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बीवी परवीन बेगम के साथ घुसा दिलावर खान, ₹1000 में बांग्लादेशी से बन गया भारतीय: 16 साल बाद पकड़े गए, रायपुर में चला रहा था ‘मक्का मदीना बिरयानी सेंटर’

रायपुर में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी मियाँ-बीवी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। 16 साल में इन लोगों ने फर्जी आधार कार्ड और पेन कार्ड बनवा लिए थे। दिलावर खान ने ₹1000 में एमपी बोर्ड की मार्कशीट बनवाई थी

छत्तीसगढ़ के रायपुर में अवैध तरीके से रह रहे बांग्लादेशी मियाँ-बीवी को गिरफ्तार किया है। उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। मियाँ दिलावर खान 16 साल पहले भारत में अवैध तरीके से घुसा था। एक साल बाद उसने उसी तरह बॉर्डर पार करवाते हुए अपनी बीवी और बेटे को भारत में दाखिल करवा दिया। ये लोग रायपुर आकर रहने लगे। यहाँ इनके घर बेटी पैदा हुई।

₹1000 में बनाई मध्यप्रदेश बोर्ड की मार्कशीट

घुसपैठिए दिलावर खान के मुताबिक ₹1000 में मध्यप्रदेश बोर्ड की फर्जी मार्कशीट बनवाई। इसमें बोर्ड से जुड़े एक कर्मचारी ने मदद की। ये मार्कशीट मध्यप्रदेश के रीवा के त्योथर माध्यमिक स्कूल का है। वह किराए पर रहता था इस आधार पर किरायानामा बनवाया। इनके आधार पर पेन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट भी बनवाया। परिवार से दूसरे सदस्यों के पास भी सरकारी पहचान पत्र मौजूद हैं।

मलेशिया में बेटा के होने की बात कही

दिलावर की बीवी परवीन खान और बेटी को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। बेटी का जन्म छत्तीसगढ़ में हुआ था और वह नाबालिग है। दिलावर का कहना है कि उसका बेटा रायपुर में मेकेनिक का काम करता था। दिलावर ने जब उससे पैसे माँगे तो वह घर से अलग हो गया। कुछ दिनों बाद वह रायपुर छोड़कर चला गया। तीन साल पहले बेटे ने पुणे में होने की बात कही। पिछले साल उसने कहा कि उसका निकाह हो गया है और उसके ससुर ने उसे मलेशिया भिजवा दिया है। पुलिस उसके बेटे के बारे में पता कर रही है।

पुलिस का कहना है कि फर्जी दस्तावेज बनाने में जिन लोगों ने घुसपैठिए दिलावर खान और उसके परिवार की मदद की उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें मकान मालिक, दस्तावेज बनाने की अनुशंसा करने वाले लोग और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। उसकी मददगार के बारे में जानकारी सामने आयी है कि ये लोग रायपुर और रीवा में छिपे हो सकते हैं।

रायपुर में घुसपैठिए दिलावर और उसके परिवार ने 4 घर बदले हैं। उसने मजदूरी और फिर सड़क किनारे ठेला लगाया जिसपर अंडे और बिरयानी बेचे।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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