Saturday, April 24, 2021

भारत की बात

एक नंबर का शराबी और नशेड़ी था जहाँगीर, एक बार में पी जाता था 20 ग्लास दारू: अंग्रेज अधिकारी की गर्लफ्रेंड को ताड़ता था

अंग्रेज कूटनीतिज्ञ सर थॉमस रो ने लिखा है कि जहाँगीर एक नंबर का शराबी था और ड्रग्स भी लेता था। उसकी 400 बेगम थीं। रो उसके ड्रिंकिंग पार्टनर भी बन गए थे।

परमार वंश के राजमहल पर काजी इरफान, महबूब और अहमद की निजी संपत्ति का बोर्ड…

परमार वंश के महाराजा उदयादित्य के राजमहल के एक बंद दरवाजे पर टँगा वह साइनबोर्ड नए इतिहास की घोषणा कर रहा है- ‘निजी संपत्ति, उदयपुर पैलेस, वार्ड नंबर-14, खसरा नंबर-822, काजी सैयद इरफान अली, काजी सैयद महबूब अली, काजी सैयद अहमद अली।’

भाई की आँखें फोड़वा दी, बीवी 14वें बच्चे को जन्म देते मरी: मोहब्बत का दुश्मन था हिन्दू-मुस्लिम शादी पर प्रतिबंध लगाने वाला शाहजहाँ

माँ नूरजहाँ को निकाल बाहर किया। ससुर की आँखें फोड़वा डाली। बीवी 14वें बच्चे को जन्म देते हुए मरी। हिन्दुओं पर अत्याचार किए। आज वही व्यक्ति लिबरलों के लिए 'प्यार का मसीहा' है।

भीमा-कोरेगाँव: एक युद्ध जिसे इतिहासकारों ने जबरन जीत में बदल डाला

महारों की मराठाओं से कोई निजी दुश्मनी नहीं थी। यह लड़ाई कंपनी और मराठा सेना के बीच में लड़ी गई थी, जिसमें महारों ने कंपनी का साथ दिया।

हिन्दू धर्म त्यागने वालों को पुनः हिन्दू बनाना: वो पंडित मदन मोहन मालवीय, जो अपने परिचय को लेकर थे स्पष्ट

पंडित मदन मोहन अपने परिचय को लेकर स्पष्ट थे। अस्पृश्यता निवारण और शुद्धि (हिन्दू धर्म त्यागने वालों को पुनः हिन्दू बनाना) के घोर समर्थक थे।

‘अंग्रेजों के वफादार सिख किसानों ने ही सिख क्रांतिकारियों को पकड़वाया’: उस वायसराय ने बताया था, जो बोस के हमले में बच निकला

दिल्ली के चाँदनी चौक पर बोस के हमले में गवर्नर जनरल लॉर्ड चार्ल्स हार्डिंग बीवी सहित बच निकला, पर उसका कंधा फट गया। बाद में उसने अपने कार्यकाल को लेकर कई खुलासे किए।

‘हिन्दू तो सिखों से अलग हैं, तुम उनका नेतृत्व मत करो’: औरंगजेब के कपट का जवाब वेदों से दिया, गुरु ने शीश कटा दिया...

आज ही नहीं, आज से 345 वर्ष पूर्व भी किसी ने कहा था कि हिन्दू और सिख अलग-अलग हैं। लेकिन, गुरु तेग बहादुर ने उसकी बात को नकार दिया। वेदों से उद्धरण दिए।

‘…तो गाँधी बन जाओगे’ – लाला लाजपत राय के अंग्रेज हत्यारे को मारने की प्लानिंग में क्यों और किसने लिया गाँधी का नाम?

भगत सिंह और उनके क्रन्तिकारी साथियों राजगुरु और सुखदेव ने मिल कर लाला लाजपत राय के हत्यारे अंग्रेज अधिकारी सांडर्स को मौत के घाट उतारा था।

‘सत्याग्रह क्षणिक उत्साह नहीं, अनुशासन से होता है’: जब बारदोली में किसान आंदोलन का नेतृत्व कर ‘सरदार’ बने वल्लभभाई पटेल

आज 'किसान आंदोलन' के बहाने दंगाइयों का समर्थन हो रहा है और खालिस्तानियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। ऐसे में हमें बारदोली सत्याग्रह को याद करने की ज़रूरत है।

वो गुरुजी के गुरुजी थे: जिनकी वजह से डॉ. आंबेडकर की भी थी संघ से नजदीकी

जब 1907 में सूरत में कॉन्ग्रेस पार्टी का अधिवेशन हो रहा था तो दोनों हिस्सों के बीच तल्खियाँ बढ़ गईं। इस वक्त बीएस मुंजे ने खुलकर तिलक का समर्थन किया और यही वजह रही कि तिलक के वो भविष्य में भी काफी करीबी रहे।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें

हमसे जुड़ें

293,883FansLike
83,745FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe