मोहम्मद कासिम भी ज्योति मल्होत्रा से जुड़े पाकिस्तानी एंबेसी में तैनात ISI एजेंट एहसान-उर-रहमान उर्फ दानिश के संपर्क में था। वो दानिश को सेना से जुड़ी जानकारियाँ देता था।
अवैध घुसपैठियों के सिंडिकेट से जुड़े लोग भारत में एंट्री करवाने से लेकर उनके फर्जी दस्तावेज बनवाने, उन्हें दिल्ली तक पहुँचाने और यहाँ तक की नौकरी दिलवाने तक में भी मदद करते हैं।
'ऑपरेशन पुश बैक' के तहत मोदी सरकार लगातार घुसपैठियों को वापस भेज रही है। यही वजह हैं कि इस्लामी कट्टरपंथी तिलमिलाए हुए हैं और प्रोपगेंडा फैलाया जा रहा है।