का केस लगा है। सविकी ने कथित तौर पर जाँचकर्ताओं को स्वीकार किया कि दिसंबर से 6,393 एकड़ के राज्य के स्वामित्व वाले वन्यजीव प्रबंधन क्षेत्र में उनके और लड़के के बीच कम से कम पाँच बार सेक्स किया।

बता दें कि अमेरिका में पिछले कुछ समय में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें लेडी टीचर्स पर अपने स्टूडेंट्स के साथ सेक्स करने के आरोप लगे। पिछले साल अप्रैल महीने में दो दिन के अंदर एक जैसे कारनामे करने वाली 6 लेडी टीचर्स को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, इस साल जनवरी में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। इस मामले में मैथ पढ़ाने वाली टीचर बाकी बच्चों को क्लासरूम से बाहर भेज कर उनके रखवाली कराती थी और क्लासरूम के भीतर ही छात्र के साथ संबंध बनाती थी।

हरियाणा के युवक की कनाडा में हत्या, गोलियों से भून कर हमलावरों ने बुझा दिया घर का ‘चिराग’: परिवार ने PM मोदी से लगाई हस्तक्षेप की गुहार

भारत से स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गए एक 24 वर्षीय युवक की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। मृतक का नाम चिराग अंतिल है जो मूल रूप से हरियाणा के सोनीपत का निवासी था। मृतक के परिजनों ने अंतिल का शव भारत लाने और उनके कातिलों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है। घटना शुक्रवार (12 अप्रैल, 2024) की है। की है। कनाडा पुलिस अभी तक हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं लगा पाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक चिराग का परिवार मूल रूप से सोनीपत के सेक्टर 12 में रहता है। उनके पिता हरियाणा राज्य सरकार के सुगर मिल विभाग से रिटायर हुए हैं। सितंबर 2022 में चिराग अंतिल MBA की पढ़ाई करने कनाडा गए थे। यहाँ उन्होंने बैंकूवर के ब्रिटिश कोलंबिया में एडमिशन लिया था। कुछ ही दिनों पहले चिराग की पढ़ाई पूरी हो गई थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने बैंकूवर की ही एक कम्पनी में नौकरी भी शुरू कर दी थी। नौकरी के लिए चिराग को वर्क वीजा मिला था। जिस एजेंसी में चिराग काम कर रहे थे वो मैनपॉवर और सिक्योरिटी संबंधित है।

घटना के बारे में जानकारी देते हुए चिराग के भाई रोनित ने बताया कि शनिवार सुबह तक सब कुछ ठीक था। चिराग ने अपने घर में बात भी की थी। तब वो काफी खुश भी थे। थोड़ी देर बाद वो खाना खाने के लिए अपनी ऑडी कार से बाहर निकले। इस दौरान कुछ अज्ञात हमलावरों ने उनको गोलियों से भून दिया। चिराग की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी हत्या की जानकारी कनाडा पुलिस ने सोनीपत में रहने वाले उनके परिजनों को दी। परिजनों ने हत्या की वजह पूछने के लिए कनाडा पुलिस और चिराग के दोस्तों को कई कॉल किए लेकिन उन्हें अब तक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला है।

अब चिराग के घर वाले अंतिम संस्कार के लिए उनका शव कनाडा से वापस लाना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से गुहार लगाई है। इसी के साथ कातिलों को सजा दिलाने के लिए पीड़ित परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आशा की है। कनाडा पुलिस ने बताया है कि चिराग अंतिल की हत्या की सूचना पर जब वो पहुँची तब वो अपने वाहन में मृत पाए गए थे। फिलहाल अभी तक किसी भी भी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है। पुलिस ने हमलावरों की तलाश में लोगों से सहयोग देने की अपील की है।

TMC सांसद के पति राजदीप सरदेसाई का बेंगलुरु में ‘मोदी-मोदी’ और ‘जय श्री राम’ के नारों से स्वागत: चेहरे का रंग उड़ा, झूठी मुस्कान लिए खिसियाते रह गए

इंडिया टुडे के साथ बतौर कंसल्टेंट कार्यरत वरिष्ठ टीवी ‘पत्रकार’ राजदीप सरदेसाई का बेंगलुरु में लोगों ने अलग तरीके से स्वागत किया। कुछ दिन पहले तमिलनाडु के बीजेपी अध्यक्ष अन्ना मलाई से खाने के लिए रेस्टोरेंट का पता पूछने वाले राजदीप बेंगलुरु में सुबह-सुबह स्थानीय लोगों से घिर गए, और उनका स्वागत ‘मोदी-मोदी’ के नारे के साथ हुआ। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

ये वीडियो बेंगलुरु का है, जहाँ वो चुनावी कवरेज के लिए पहुँचे थे। राजदीप सरदेसाई सुबह-सबेरे ही बेंगलुरु के बोटेनिकल गार्डन वॉक करने वाले लोगों के बीच पहुँच गए, क्योंकि उस समय बेंगलुरु में बीजेपी प्रत्याशी और मौजूदा सांसद तेजस्वी सूर्या ‘रन फॉर नमो’ नाम के कार्यक्रम का आयोजन कर रहे थे। चूँकि राजदीप को कुछ मसालेदार चाहिए था, ऐसे में वो आम लोगों के बीच पहुँच गए। लेकिन आम लोगों को राजदीप की मौजूदगी शायद अखर सी गई।

बोटेनिकल गार्डन में स्थानीय लोगों ने राजदीप सरदेसाई को देखते ही हूटिंग शुरू कर दी। राजदीप सरदेसाई का स्वागत ‘मोदी-मोदी-मोदी’ और ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ हुआ। इन नारों के लगते ही राजदीप सरदेसाई के चेहरे की रंगत उड़ती नजर आई। कहाँ तो वो पहुँचे थे अपने टीवी चैनल के लिए मसाला ढूँढने, लेकिन लोगों ने उनके ही मजे ले लिए। अब इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

अंकुर सिंह ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “किस तरह से बेंगलुरु ने राजदीप सरदेसाई का स्वागत किया। राजदीप के चेहरे के भाव सबकुछ बयाँ कर रहे हैं।”

हार्दिक भावसर ने इसी वीडियो पर राजदीप सरदेसाई को ट्वीट में मेंशन करके पूछा, ‘कैसा लगा स्वागत?’ इसका जवाब राजदीप सरदेसाई ने भी दिया। उन्होंने लिखा, “बहुत बढ़िया, बेंगलोर में हम नमस्कारा से लोगों का स्वागत करते हैं, जमाना बदल गया है।” उनके कहने का साफ मतलब है कि वो बेंगलुरु के माहौल में आए राष्ट्रवादी बदलाव को महसूस कर पा रहे हैं।

बता दें कि राजदीप सरदेसाई का एक वीडियो कुछ समय पहले भी वायरल हुआ था, जिसमें वो तमिलनाडु के बीजेपी अध्यक्ष के. अन्नामलाई से खाने को लेकर कई सवाल पूछ रहे थे। उस वीडियो में दक्षिण भारतीय खाने के साथ ही मांसाहारी खाने के बारे में वो सवाल पूछ रहे थे, जिसपर अन्नामलाई ने बेहद विनम्रता से राजदीप की बोलती बंद कर दी थी। इस वीडियो पर राजदीप को सफाई भी देनी पड़ी थी।

गौरतलब है कि राजदीप सरदेसाई की पत्नी सागरिका घोष टीएमसी की ओर से राज्यसभा सांसद हैं। कुछ दिन पहले वो दिल्ली में प्रदर्शन करती नजर आई थी। राजदीप सरदेसाई और सागरिका घोष दोनों ही खुद को ‘पत्रकार’ साबित करते रहे हैं और अक्सर मोदी विरोधी प्रोपेगेंडा में लिप्त रहे हैं। हालाँकि राजदीप सरदेसाई को न्यूयॉर्क तक में आम लोगों का विरोध झेलना पड़ेगा है। ऐसे में लगता है कि राजदीप को इन सबकी आदत सी लग चुकी है।

‘अल्लाह-हू-अकबर’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ के नारे: नेपाल में सुप्रीम कोर्ट के जज को घोषित किया ‘गुस्ताख़-ए-रसूल’, सड़क पर उतरी भीड़ ने जलाए पुतले

नेपाल में वहाँ के सुप्रीम कोर्ट के जज कमलनारायण दास के नाम से एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस पोस्ट के खिलाफ मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहा है। उन्मादी भीड़ ‘अल्लाह-हू-अकबर’ का नारा लगा कर कई जगहों पर सड़क जाम कर रही है। भीड़ में शामिल लोग पोस्ट में लिखी बातों को अपने पैगंबर का अपमान बता कर पुतले जला रहे हैं। सोशल मीडिया पर ‘सर तन से जुदा’ के नारे भी लिखे जा रहे हैं। नेपाल के मुस्लिम आयोग ने भी इस मामले में अपनी सरकार से कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

इस घटना पर नेपाल के मुस्लिम आयोग ने सरकार को एक शिकायती पत्र दिया है। पत्र में बताया गया है कि फेसबुक पर कमल नारायण दास के नाम से इस्लाम को बदनाम करने के लिए झूठी और भ्रामक बातें लिखी गईं है। इस पोस्ट में मुस्लिम समुदाय द्वारा रखे जाने वाले रोजा पर टिप्पणी की गई है। मुस्लिम आयोग ने इस पोस्ट पर रमजान में शेयर करने के पीछे नेपाल के भाईचारे को खत्म करने की साजिश करार दिया है। मुस्लिम आयोग ने दुःख प्रकट करते इसे नेपाल में साम्प्रदायिकता फैलाने की साजिश बताया है।

नेपाली मुस्लिम आयोग का बयान

नेपाल में सभी मत-मजहबों को एक जैसा बताते हए मुस्लिम आयोग ने कहा है कि कुछ लोग कमल नारायण दास के नाम से वायरल हो रही पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बता रहे हैं। मुस्लिम आयोग ने अभिव्यक्ति की आज़ादी जैसे तर्कों को इस मामले में गलत बताते हुए इसको अपनी संस्कृति पर हमला करार दिया है। मुस्लिम आयोग का मानना है कि ऐसी पोस्ट को अभिव्यक्ति की आज़ादी बताना नेपाली कानून और संविधान का उल्लंघन होगा। अंत में मुस्लिम आयोग ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। पत्र पर अध्यक्ष के तौर पर शमीम मियाँ अंसारी के दस्तखत हैं।

सुप्रीम कोर्ट के जज की गिरफ्तारी की माँग

यह पोस्ट जिस हैंडल किया किया गया है वह नॉन-वेरिफाइड है। अभी तक नेपाली पुलिस या कोई जाँच एजेंसी आधिकारिक तौर पर यह नहीं बता पाई है कि पोस्ट किसके द्वारा लिखी गई है। इसके बावजूद नेपाल के एक बड़े हिस्से में मुस्लिम वर्ग वहाँ की सुप्रीम कोर्ट के जज कमल नारायण दास के खिलाफ सड़क पर उतर कर कार्रवाई की माँग कर रही है। ‘नेपाली मुस्लिम शांति समाज सरलाही मलंगवा’ नाम के फेसबुक पेज पर तो ‘Arrest Kamal Naranyan Das’ नाम से कैप्शन भी दे दिया गया है। 12 अप्रैल (शुक्रवार) को इस कैप्शन से साथ अटैच वीडियो में मुस्लिम भीड़ चौराहे पर आग जला कर नारेबाजी कर रही है।

कमल नारायण दस ‘गुस्ताख़ ए रसूल’ घोषित

फरहाद अहमद नाम के व्यक्ति ने शनिवार (13 अप्रैल, 2024) को अपने फेसबुक पर कमलनारायण दास के खिलाफ नेपाल के सरलाही जिला स्थित मलंगवा में निकले जुलूस के वीडियो शेयर किए हैं। यह जुलूस मुस्लिम बोर्ड नेपाल द्वारा निकाला गया है। इस प्रदर्शन के जुलूस में छपे बैनरों पर ‘गुस्ताख-ए-रसूल के खिलाफ कार्रवाई’ लिखा हुआ है। जुलूस में कई मौलवी और मौलाना शामिल दिख रहे हैं। ये सभी पुलिस के आगे ही उत्तेजक नारे लगा रहे हैं।

इन नारों में अल्लाह हु अकबर, नारा ए तकबीर के साथ ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या, ला इलाह इल्ललाह’ जैसी बातें बोली जा रहीं हैं। बीच में से एक व्यक्ति ने कहा, ‘सर तन से जुदा’ वाला लगाओ। फ़िलहाल अभी तक नेपाली पुलिस द्वारा किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

जिसने की सरबजीत सिंह की हत्या, उसे ‘अज्ञातों’ ने निपटा दिया: लाहौर में सरफ़राज़ को गोलियों से छलनी किया, गवाहों के मुकरने के कारण हो गया था बरी

पाकिस्तान में ‘अज्ञात’ का कहर जारी है। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे आतंकी कह रहे हैं, कुछ बदमाश तो कुछ लोग इसे ‘मानवता का पुजारी’ बता रहे हैं। दरअसल, कुछ महीनों में अज्ञात हमलावरों ने पाकिस्तान के कई कट्टरपंथियों की हत्या कर दी है। अब ताजा मामले में भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह की पाकिस्तान की जेल में हत्या करने वाले शख्स की लाहौर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

दरअसल, गलती से भारत की सीमा पारकर पाकिस्तान पहुँचे सरबजीत को वहाँ के कोट लखपत जेल में बंद कर दिया गया था। उसी जेल में लाहौर के अंडरवर्ल्ड डॉन अमीर सरफराज उर्फ तांबा भी बंद था। उसने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के इशारे पर सरबजीत की पीट-पीटकर और गला घोंटकर हत्या कर दी थी। उन्हें तड़पाकर मारने वाले सरफराज को ‘अज्ञात हमलावरों’ ने गोली मारकर हत्या कर दी।

‘अज्ञात हमलावरों’ ने सरफराज को एक के बाद एक करके कई गोलियाँ मारीं, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। दरअसल, अप्रैल 2013 में अमीर सरफराज और उसके साथी कैदी मुदासिर मुनीर पर दिखावे के लिए सरबजीत सिंह की हत्या आ आरोप तय किया गया था, लेकिन 15 दिसंबर 2018 को लाहौर की जिला एवं सत्र अदालत ने सभी गवाहों के मुकरने के बाद दोनों को बरी कर दिया था।

दरअसल, पंजाब के रहने वाले सरबजीत सिंह 29 अगस्त 1990 को पाकिस्तानी सीमा में चले गए थे। पाकिस्तानी सेना ने उन्हें जासूस बताकर गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद साल 1991 में लाहौर और फैसलाबाद में हुए बम धमाके के मुख्य आरोपित बताकर मौत की सजा सुना दी गई। वहीं, सरबजीत सिंह के परिवार ने कहा था कि नशे की हालत में वे गलती से पाकिस्तानी सीमा में चले गए थे।  

भारत भी लगातार पाकिस्तान पर सरबजीत सिंह को लौटाने का दबाव बना रहा था। वैश्विक दबाव भी था। इसके बाद पाकिस्तान ने फाँसी की सजा को टाल कर दूसरा प्लान बनाया और ISI ने अमीर सरफराज के जरिए साल 2013 में ईंटों, तेज धातु की चादरों, लोहे की छड़ों और ब्लेड से हमला करके उन्हें तड़पाकर मार डाला। उनका गला भी दबाया गया था।

बताते चलें कि पाकिस्तान में छिपकर बैठे भारत के ऐसे कई दुश्मनों की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। ऐसे कई केस सामने आ चुके हैं। यहाँ तक कहा जाता है कि भारत का वॉन्टेड दाऊद इब्राहिम और हाफिज सईद की भी हत्या की जा चुकी है। हालाँकि, पाकिस्तान इनको लेकर कभी कुछ नहीं बोला और ना ही भारत ने आधिकारिक रूप से इसको लेकर कुछ कहा है।

दरअसल, पाकिस्तान के खुफिया अधिकारियों ने इन हत्याओं के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराया था। इन अधिकारियों का हवाला देते हुए ब्रिटिश अखबार ‘द गार्जियन’ ने 4 अप्रैल 2024 को ‘भारत सरकार ने पाकिस्तान में हत्याओं का आदेश दिया, खुफिया अधिकारियों का दावा है’ शीर्षक से यह विवादित लेख छापा था। अखबार ने अज्ञात स्रोतों, खासकर पाकिस्तानी खुफिया को आधार बनाया था।

अखबार ने इन खुफिया अधिकारियों को हवाला देते हुए पीएम मोदी को ‘अतिरिक्त-क्षेत्रीय हत्याओं’ के सूत्रधार के रूप में प्रदर्शित किया था। इस लेख के ठीक अगले दिन पीएम मोदी ने राजस्थान के चुरु में एक रैली की थी, जिसमें उन्होंने कहा था, “मैंने उस दिन चुरू की धरती पर जो शब्द कहे थे, मैं आज उन भावनाओं को वीरों की धरती पर दोहराना चाहता हूँ। मैंने यहाँ कहा था- ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं मिटने दूँगा… मैं देश नहीं रुकने दूँगा… मैं देश नहीं झुकने दूँगा। मेरा वचन है भारत माँ को, तेरा शीश नहीं झुकने दूँगा’।”

5 अप्रैल की जनसभा में प्रधानमंत्री मोदी ने 26 फरवरी 2019 को अपनी चुरू यात्रा को याद किया और कहा, “हमने आतंकवादियों को सबक सिखाया है।” दरअसल, 26 फरवरी 2019 वही दिन था, जब भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयर स्ट्राइक करके आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया था। यह भारत के इतिहास का महत्वपूर्ण दिन है। उसी दिन उन्होंने देश नहीं ‘झुकने दूँगा’ वाली बात भी कही थी।

‘ये तो सिर्फ ट्रेलर है’: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई ने ली सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग की जिम्मेदारी, CM शिंदे ने अभिनेता से की बात

बॉलीवुड ऐक्टर सलमान खान के मुंबई स्थित घर के बाहर रविवार (14 अप्रैल 2024) को बाइकसवार कुछ अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग की। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में दावा किया गया है कि यह हमला कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई ने करवाया है। वहीं, हमले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सलमान से बात की और उनकी सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया।

इस गोलीबारी के बाद पुलिस ने सलमान खान के आवास के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। पुलिस ने बताया कि मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित ‘गैलेक्सी अपार्टमेंट्स’ के बाहर रविवार की सुबह करीब पाँच बजे दो व्यक्तियों ने चार गोलियाँ चलाईं और भाग गए। स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रान्च ने घटना की जाँच शुरू कर दी है। वहीं, सलमान के पिता सलीम खान ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है।

इस गोलीबारी को लेकर एक पोस्ट सोशल मीडिया पर सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के अमरेका में रहने वाले भाई अनमोल बिश्नोई ने सोशल मीडिया पोस्ट में हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में लिखा, “सलमान हमने ये हमला तुम्हें सिर्फ ट्रेलर दिखाने के लिए किया था। ये हमारी पहली और आखिरी वार्निंग है।”

अनमोल बिश्नोई ने पोस्ट में लिखा है, “ॐ जय श्रीराम, जय गुरुजी जम्भेश्वर, जय गुरु दयानंद सरस्वती, जय भारत। हम अमन चाहते हैं। जुल्म के खिलाफ फैसला अगर जंग से हो तो जंग ही सही। सलमान खान हमने ये तुम्हें सिर्फ ट्रेलर दिखाने के लिए किया है, ताकि तुम समझ जाओ हमारी ताकत को। और मत परखो। यह पहली और आखरी वॉर्निंग है।”

अनमोल बिश्नोई के कथित सोशल मीडिया पोस्ट में आगे कहा गया है, “इसके बाद गोलियाँ खाली घर पर नहीं चलेगी। तुमने दाऊद इब्राहिम और छोटा शकील को भगवान मान रखा है, उसके नाम से हमने दो कुत्ते पाले हुए हैं। बाकी ज्यादा बोलने की हमें आदत नहीं है। जय श्रीराम जय भारत सलाम शाहिद। लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप, गोल्डी बराड़ ग्रुप, रोहित गोदारा, काला जठेड़ी।”

अनमोल बिश्नोई का कथित सोशल मीडिया पोस्ट (साभार: दैनिक भास्कर)

इस घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सलमान खान से फोन पर बात की। सीएम शिंदे ने मुंबई के पुलिस कमिश्नर को सलमान खान की सिक्योरिटी बढ़ाने का आदेश दिया है। इसके बाद उनकी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गृहमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी मिलते ही उसे साझा किया जाएगा। अटकलबाजी करने की कोई जरूरत नहीं है।

मुंबई पुलिस के सूत्रों के अनुसार, फायरिंग जिस बंदूक से की गई थी, वो 7.6 बोर की बंदूक थी। फोरेंसिक एक्सपर्ट को मौके से एक जिंदा बुलेट मिला है। पुलिस ने आरोपितों की एक बाइक को भी जब्त किया है, जिसकी जाँच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपित राज्य के बाहर के हो सकते हैं। उनकी लंबाई 5 फीट 8 इंच हो सकती है।

दरअसल, हमले के वक्त दोनों बदमाशों ने हेलमेट पहन रखा था, इसलिए उनकी पहचान नहीं हो पाई है। सलमान खान के घर के बाहर और आसपास के इलाके में जितने भी CCTV कैमरे लगे थे, उनके DVR को पुलिस ने जब्त कर लिया है। पुलिस के हाथ एक CCTV फुटेज लगी है, जिसमें आरोपित चेहरा ढंके हुए नजर आ रहे हैं। पुलिस इन फुटेज की जाँच कर रही है।

सलमान खान के घर पर दो गोलियों के निशान मिले हैं। एक बाहरी दीवार पर और दूसरा बालकनी की दीवार पर। इस घटना को लेकर सलमान खान के पिता सलीम खान ने सीएनएन न्यूज 18 को बताया कि चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा, “बताने को कुछ नहीं है। वे (आरोपित) सिर्फ प्रचार चाहते हैं। चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।”

बता दें कि सलमान खान को इससे पहले भी कई बार धमकी मिल चुकी है। जून 2022 में मॉर्निंग वॉक पर निकले सलमान के पिता सलीम खान को एक अज्ञात पत्र मिला था, जिसमें उन्हें और सलमान को जान से मारने की धमकी दी गई थी। दरअसल, सलमान खान द्वारा काला हिरण मारने के आरोप के बाद उनके पीछे लॉरेंस बिश्नोई पीछे पड़ा हुआ है। इसको देखते हुए सलमान की सुरक्षा कड़ी की गई है।

राजस्थान का बिश्नोई समाज प्रकृति और जीव-जन्तुओं से प्यार करने के लिए जाना जाता है। यह समाज जानवर को भगवान का रूप मानता हुए उसकी पूजा करता है। सबसे ज्यादा हिरण की पूजा की जाती है। लॉरेंस चाहता है कि सलमान हिरण को मारने को लेकर बिश्नोई समाज से माफी माँगे। उसने धमकी दी है कि अगर सलमान खान ने माफी नहीं माँगी तो वह उन्हें जान से मार देगा।

लॉरेंस बिश्नोई की धमकी मिलने के बाद सलमान खान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा दी गई है। इस सुरक्षा घेरे में सलमान के साथ 11 जवान हर समय साथ रहते हैं। इनमें दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियाँ हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है।

गाय बचाने पर आफताब ने दर्ज कराई FIR, झारखंड पुलिस ने भेजा नोटिस: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने पूछा, “हिंदू धर्म में पैदा होना गुनाह है क्या?”​

झारखंड की गोड्डा लोकसभा सीट से बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे को देवघर की मोहनपुर थाने की पुलिस ने नोटिस जारी किया है और 19 अप्रैल को पूछताछ के लिए बुलाया है। मोहनपुर थाने में मोहम्मद आफताब द्वारा दर्ज कराए गए मामले में उनके खिलाफ नोटिस जारी हुआ है। पुलिस ने कहा है कि उन्हें पूछताछ में सहयोग करते हुए पूछताछ में शामिल होना है। बता दें कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उनके ऊपर केस किया गया है।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि इस मामले में झारखंड हाई कोर्ट ने भी रोक लगाई हुई है, इसके बावजूद उन्हें पूछताछ के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। पुलिस द्वारा नोटिस भेजे जाने के बाद भड़के निशिकांत दुबे ने कहा कि क्या गाय को बचाने की वजह से राज्य सरकार उन्हें प्रताड़ित करेगी?

निशिकांत दुबे ने इस मामले की न्यूजपेपर कटिंग एक्स पर शेयर की और लिखा, ”मैं एक सनातनी हूं, गौ माता की रक्षा मेरा धर्म का हिस्सा है। विपक्ष एक खास धर्म से प्रेम करती है और हिंदू से नफरत, अगर मैंने गौ माता को बचाया तो क्या मुझे राज्य सरकार प्रताड़ित करेगी ? क्या मैंने हिंदू धर्म में पैदा होकर गुनाह किया है?’

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, ‘झारखंड सरकार का नियम है कि राज्य से गाय को खरीदने के बाद उसे बेचने के लिए उसी राज्य में ले जा सकते हैं जहां गौ हत्या पूर्ण प्रतिबंध हो। वैसे वो गाय बांग्लादेश जा रही थी जिसकी मैंने शिकायत की थी। एफआईआर कहा गया है कि वो गाय को लेकर बिहार जा रहे थे। बिहार में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं है।’

सांसद ने आगे कहा, “आप ही का एफआईआर कहता है कि दो गौ तस्कर को हमने पकड़ा। उन दोनों गौ तस्करों को आपने भगा दिया और किसी तीसरे आदमी से आपने एफआईआर दर्ज करवा दी। अदालत ने इसकी जांच पर रोक लगा दी है। इसके बावजूद चुनाव के समय आप यह मुद्दा उठाते हैं।”

निशिकांत दुबे ने आगे कहा, “चुनाव आयोग बार-बार कह चुका है कि आप हिंदू के नाम पर, गाय के नाम पर और धर्म के नाम पर वोट नहीं माँग सकते हैं। लेकिन गौ तस्करों को पकड़वाने पर आप मुझे नोटिस भेज रहे हैं तो इसका मतलब है कि आप मुझे मजबूर कर रहे हैं। पूरा प्रशासन जेल में बंद हेमंत सोरेन के इशारे पर मुझे मजबूर कर रहा है कि मैं धर्म के नाम पर ही वोट माँगने जाऊँ और राजनीति करूँ। मेरे ऊपर तो यह आरोप है कि मैंने गाय माता को बचाया। गाय माता तो हिंदू की गाय माता है। भारत का संविधान कहता है कि गौ हत्या नहीं होनी चाहिए।”

ये मामला साल 2023 का है। दिसंबर में मोहनपुर-हंसडीहा रोड पर एक शख्स दर्जनों की संख्या में गायों को लेकर जा रहा था। गायों के इस काफिले के सांसद ने रोक लिया था और सांसद की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मियों ने इन गायों को मुक्त करा दिया था। उस वक्त पुलिस उस शख्स को अपने साथ ले गई थी। बाद में सांसद पर बलथर गाँव के रहने वाले मोहम्मद आफताब ने केस दर्ज कराया था। अब केस के जाँच अधिकारी ने सांसद को जाँच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है।

पत्थरबाजी, उन्मादी नारे… ‘डोरमैट पर काबा प्रिंट है’ कह उतावली हुई मुस्लिम भीड़: यूपी पुलिस की सक्रियता से टली बड़ी वारदात, दुकानदार बोले – थैंक यू

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में शुक्रवार (12 अप्रैल 2024) को साम्प्रदायिक तनाव फ़ैल गया था। यहाँ एक शॉपिंग मार्ट में डोरमैट के ऊपर मक्का के काबा का प्रिंट होने का आरोप लगा कर एक भीड़ हमलावर हो उठी थी। हालाँकि, पुलिस द्वारा इसे वाल हैंगिंग बता रही है। तब भीड़ ने उत्तेजक नारेबाजी के साथ पत्थरबाजी भी की थी। हालाँकि, मुस्लिम बाहुल्य उतरौला बाजार में पुलिस की सक्रियता के चलते एक बड़ी अनहोनी टल गई। अब पुलिस 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ FIR दर्ज कर के दबिश दे रही है। CCTV फुटेज के आधार पर हमलावरों को चिन्हित करने की कोशिश की जा रही है।

यह घटना बलरामपुर जिले के थाना क्षेत्र उतरौला की है। यहाँ के बीच बाजार में V-बाजार नाम से एक शॉपिंग मार्ट है। इस मार्ट के मैनेजर का नाम अखिलेश जायसवाल है। 12 मार्च को शॉपिंग मॉल में मुस्लिम समुदाय के कुछ युवक गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मार्ट के अंदर डोरमैट पर काबा की तस्वीर प्रिंट कर के बेचा जा रहा है। एक वायरल वीडियो में वो युवक मैनेजर से डोरमैट लाने का दबाव दे रहे हैं। हालाँकि उन्हें डोरमैट न बेचे जाने का जवाब मिल रहा है। एक अन्य वीडियो में मुस्लिम समुदाय के उन्ही लोगों द्वारा फोटो खींच कर पत्रकारों के ग्रुप में भेजे जाने जैसी बातें की जा रहीं हैं।

पुलिस ने दी कानून हाथ में न लेने की हिदायत

ऑपइंडिया द्वारा जुटाई गई जानकारी के मुताबिक, पहले कुछ लोग डोरमैट का आरोप लगा कर V बाजार पहुँचे। उन्होंने मैनेजर से बहस शुरू कर दी। माहौल भाँप कर मैनेजर ने उतरौला थाना पुलिस को सूचना दे दी। थाने से सब इंस्पेक्टर किसलय मिश्रा अपने साथ कुछ सिपाहियों के साथ तत्काल वी-बाजार पहुँच गए। संख्या बल कम होने के बावजूद उन्होंने नाराज लोगों को समझाया और मार्ट में मौजूद दर्जनों स्टाफ की सुरक्षा करते रहे। इस बीच इंस्पेक्टर उतरौला संजय दुबे भी अतिरिक्त फ़ोर्स के साथ वहाँ पहुँच गए। उन्होंने भीड़ को कानून हाथ में न लेने की चेतावनी दी और अपनी समस्या की लिखित शिकायत देने की अपील की।

सब इंस्पेक्टर किसलय और इंस्पेक्टर संजय दुबे की इस अपील का सकारात्मक असर भी पड़ा और कुछ लोग लिखित शिकायत देने के लिए आगे आए। उन्होंने वी मार्ट के मैनेजिंग डायरेक्टर सहित कुछ अन्य स्टाफ के खिलाफ तहरीर दी। अपने अकीदत को आहत करने की इस शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर ली और लोगों से शाँति बनाए रखने की अपील की। हालाँकि, इस दौरान प्रशासन निश्चिंत होने के बजाय चौकन्ना रहा और उसकी यही सक्रियता काम भी आई।

शिकायत दर्ज होने के बाद हिंसक हुई भीड़

उतरौला थाने में शिकायत दर्ज होने के बावजूद हिंसा पर आमादा एक भीड़ ने पर पुलिस की अपील का असर नहीं पड़ा। वह उत्तेजक नारेबाजी करते हुए वी-मार्ट के आगे जमा होने लगी। इसमें ‘अल्लाह हु अकबर’ और ‘लब्बैक-लब्बैक’ आदि नारे शामिल हैं। रास्ते को जाम करने की कोशिश की गई। पहले से सतर्क पुलिस बल फिर फ़ौरन मौके पर जमा हुआ। संख्या बल कम होने के बावजूद पुलिस ने मोर्चा संभाला और धारा 144 लागू होने जैसी बातों से लोगों को समझाने का प्रयास किया। हालाँकि पुलिस की मौखिक नसीहत का भीड़ पर कोई असर नहीं पड़ा।

खदेड़ी गई उपद्रवी भीड़

बताया जा रहा है कि हिंसक भीड़ ने वी-बाजार पर पथराव कर दिया। इस पत्थरबाजी में वी-बाजार के ग्लोसाइन बोर्ड का एक हिस्सा टूट गया। बाजार में अफरातफरी का माहौल बनने लगा। कुछ दुकानदारों ने अपने शटर गिराने शुरू कर दिए। लोगों ने सुरक्षा के मद्देनजर अपने घरों की खिड़कियाँ और दरवाजे बंद कर लिए। आखिरकार पुलिस ने हिंसा पर उतारू भीड़ को दौड़ा लिया। पुलिस द्वारा सख्ती दिखाए जाने के महज 10 मिनट के अंदर उपद्रवी भाग खड़े हुए और माहौल सामान्य हुआ।

पुलिस ने 50-60 अज्ञात हमलावरों के खिलाफ IPC की धारा 143, 504, 506, 188, 341, 336 और 427 के साथ आपराधिक कानून अधिनियम 1932 की धारा 7 के तहत FIR दर्ज कर ली है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर भीड़ में शामिल उपद्रवियों की तलाश की जा रही है। घटना के अगले दिन बाजार सामान्य तौर पर खुले और लोगों ने खरीदारी की। पुलिस बल के अतिरिक्त इलाके में पैरामिलिट्री व PAC के जवान तैनात कर दिए गए हैं। लगातार बाजार में गश्त की जा रही है। फिलहाल उतरौला में हालात सामान्य हैं।

गौसिया मस्जिद के पास जमा हुई थी भीड़

जब ऑपइंडिया ने इस मामले की जमीनी पड़ताल की तो पता चला कि उपद्रव करने वाली भीड़ गौसिया मस्जिद के पास जमा हुई थी। गौसिया मस्जिद उतरौला बाजार के बीचो-बीच बनी हुई है। यहाँ से वी-मार्ट की दूरी महज कुछ ही कदमों की है। पुलिस द्वारा हिंसा को जब काबू करने का प्रयास किया गया तो भी अधिकतर उपद्रवी उस तरफ भागे थे। हिंसक भीड़ जब आगे बढ़ रही थी तब वी-मार्ट में कई महिला स्टाफ और ग्राहक भी मौजूद थीं। इसके अलावा उसी जगह पर शुभम मिष्ठान भंडार भी मौजूद है। हालाँकि प्रशासन की सक्रियता से ये सब सुरक्षित हैं।

पुलिस ने हमारी रक्षा की, हम उनके आभारी

इस हिंसा के चश्मदीद और घटनास्थल पर ही शुभम मिष्ठान भंडार नाम से मिठाई की दुकान चलाने वाले अमन मोदनवाल ने ऑपइंडिया से बात की। अमन ने हमें बताया कि घटना के समय उन्होंने भीड़ को देखते हुए एहतियातन अपनी दुकान को बंद कर लिया था। अब अमन अपनी दुकान फिर से खोल कर चला रहे हैं। अमन ने हमसे कहा, “पुलिस ने बहुत अच्छा काम किया। अगर वो सक्रियता दिखाती तो न जाने हमारा क्या होता।”

अफवाहबाजों पर भी सख्ती

जहाँ एक तरफ बलरामपुर पुलिस ने उपद्रवियों को बिना कोई नुकसान किए खदेड़ा तो वहीं सोशल मीडिया पर भी कड़ी पहरेदारी की। पुलिस के तमाम स्टाफ ने उन खबरों पर कड़ी नजर रखी जो उकसावे वालीं थीं। इसमें से कई लोगों को हिदायत दे कर झूठी और भ्रामक खबरें डिलीट भी करवाई गईं। ऑपइंडिया के पास कई ऐसे स्क्रीनशॉट मौजूद है जहाँ अफवाहबाजों ने अपनी गलती मानते हुए अपनी पोस्ट डिलीट की है और दुबारा गलती न करने का संकल्प लिया है।

मुस्लिम का मकान, 2 साल पुराना स्टॉक

ऑपइंडिया ने अपनी जमीनी पड़ताल में यह भी पाया कि जिस मकान में वी-बाजार खुला है वह एक मुस्लिम का ही है। जिस स्टॉक पर भीड़ हिंसा पर उतारू हुई थी वह साल 2022 का बताया जा रहा है। वी-बाजार यह भी पता करने की कोशिश कर रहा है कि 2 साल पुराना स्टॉक अचानक ही स्टोर में कैसे आ गया। साथ ही पड़ताल इसकी भी की जा रही है कि कुछ ही देर में फोटो, वीडियो वायरल करने के साथ भीड़ का जमावड़ा कैसे हो गया।

जनजातीय समाज से राष्ट्रपति, बाबसाहेब के स्थल विकसित होकर बने पंचतीर्थ, भगवान बिरसा मुंडा की जयंती गौरव दिवस: MP में PM मोदी ने बताया पिछड़ों को कैसे दिया सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। भाजपा का संकल्प-पत्र ‘मोदी की गारंटी’ जारी किए जाने के बाद रविवार (14 अप्रैल, 2024) को ये रैली हुई। इसमें पीएम मोदी ने कहा कि कॉन्ग्रेस की मानें तो उसके शासनकाल में लोकतंत्र ठीक चल रहा था, फल-फूल रहा था, लेकिन जैसे ही गरीब का बेटा प्रधानमंत्री बना तो कांग्रेस अफवाह फैलाने लगी कि संविधान और लोकतंत्र खतरे में आ गया।

पीएम मोदी ने कहा कि अब तो कॉन्ग्रेस का शाही परिवार धमकी दे रहा है कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बना तो देश में आग लग जाएगी। उन्होंने कहा कि आग देश में नहीं, बल्कि आग और जलन उनके दिलों में लगी है। बकौल पीएम मोदी, ये जलन उनके दिल और दिमाग में ऐसे भरी पड़ी है कि वो उनको अंदर से जला रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि हताश कॉन्ग्रेस ऐसी घोषणाएँ कर रही है, जो खुद कॉन्ग्रेस के नेताओं को ही समझ नहीं आ रही।

पीएम मोदी ने तंज कसा कि कॉन्ग्रेस के शहजादे ने घोषणा की है कि वो एक झटके में देश से गरीबी हटा देंगे! बकौल पीएम मोदी, ये बात सुनकर पूरा देश हैरान है और पूछ रहा है कि आखिर ये शाही जादूगर, इतने बरसों तक कहाँ छुपा था? प्रधानमंत्री ने कहा कि 50 साल पहले इनकी दादी ने देश से गरीबी हटाने की घोषणा की थी, 2014 से पहले 10 साल तक इन्होंने रिमोट से सरकार चलाई और कह रहे हैं कि अब बस इनको झटके वाला मंत्र मिल ही गया है। बकौल पीएम मोदी, ये ऐसे दावे करते हैं, तभी ये देश भर में हँसी के पात्र बने हुए हैं।

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, “कॉन्ग्रेस का शाही परिवार धमकी दे रहा है कि मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बना तो देश में आग लग जाएगी। आग देश में नहीं, बल्कि आग और जलन उनके दिलों में लगी है। ये जलन उनके दिल और दिमाग में ऐसे भरी पड़ी है कि वो उनको अंदर से जला रही है। ये जलन मोदी के प्रति 140 करोड़ देशवासियों के प्रेम के कारण है। बाबा साहेब ने जो संविधान बनाया है, उसके कारण ही आज गरीब माँ का ये बेटा मोदी, आपसे तीसरी बार सेवा का आशीर्वाद माँग रहा है।”

बाबासाहेब डॉ भीमराव आंबेडकर की जयंती पर पीएम मोदी ने जानकारी दी कि महू में उनका घर हो या देश-विदेश में वे भी रहे, उन स्थानों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित करने का सौभाग्य भाजपा सरकार को मिला है। पीएम मोदी ने कहा कि जो सम्मान कॉन्ग्रेस ने बाबासाहेब को कभी नहीं दिया, वो सम्मान करने का सौभाग्य हमें मिला है। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस जैसी पार्टियों ने हमेशा बाबा साहेब को अपमानित करने का ही काम किया है।

पीएम मोदी ने कहा कि जिस समाज को सबसे अंत में पूछा गया, जिसको वंचित रखा गया, उस समाज की बेटी आज देश की राष्ट्रपति के रूप में पहली नागरिक है। उन्होंने याद दिलाया कि आप मोबाइल फोन से जो डिजिटल पेमेंट करते हैं, उस डिजिटल पेमेंट योजना का नाम BHIM UPI है, ये नाम हमने बाबा साहेब के नाम पर ही रखा है। बकौल पीएम मोदी, कॉन्ग्रेस ने जनजातीय समाज के योगदान को कभी भी स्वीकार नहीं किया, जबकि भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को ‘राष्ट्रीय जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में घोषित करने का सौभाग्य भी भाजपा सरकार को मिला है।

उन्होंने गाँधी परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि इसी परिवार ने देश में आपातकाल लगाया था। उन्होंने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस देशभर में लोकतांत्रिक सरकारों को जब मर्जी आई, तब गिरा देती थी। साथ ही कहा कि कॉन्ग्रेस ने अपने हिसाब से इतिहास तोड़ा-मरोड़ा और लिखवाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये लोग 10 साल से सत्ता से बाहर हैं और 10 साल में ऐसे छटपटा रहे हैं कि जैसे उनका और उनकी भावी पीढ़ियों का सबकुछ लूट गया हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वाले अगर यही कारनामे करते रहेंगे और उनका तौर-तरीका यही रहेगा, तो ये जलन उनको इतना जला देगी कि देश उनको आगे कभी मौका नहीं देगा।

पीएम मोदी ने कहा, “भाजपा का संकल्प पत्र मोदी की गारंटी के रूप में आपके सामने है। गांव हो या शहर, सरकार हर गरीब का पक्के घर का सपना पूरा करेगी, ये मोदी की गारंटी है। आने वाले समय में 3 करोड़ नए घर बनाने का संकल्प हमने लिया है। दिव्यांग साथियों को भी आवास योजना का लाभ मिलेगा। I.N.D.I. गठबंधन के दलों के घोषणा पत्र में एक से बढ़कर एक खतरनाक वादे हैं। उनके एक साथी के घोषणा पत्र की एक एक लाइन ऐसी है, जो देश को आर्थिक रूप से दिवालिया बना सकती है। उनके एक साथी का घोषणा पत्र कहता है कि भारत से परमाणु हथियार खत्म कर देंगे।”

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